Muzaffarnagar News: श्री कृष्ण गौशाला में हुई गायों की पूजा,विशाल भंडारा आयोजित
Muzaffarnagar News:मुजफ्फरनगर। पचेंडा रोड स्थित श्री कृष्ण गौशाला पर गोपाष्टमी के पर्व पर एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में प्रमुख समाज सेवी फूलचंद कंसल एवं भीमसेन कंसल उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन मित्रसेन कथूरिया ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सतीश गोयल टिहरी वाले मौजूद रहे।
सर्वप्रथम प्रातः काल यज्ञ हवन के उपरांत गो पूजन संपन्न हुआ। तत्पश्चात विशाल भंडारा आयोजित किया गया। इस गौशाला के संस्थापक स्वर्गीय रामस्वरूप मेंदीरत्ता थे जिन्होंने १२ व्यक्तियों की कमेटी संचालन हेतु नियत की थी जो आज भी कार्यरत है। पिछले १८ वर्षों से यहां गोपाष्टमी का कार्यक्रम बराबर आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता राजकुमार कालरा, जिला पंचायत सदस्य पंडित जय भगवान शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार रहेजा ने भी अपने-अपने विचार प्रकट किए और गौ माता की सेवा करने का संकल्प लिय। कार्यक्रम में सिद्ध पीठ वाले गुरुजी पंडित संजय कुमार ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने जिस दिन पहली बार गाय चराने का मन बनाया था और वे वन में गायों को चराने के लिए गए थे।
उसी की स्मृति में प्रतीक रूप से गोपाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व धूलि आठे के नाम से प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि सभी शास्त्रों में गौ माता की सेवा और पूजन को शास्त्र सम्मत बताया गया है।
गौशाला के प्रबंधक पंडित राजा भैया मिश्रा ने बताया कि बिना सरकारी अनुदान के यह गौशाला आम जनमानस के सहयोग से कार्यरत है और यहां विकलांग और बूढ़ी गायों की निरंतर सेवा की जाती है। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम के चेयरमैन अजय चौहान ने आए हुए श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि गौशाला की उन्नति के लिए आप सभी के सुझाव आमंत्रित हैं।
गोपाष्टमी पर गायों की पूजा की
मुजफ्फरनगर। गोपाष्टमी के अवसर पर पालिका अध्यक्ष द्वारा गौशाला पहुंचकर रानी और धावली गाय की पूजा पालिका अध्यक्ष श्रीमती अंजू अग्रवाल उनके पति इंजीनियर अशोक अग्रवाल पुत्र अभिषेक अग्रवाल, पुत्रवधू श्रीमती वंशिका अग्रवाल के साथ गोपाष्टमी के अवसर पर शहर गौशाला पहुंची। वहां पर पहुंचकर सर्वप्रथम गौ माता की पूजा की और अपने हाथ से उन्हें आटे की पेडी खिलाई
वहीं पर मौजूद एक छोटे से गोवंश को देखकर पालिका अध्यक्ष ने उसे गोद में उठाया और प्यार किया तत्पश्चात भंडारे में शामिल होकर उसका आनंद लिया।

