पीजेंट वैलफेयर एसोसिएशन-प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। पीजेंट वैलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक बालियान ने एक ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपा।ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने देश में किसानो के गन्ने का बकाया भुगतान कराने के लिए किसान हित में चीनी का न्यूनतम एक्स-मिल बिक्री मूल्य ३१०० रूपये प्रति कुंतल से बढ़ा कर ३५०० रूपये प्रति कुंतल करने के सम्बन्ध में अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने भारतीय किसान यूनियन सहित देश के किसानों की मांग पर वर्ष २०१८ में देश में पहली बार किसान हित में चीनी का न्यूनतम एक्स-मिल बिक्री मूल्य तय किया था। इस निर्णय से देश में चीनी के दाम में स्थिरता आ गई थी। तथा चीनी मिलों द्वारा गन्ना भुगतान में तेजी आई थी।
यह किसान हित का एक अच्छा कदम था। भारतीय किसान यूनियन सहित देश के किसानों का कहना है कि देश में किसानों का गन्ना भुगतान अत्यधिक बकाया है, इसलिए चीनी का न्यूनतम एक्स-मिल बिक्री मूल्य कम ३१०० रूपये प्रति कुंतल से बढ़ा कर ३५०० रूपये प्रति कुंतल किया जाना चाहिए।
ताकि किसानों को अतिशीघ्र उसका बकाया भुगतान मिल सके। चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य चीनी का एक्स मिल रेट होता है, जिस पर चीनी मिलें चीनी बेचती हैं या मिल से जिस कीमत पर चीनी बाहर निकलती है। विश्व बाजार में चीनी के दाम नीचे होने के कारण इसका असर घरेलू मंडियों में चीनी के भाव पर पड़ता है।
यही कारण है कि गन्ना किसानों गन्ना का बेहतर मूल्य नहीं मिलता है। और न ही समय से भुगतान मिलता है। किसानों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार चीनी का न्यूनतम एक्स-मिल बिक्री मूल्य बढ़ने के लिए अतिशीघ्र कदम उठाएगी, जिससे किसानो को चीनी मिलों पर गन्ने का बकाया भुगतान मिल सके।
अतः पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन का आपसे अनुरोध है कि किसानो को गन्ने का गन्ने का बकाया भुगतान कराने के लिए चीनी का न्यूनतम एक्स-मिल बिक्री मूल्य ३१०० रूपये प्रति कुंतल से बढ़ा कर कम से कम ३५०० रूपये प्रति कुंतल करने के सम्बन्ध में समुचित कार्यवाही करने का कष्ट करें।
उन्होंने इसकी एक प्रति डॉ संजीव बालियान, केन्द्रीय पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली व सुरेश राणा, गन्ना मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ। माननीय गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश को भी दिया। इस दौरान पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन-सदस्य सलाहकार समिति सुभाष चौधरी, डॉ राजमोहन, राजेन्द्र पंवार एडवोकेट, कामरान हसनेन एडवोकेट, रजनीश सहरावत, विनीत बालियान, धर्मेन्द्र बालियान एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
