संपादकीय विशेष

आलू और प्याज के दाम बेलगाम, प्रशासन के काउंटर बंद: निगरानी में ढील से बढ़े दाम

मुजफ्फरनगर। आलू और प्याज के दाम फिर आसमान छू रहे हैं। मुनाफाखोरी रोकने के लिए प्रशासन ने कूकड़ा मंडी में जो बिक्री काउंटर बनाए थे, वह बंद हो गए हैं। दाम बढ़ने से गृहणियों की रसोई का बजट बढ़ गया है।

आलू और प्याज के दामों में एक सप्ताह से लगातार उछाल आ रहा है। फुटकर में आलू 45 से 50 रुपये प्रति किलो और प्याज 65-70 रुपये प्रति किलो बेची जा रही है।

वहीं टमाटर के दाम 45 रुपये प्रति किलो तक हैं। रेस्टोरेंट और ढाबों पर प्याज से बने व्यंजन महंगे हो गए हैं। साथ ही सलाद में प्याज के लिए अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं।

20 दिन पूर्व भी ऐसे ही हालात हो गए थे, तब प्रशासन ने नवीन में गेट नंबर एक और चार पर काउंटर लगवाए थे। यहां पर प्याज व टमाटर 35 रुपये और आलू 30 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराए जा रहे थे।

प्रशासन ने एलान किया था कि शहर के बाद कस्बों में भी इसी प्रकार काउंटर लगाए जाएंगे, लेकिन देहात में काउंटर नहीं लगे। उल्टे नवीन मंडी के काउंटर भी बंद हो गए। जनपद में फिर से आलू और प्याज की जमाखोरी और मुनाफाखोरी हो रही है। इससे इन उत्पादों के दामों में उछाल है।

निगरानी में ढील से बढ़े दाम
आलू, प्याज व टमाटर के स्टाक की जांच के लिए जनपद में पांच टीम गठित की गई थी। शहर में सिटी मजिस्ट्रेट, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, विपणन अधिकारी को चेकिग की जिम्मेदारी दी गई थी।

इसी क्रम में सभी तहसीलों में संबंधित एसडीएम, संबंधित पूर्ति निरीक्षक व संबंधित मंडी सचिव को जिम्मेदारी दी गई थी। इन अधिकारियों को प्रति दिन की रिपोर्ट एडीएम वित्त एवं राजस्व आलोक कुमार को देनी थी। निगरानी समिति की ढील के चलते आलू, प्याज के दाम एक सप्ताह में तेजी से बढ़े हैं।

आढ़तियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी
जिला आपूर्ति अधिकारी ब्रिजेश कुमार शुक्ला ने बताया कूकड़ा मंडी में आलू, प्याज व टमाटर के थोक व फुटकर विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई।

जमा स्टाक और दाम की जानकारी ली। फुटकर में प्याज 40 से 50 और थोक में 38-40 रुपये प्रति किलो बताई गई। किसी के यहां पर रेट लिस्ट लगी नहीं मिली। दुकानदारों को हिदायत दी गई कि रेट लिस्ट चस्पा की जाए। मूल्य वृद्धि की जानकारी देने के लिए मंत्री सचिव को निर्देश दिए गए हैं।

आलू और प्याज के दामों में उछाल आया है। दो-तीन दिन से नवीन मंडी के गेट पर जो काउंटर लगाए गए थे, वह फिलहाल बंद है। दरअसल, जरूरी कार्य के चलते काउंटर पर बैठने वाले नहीं आ रहे हैं। फिर से काउंटर स्थापित किए जाएंगे।–आरके सिंह, मंडी समिति सचिव

Editorial Desk

संपादकीय टीम अनुभवी पेशेवरों का एक विविध समूह है, जो मीडिया उत्कृष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्ध है। अकादमिक, पत्रकारिता, कानून और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता के साथ, प्रत्येक सदस्य अद्वितीय दृष्टिकोण और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री प्रदान करने के प्रति जुनून लाता है। टीम में वरिष्ठ संपादक, लेखक और विषय विशेषज्ञ शामिल हैं, जो व्यापक, समयबद्ध और आकर्षक लेख सुनिश्चित करते हैं। सार्थक वार्तालापों को बढ़ावा देने और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने के लिए समर्पित, टीम समाज को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर पाठकों को अच्छी तरह से सूचित रखती है।

Editorial Desk has 430 posts and counting. See all posts by Editorial Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ten − 2 =