Muzaffarnagar News: राष्ट्रीय लोक अदालत की जन जागरूकता रैली निकाली
मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) न्यायालय परिसर से राष्ट्रीय लोक अदालत की जन जागरूकता हेतु महिला आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा एक विशाल रैली को जिला जज चमन प्रकाश ने हरी झंडी दिखाकर न्यायालय परिसर से रवाना किया
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश गॉड ने जानकारी देते हुए अवगत कराया की यह रैली न्यायालय परिसर से निकलकर कचहरी परिसर से होते हुए जनपद के सभी मुख्य मार्गो से होते हुए टाउन हॉल रोड स्थित नगर पालिका परिषद में जाकर समाप्त होगी आपको बता दे आगामी १४ मई को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा
जिसमें आपसी सुलह समझौते के तहत बैंक बिजली वह आपसे झगड़ों के मुकदमों को समझौता कराकर निस्तारण कराया जाएगा राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य यही है कि आम जनता को सस्ते से सस्ता न्याय उपलब्ध कराया जा सके। जिसकी वजह से छोटे मुकदमों के वाद कारी लंबे समय तक कोर्ट वह न्यायालय की लड़ाई में पिसते रहते है।
जिसकी वजहा से वाद करियो को काफी आर्थिक नुकसान हो जाता है। इसी क्रम में जन जागरूकता हेतु आंगनबाड़ियों के द्वारा क्षेत्र में एक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य रजनी पँवार के साथ सेकड़ो की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती मौजूद रही।
प्रतियोगिता का हुआ आयोजन’
मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) इंटरनेशनल डांस डे के अवसर पर किड्जी न्यू मंडी स्कूल में डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । जिसका उद्देश्य बच्चों कि नृत्य प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा बच्चों के मन में प्रतियोगिताओं में बढ़ – चढ़ कर भाग लेने कि इच्छा को जागृत करना रहा ।
डांस प्रतियोगिता के आयोजन पर स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती चारु भारद्वाज जी भी बच्चों का उत्साह वर्धन करने के लिए उपस्थित रही।
कार्यक्रम के आयोजन पर स्कूल की कार्डिनेटर श्रीमती शालिनी जैन जी ने बच्चों को इंटरनेशनल डांस डे के बारे में बताते हुए कहा कि – नृत्य एक ऐसा माध्यम है जिसकी मदद से लोग अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं। दुनिया के इस खास अंदाज को एक खास दिन के माध्यम से मनाने का फैसला यूनेस्को में २९ अप्रैल १९८२ को किया गया था।
डांस के रिफार्मर महान नर्तक जीन जार्ज नावेरे के जन्म की याद में इस दिन को अन्तर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। अन्तर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस की शुरूआत करने का कारण लोगों को इसकी खासियत बताने के लिए किया गया था।
क्योंकि बहुत से लोगों को नृत्य में रूचि नहीं होती थी। जीन जार्ज चाहते थे कि नृत्य को बच्चों के शिक्षा में एक आवश्यक अंग के रूप में शामिल किया जाए।
मायरा , शिवाय , रिद्धि शर्मा ,शाम्भवी ,अवयुक्त,कूंज, अलिश्का ,आदि बच्चों ने प्रतिभाग लिया ।डांस प्रतियोगिता के आयोजन में स्कूल कि सभी शिक्षिकाओं का भरपूर योगदान रहा।

