सभासदों की बैठक को लेकर हंगामा
मुजफ्फरनगर। स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई सभासदों एवं सफाई नायकों की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। सफाई की बदहाली पर वार्ड सदस्यों ने खूब आरोप-प्रत्यारोप लगाए। खालापार के सभासदों ने एटूजेड प्लांट में कूड़ा नहीं डालने देने का एलान कर दिया। पेयजल, जलनिकासी और सफाई कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं होने के मुद्दे उठाए गए। आखिरकार बैठक बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई।चार जनवरी को स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था सही करने तथा सर्वेक्षण में स्थान पाने की रूपरेखा बनाने को शनिवार में सभासदों और सफाई नायकों की बैठक बुलाई गई थी। टाउन हाल में बैठक शुरू होते ही वार्ड सदस्यों और सफाई नायकों के बीच बैठने की व्यवस्था को लेकर हंगामा हो गया। प्रवीण पीटर, कर्मवीर समेत कई सदस्य उठकर चल दिए। सदर विधायक कपिल देव अग्रवाल और नगर मजिस्ट्रेट अतुल कुमार ने उन्हें रोका। विधायक ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए सबको मिलजुलकर काम करना है। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि वार्डों में समितियां गठित कर दी गईं हैं। यह सभासदों के साथ मिलकर काम करेंगी।
उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए सुझाव मांगे तो वार्ड सदस्य बदहाल सफाई व्यवस्था पर उखड़ गए। वार्डों में शौचालय नहीं बनने, पेयजल आपूर्ति नहीं होने के मामले उठाए गए। जलकल अभियंता पर फोन रिसीव नहीं करने के आरोप लगाए। सफाई नायकों ने कर्मचारियों की कमी बताई। बोनस, सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलने की भी शिकायत की। नगर पालिका से फावड़ा, रेहड़ा नहीं देने, आउटसोर्सिंग के 118 कर्मचारियों को पांच माह से वेतन नहीं मिलने तथा सेवानिवृत्तों को देयकों का भुगतान नहीं होने का मामला उठाया। खालापार के सभासदों ने एलान कर दिया कि वह एटूजेड प्लांट में कूड़ा नहीं डालने देंगे।
वहां कूड़े के अंबार लगे हैं। उनमें आग लगाई जा रही है। तालाबों में भरे गंदे पानी से कीड़े निकलकर घरों में घुस रहे हैं। करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर ठोस नतीजा नहीं निकल सका। बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएस राठी, सभासद ओम सिंह, अमित कुमार, हनी पाल, रिहाना नौशाद, राजीव शर्मा, प्रेम कुमार, उमा देवी, अन्नू कुरैशी, विपुल भटनागर, नरेश चंद मित्तल, इरफान अहमद, सलेकचंद, ममतेश आदि शामिल रहे। अध्यक्षता चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल और संचालन नगर मजिस्ट्रेट ने किया।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने की नारेबाजी
देयकों का भुगतान नहीं होने पर सेवानिवृत्त सफाई नायक रामदास नारेबाजी करते हुए सभागार में आ गए। बताया कि 17 जनवरी को भतीजी की शादी है, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। सेवानिवृत्त सफाईकर्मी रामकुमार के बेटे की भी शादी 28 जनवरी को है। उसे भी रुपया नहीं मिला।
चेयरपर्सन ने रोया बजट नहीं मिलने का रोना
मुजफ्फरनगर। प्रदेश की कई नगर पालिकाओं ने स्वच्छता सर्वेक्षण में इनाम जीते, लेकिन मुजफ्फरनगर का कहीं नाम नहीं आया। दरअसल सफाई के मामले में शहर की हालत बदतर है। शुक्रवार को निरीक्षण को आए सहारनपुर कमिश्नर सीपी त्रिपाठी ने भी इस पर नाराजगी जताई थी। उधर, नगरपालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने बैठक अभावों का रोना रो दिया। कहा कि बजट में कटौती हो रही है। खर्च कम कर आय के स्त्रोत बढ़ाने हैं। जब पालिका काम कर रहे सफाई कर्मचारियों का वेतन नहीं दे पा रही तो नए भर्ती करना संभव नहीं। सभासद मतभेद भुलाकर साथ मिलकर काम करें तो ही बेहतर परिणाम आ सकते हैं। वार्ड सदस्यों ने भी साफ कह दिया कि धरातल पर काम किए बिना स्वच्छता सर्वेक्षण में स्थान पाने की उम्मीद बेमानी है। बेहतर काम तभी होगा जब सफाई कर्मचारी पर्याप्त हों। शहर से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण किया जाए। सभासदों ने अफसरों तक को ताकीद कर दिया कि जिम्मेदारियों को हवा में न निभाएं। जमीन पर उतरकर हकीकत को देखें। यही हाल रहा तो मुजफ्फरनगर सर्वेक्षण में आखिरी नंबर पर भी नहीं आएगा।
