Naseeruddin Shah का BJP पर हमला, SRFTI छात्रों के समर्थन में बोले- असहमत लोगों को डराया जा रहा
अभिनेता Naseeruddin Shah ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा करते हुए शाह ने दावा किया कि चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने संस्थान के छात्रों को नोटिस दिए जाने, निगरानी में रखे जाने, धमकियां मिलने और हॉस्टल खाली करने के आदेश का मुद्दा उठाया।
शाह के मुताबिक, संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे, लेकिन उनकी मांगों पर संवाद करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। अभिनेता ने आरोप लगाया कि असहमति की आवाज को दबाने और लोगों को अपनी सोच बदलने के लिए मजबूर करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ये आरोप अभिनेता की ओर से लगाए गए हैं। मामले में छात्रों और संस्थान के प्रशासन के पक्ष अलग-अलग हैं।
25 दिनों से धरने पर बैठे हैं SRFTI के छात्र
कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्र करीब 25 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आंदोलन कैंपस में हुई कथित हिंसा, सुरक्षा व्यवस्था में कमी और संस्थान के प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार भी किया है।
छात्रों के मुताबिक, यह विरोध 27 सितंबर को संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई कथित झड़प के बाद शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनके विरुद्ध जारी नोटिस वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा छात्र संस्थान के कुलपति संतोष अजमेरा के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि संस्थान में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इन सुविधाओं से वंचित करना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि कैंपस में सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया है।
प्रशासन ने पढ़ाई रोकने और हॉस्टल खाली करने का दिया था आदेश
विवाद के बीच संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोकने की घोषणा की थी। इसके साथ ही छात्रों को 24 घंटे के भीतर हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया गया था। छात्रों ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया और अपना विरोध जारी रखा।
दूसरी ओर, संस्थान के प्रशासन ने छात्रों के व्यवहार और अनुशासन को लेकर अलग पक्ष रखा है। प्रशासन का आरोप है कि कुछ छात्र अपना कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को कक्षाओं में जाने से रोक रहे थे। प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। इन छात्रों पर शिक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ मारपीट करने सहित अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं।
इस तरह विवाद का केंद्र केवल कैंपस की सुरक्षा नहीं, बल्कि छात्रों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई, पढ़ाई रोकने के फैसले और हॉस्टल खाली कराने के आदेश भी बन गए हैं। छात्र जहां सुरक्षा और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन ने अनुशासन से जुड़े आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के नतीजों के बिना किसी पक्ष के दावों को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।
नसीरुद्दीन शाह ने बीजेपी की नीतियों पर उठाए सवाल
नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में आरोप लगाया कि बीजेपी अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और उससे असहमत लोगों को डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने SRFTI के छात्रों के मामले को इसी संदर्भ में उठाते हुए कहा कि प्रशासन से सवाल पूछने वाले विद्यार्थियों को नोटिस और अन्य कार्रवाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अभिनेता लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। इस बार भी उन्होंने छात्रों के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया और युवा पीढ़ी की आवाज को महत्वपूर्ण बताया। उनके बयान के बाद संस्थान में जारी विरोध और छात्रों के साथ प्रशासन के व्यवहार को लेकर बहस फिर चर्चा में आ गई है।
जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का भी किया था समर्थन
नसीरुद्दीन शाह इससे पहले जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के समर्थन में भी सामने आए थे। यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में किया गया था। प्रदर्शन के दौरान बच्चों के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद शाह ने सरकार की कड़ी आलोचना की थी।
उस समय साझा किए गए वीडियो में उन्होंने कहा था कि यदि किसी देश का नेतृत्व अज्ञानी व्यक्ति के हाथों में हो, तो वह पूरे देश को भी उसी तरह अज्ञानी, असमझदार और बेरहम बनाना चाहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रति अपनी सहानुभूति जताते हुए कहा था कि अभिनय के प्रशिक्षण के दौरान और विद्यार्थियों को पढ़ाते समय उन्होंने उनसे भी बहुत कुछ सीखा है।
शाह ने अपने संदेश में विद्यार्थियों को हिम्मत नहीं हारने और अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि बहुत से लोग उनके साथ हैं और उन्हें युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है। सरकार को संबोधित करते हुए अभिनेता ने कहा था कि सब कुछ याद रखा जाएगा।
छात्रों से बोले- हिम्मत न हारें, कई लोग आपके साथ हैं
जंतर-मंतर के आंदोलन के दौरान शाह ने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के साथ एकजुटता जताई थी। उन्होंने छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की और इसे लेकर सरकार की आलोचना की थी। अपने संदेश में उन्होंने विद्यार्थियों से संघर्ष जारी रखने और निराश न होने की अपील की थी।
उनका मौजूदा बयान भी इसी तरह छात्रों के अधिकारों, असहमति और प्रशासन की जवाबदेही से जुड़े सवालों पर केंद्रित है। हालांकि, SRFTI का विवाद स्थानीय स्तर पर कैंपस की सुरक्षा और अनुशासनात्मक कार्रवाई से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए पूरे मामले को समझने के लिए छात्रों की मांगों और प्रशासन के आरोपों, दोनों पर ध्यान देना जरूरी है।
SRFTI विवाद में अब आगे क्या?
SRFTI में जारी आंदोलन के बीच सबसे अहम सवाल यह है कि छात्रों की सुरक्षा संबंधी मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और उनके खिलाफ जारी कार्रवाई पर क्या फैसला होता है। पढ़ाई रोकने और हॉस्टल खाली करने के आदेश को लेकर भी विवाद बना हुआ है। छात्रों और प्रशासन के बीच संवाद तथा आरोपों की निष्पक्ष जांच से ही मामले का समाधान निकलने की संभावना है।
नसीरुद्दीन शाह के बयान ने इस विवाद को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अभिनेता ने बीजेपी पर असहमति रखने वालों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जबकि संस्थान के प्रशासन ने छात्रों पर अनुशासनहीनता के आरोप लगाए हैं। अब इस मामले में आगे होने वाली कार्रवाई और संबंधित पक्षों के रुख पर नजर रहेगी।
नसीरुद्दीन शाह ने SRFTI छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए बीजेपी पर असहमत आवाजों को दबाने का आरोप लगाया है। वहीं, संस्थान का प्रशासन कुछ छात्रों पर अनुशासनहीनता के आरोप लगा चुका है। विवाद का समाधान छात्रों की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और निष्पक्ष जांच के जरिए निकलना महत्वपूर्ण होगा।

