Muzaffarnagar: प्रत्याशियो की हार-जीत की गुणाभाग में जुटे समर्थक, किस प्रत्याशी के पक्ष मे हवा रही?
मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar)हाल ही सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव के बाद अब प्रत्याशियों की सम्भावित हार-जीत हर आम व खास व्यक्ति के बीच चर्चा का विषय है। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुडे लोगों एवं समर्थको मे ही बल्कि आमजन मे भी अब चुनाव परिणाम की चर्चा है।
प्रत्याशी समर्थक चुनावी आंकडे फिट कर अपने प्रत्याशी की सम्भावित जी मान कर चल रहे हैं। वहीं गली-मौहल्ले से लेकर बाजार-घाट तक हर और बस चुनावी चर्चा हैं कि चुनाव मे किस दल के प्रति मतदाताओं का क्या रूख रहा। चुनाव मे किस प्रत्याशी के पक्ष मे हवा रही। चुनाव मे नगर क्षेत्र मे क्या स्थिती रही तथा गांव देहात के मतदाताओं का क्या रवैया रहा। इस चुनाव मे क्या खास बात रही आदि विभिन्न बातों को लेकर जनचर्चा है।
भारत निर्वाचन आयोग के निदेशो के चलते जिला पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच जनपद मे शांति एवं शुचितापूर्ण माहौल के बीच चुनाव समपन्न हो गया। अब कई लोग जातिगत आधार पर प्रत्याशियों की सम्भावित हारजीत के अांकडे फिट करने मे लगे हैं। राजनीति मे रूचि रखने वाले हर व्यक्ति के बीच मतदान से लेकर परिणाम तक सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक चर्चा हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि पिछले चुनावों की अपेक्षा यह चुनाव कुछ अलग तरह का रहा। अलग प्रकार से तात्पर्य इस चुनाव मे स्थानीय मुददे/जनहित के मुददे गौंण रहे। इस बार चुनाव में लोगों के बीच बिजली, पानी, सिंचाई, खाद-बीज की उपलब्धता ना होना। मंहगाई तथा भ्रष्टाचार आदि मुददे कहीं चर्चाओ मे नजर नही आए। बल्कि इस सब से दिगर केन्द्र मे किस दल की सरकार मन सकती है।
सत्तारूढ दल की क्या उपलब्धि रही। विश्व पटल पर भारत को क्या पहचान मिली तथा देश की सुरक्षा तथा महिला सम्मान एवं नारी सुरक्षा, श्रीराम मन्दिर का जिर्णोद्धार,हिन्दुत्व आदि कई ऐसी चीजें रही जो लोगो के बीच चर्चाओं मे देखी व सुनी गई। चुनाव से लेकर परिणाम तक की लम्बी अवधि अब सिर्फ राजनीतिक चर्चा मे ही बीतने वाली है। ऐसा देखने को मिल रहा है।
हर और बस चुनावी चर्चा हर आम व खास के बीच राजनीतिक चर्चा है। इस चुनाव के परिणाम क्या होंगे, चुनाव मे किस प्रत्याशी के सिर जीत का सेहरा बंधेगा तथा किस प्रत्याशी को हार का सामना करना होगा यह तो 4 जून को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल वोटों की बाजीगरी मे हर कोई मश्गूल है। तथा प्रत्याशी एवं उनके समर्थक सम्भावित जीत मानकर चल रहे हैं।

