Muzaffarnagar News: कार्यशाला जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) बालविवाह रोकने हेतु कार्यशाला जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गयाग् बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम २००६ के विषय मे दी गई जानकारी बाल विवाह की इस सामाजिक कुरीति को समाज से मिटाने एवम जनपद को बाल विवाह मुक्त बनाने को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने शपथ ली गयी।
जनपद मुजफ्फरनगर नगर क्षेत्र नई मंडी मुजफ्फर नगर के वैदिक पुत्री पाठशाला कन्या इंटर कालेज, नई मंडी मुजफ्फर नगर मे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के आदेश एवम जिलाधिकारी महोदय अरविंद मलप्पा बंगारी, मुख्य विकास अधिकारी महोदय संदीप भागिया और जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी मैत्री रस्तोगी के निर्देशन में जनपद मुजफ्फर नगर के नगरीय क्षेत्र के वैदिक पुत्री पाठशाला कन्या इंटर कॉलेज नई मंडी में बाल विवाह को रोकने हेतु डा राजीव कुमार अध्यक्ष बाल कल्याण समिति द्वारा जन जागरूकता कार्यक्रमध् कार्यशाला एवम शपथ का आयोजन किया गया।
जिसमें च्च्सामाजिक संस्था ग्रामीण समाज विकास केंद्रज्ज् द्वारा भी प्रतिभाग किया गया। विद्यालय मे अध्ययनरत छात्राओं को बाल विवाह के बारे में जागरूक किया गया और बाल विवाह न करने, बाल विवाह को रोकने एवम इस सामाजिक कुरीति को समाज से मिटाने हेतु छात्रा परिधि द्वारा शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के आयोजक बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ राजीव कुमार ने बताया कि आज आज जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी, मुख्य विकास अधिकारी संदीप भागिया और जिला बाल विभाग प्रतिषेध अधिकारी मैत्री रस्तोगी के निर्देशन में वैदिक पुत्री पाठशाला कन्या इंटर कॉलेज नई मंडी में बाल विवाह को रोकने हेतु जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया
जिसमें बालिकाओं को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई और बाल विवाह जैसे कुरीतियों को जड़ से खत्म करने का आवाह्न किया गया। उन्होंने बताया कि यदि जनपद में कही भी बाल विवाह(नाबालिग का विवाह) किया जाता है तो जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति, स्थानीय पुलिस, आपातकालीन पुलिस सेवा ११२, महिला हेल्प लाइन १८१ एवम चाइल्डलाइन १०९८ को सूचना दें ताकि समय पर हस्तक्षेप करके बाल विवाह को रूकवाया जा सके।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम २००६ के अनुसार बाल विवाह गैर कानूनी है जिसमें बाल विवाह करवाने वाले व शामिल होने वाले सभी लोगों को २ वर्ष का कारावास या एक लाख तक का जुर्माना या दोनों हो सकते है। बाल विवाह निषेध अधिनियम २००६ के तहत बाल विवाह अपराध है और गैर जमानती है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डा राजेश कुमारी ने बाल विवाह से जीवन में होने वाली बाधाओं से अवगत कराया और बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति के सन्दर्भ में विचार व्यक्त किए। प्रवक्ता रश्मि रानी ने बालिकाओं को बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया।

