Muzaffarnagar News: पालिका के लाखों रुपये के वाहन कर दिये कबाड़, भ्रष्ट व्यवस्था की कई शिकायत सामने आई
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)।। नगरपालिका परिषद् में भ्रष्टाचार और लापरवाही की सीमा का कोई अंदाजा नहीं है। हाल ही में पालिका के अधिशासी अधिकारी के खिलाफ ही कर्मचारियों ने मोर्चा खोलकर विरोध किया तो कर्मचारियों के सहारे पालिका में चल रही भ्रष्ट व्यवस्था की कई शिकायत सामने आई, ऐसे में अब एक मामला और उजागर हुआ है।
पालिका के तीन कूड़ा वाहन लावारिस अवस्था में सड़क पर खड़े मिले हैं। इन वाहनों में कूड़ा भरा पड़ा और इनके पहिये से लेकर साइलेंसर, बैट्री तथा कई अन्य कीमती सामान भी गायब हैं। वाहन बुरी तरह से जर्जर अवस्था में है। पालिका के सभासद ने वाहनों की दुर्दशा देखी तो उन्होंने पालिकाध्यक्ष से शिकायत करते हुए जांच कर कार्यवाही करने की मांग की है।
इसके बाद पालिकाध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ईओ से रिपोर्ट देने के लिए कहा है। शहर के वार्ड ४४ के सभासद हकीम इरशाद ने रविवार को नगरपालिका परिषद् की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप से मिलकर उनको शिकायत पत्र सौंपा। सभासद ने इसमें कहा कि पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के नेतृत्वा वाला निर्वाचित समस्त बोर्ड पालिका को भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था देने के लिए कृकृत संकल्प होकर कार्य कर रहा है, लेकिन मेरे संज्ञान में एक ऐसा विषय आया है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की चरम सीमा की ओर इशारा कर रहा है।
शहर के मौहल्ला रामपुरी में कब्रिस्तान स्थित है। इसमें लद्दावाला, रामपुरी के साथ ही अन्य इलाकों के लोगों को सुपुर्दे खाक करने के लिए लोगों का आना जाना बना रहता है। जब वो विगत दिवस वहां पर गये तो कब्रिस्तान की दीवार के साथ नगरपालिका परिषद् के तीन कूड़ा वाहन जर्जर अवस्था में खड़े हुए मिले हैं। देखने में ये पूरी तरह से नये प्रतीत होते हैं, क्योंकि इन वाहनों की सीटों पर आज भी पॉलिथिन कवर चढ़ा हुआ हैं। इन तीन वाहनों में से काफी सामान गायब है, जो शायद चोरी कर लिया गया है। एक वाहन के चारों पहिये उताकर उसको ईंटों पर खड़ा किया गया है।
इसके अलावा वाहनों से साइलेंसर, बैट्री और अन्य कीमती सामान चुराया गया है। सभासद हकीम इरशाद का कहना है कि मेरे संज्ञान में जो आया है, उसके अनुसार इन तीन वाहनों की खरीद पूर्व पालिका बोर्ड के कार्यकाल में की गयी और करीब २०-२५ लाख रुपये पालिका द्वारा इस खरीद पर खर्च किये गये, लेकिन इन वाहनों के कब्रिस्तान पर खड़ा रहने से यह साफ तौर पर प्रतीत होता है कि खरीद के बाद इन वाहनों का जनहित की सेवा में कोई भी प्रयोग नहीं किया गया है। यदि यह खरीद वास्तव में पालिका द्वारा की गयी है तो इन वाहनों का ऐसे जर्जर होना एक गंभीर वित्तीय अनियमितता और घोर लापरवाही का मामला है। यदि ये वाहन पालिका ने खरीदे नहीं है तो यह वहां पर किसने पार्क कराये हैं, उसके खिलाफ भी जांच कर कार्यवाही होनी चाहिए।
क्योंकि पूर्व बोर्ड में पहले ही ३५ गारबेज टिपर वाहन खरीद के मामले में गंभीर घोटाला होने की चर्चाएं लोगों के बीच बनी हुई हैं। उन्होंने इसमें लिप्त पालिका अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्यवाही कराने की मांग की है। सभासद का कहना है कि वार्ड में कूड़ा निस्तारण के लिए पालिका के पास गाड़ियों की कमी है, ऐसे में तीन गाड़ी लावारिस खड़ी जर्जर हो गई, इसकी जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सभासद की शिकायत पर पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि उनके संज्ञान में तीन कूड़ा वाहनों के लावारिस खड़े रहने का मामला आया है। यह गंभीर विषय है। पालिका की सम्पत्ति को इस तरह से जर्जर हो जाना वित्तीय अनियमिता और लापरवाही को प्रदर्शित करता है।
सभासद की शिकायत पर उन्होंने ईओ को पूरी रिपोर्ट देने के लिए कहा है। रिपोर्ट आने के बाद मामले में दोषी पाये जाने वाले लोगों पर निश्चित ही कार्यवाही कराई जायेगी। पालिका की सम्पत्ति जनता के लिए है, इसको क्षति पहुंचाना या खुर्दबर्द करना गंभीर विषय है। हम पहले ही दिन से भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था देने के लिए काम कर रहे हैं।

