Rajpal Yadav पर 250 करोड़ रुपये के निजी नुकसान का दावा, 16.61 करोड़ के कर्ज से पैतृक घर पर कार्रवाई; चेक बाउंस से जेल तक की पूरी कहानी
News-Desk
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55 वर्षीय राजपाल यादव ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में अपनी आर्थिक स्थिति और कर्ज से जुड़े विवाद पर बात करते हुए कहा कि वह जिम्मेदार व्यक्ति हैं और जिन लोगों का पैसा उनके ऊपर बकाया है, उसे लौटाएंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उन्होंने 200 लोगों से भी पैसा लिया है तो उसे चुकाने की जिम्मेदारी उनकी है।
राजपाल का यह बयान ऐसे समय आया है जब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े करीब 16.61 करोड़ रुपये के कर्ज के मामले में उनकी संपत्ति पर कार्रवाई की खबर सामने आई है। शाहजहांपुर स्थित उनके पैतृक मकान पर बैंक की ओर से नोटिस चस्पा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
एक तरफ बैंक और अदालत से जुड़े मामले हैं, तो दूसरी ओर अभिनेता अपनी पेशेवर जिंदगी को आगे बढ़ाने में जुटे हुए हैं। राजपाल ने दावा किया कि आर्थिक परेशानियां उनकी पूरी पहचान नहीं हैं और आज भी लोग उन्हें उसी प्यार से देखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एयरपोर्ट पर सैकड़ों लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए खड़े होते हैं।
13 साल में 200 से 250 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा
राजपाल यादव ने बातचीत में अपने आर्थिक संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया। उनके अनुसार पिछले 13 वर्षों में उन्हें निजी तौर पर लगभग 200 से 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
अभिनेता ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति विशेष रूप से 2013 से 2016 के बीच प्रभावित हुई। इस दौरान उन्हें विदेशों में होने वाले कई कार्यक्रमों और टूर से हाथ धोना पड़ा।
उन्होंने बताया कि इस अवधि में उनके कम से कम 50 विदेशी टूर छूट गए और उनकी फीस में भी भारी गिरावट आई। राजपाल ने उदाहरण देते हुए कहा कि जहां उन्हें 100 रुपये मिलने चाहिए थे, वहां कई बार केवल 10 रुपये ही मिले।
हालांकि, आर्थिक नुकसान की चर्चा करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि वह कला को पैसों से ऊपर रखते हैं। उनके अनुसार वह आर्ट के स्टूडेंट हैं और उनके लिए अपने काम में परफेक्शन हासिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण रहा है।
‘जिनका पैसा बकाया है, उन्हें वापस करूंगा’
आर्थिक विवादों के बीच राजपाल यादव ने अपने ऊपर बकाया रकम को लेकर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों से उन्होंने पैसा उधार लिया था, उसे उन्होंने कुछ मामलों में चुका दिया है और बाकी रकम भी लौटाने की कोशिश कर रहे हैं।
राजपाल ने यह भी कहा कि यदि उन्होंने 200 लोगों से पैसा लिया है, तो वह सभी का पैसा लौटाएंगे। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति चाहे जैसी हो, जिम्मेदारी से भागना उनका उद्देश्य नहीं है।
अभिनेता ने अपनी पहचान और आर्थिक स्थिति के बीच फर्क करते हुए कहा कि उन्हें पैसे के आधार पर खरीदा नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आर्थिक परेशानियां उनके पूरे करियर को परिभाषित नहीं करतीं।
‘कोई मुझे 5 करोड़ या 250 करोड़ में नहीं खरीद सकता’
राजपाल यादव ने अपनी बातचीत में अपनी व्यक्तिगत पहचान को लेकर भी मजबूत बात कही।
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें 5 करोड़ या 250 करोड़ रुपये में नहीं खरीद सकता। उनके अनुसार पैसा उनकी पूरी पहचान नहीं है।
अभिनेता ने यह भी बताया कि आज भी जब वह एयरपोर्ट पर पहुंचते हैं तो बड़ी संख्या में लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए आगे आते हैं।
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उनका नाम लगातार कर्ज और अदालत से जुड़े विवादों में सामने आ रहा है। राजपाल के लिए यह अपने प्रशंसकों के साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव को बताने का एक तरीका भी रहा।
सेंट्रल बैंक से जुड़े 16.61 करोड़ रुपये के कर्ज का मामला
राजपाल यादव की मौजूदा आर्थिक मुश्किलों में सबसे अहम मामला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े कर्ज का है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मुंबई स्थित बैंक शाखा से राजपाल यादव ने अपनी पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी के नाम पर करीब 16.61 करोड़ रुपये का लोन लिया था।
कर्ज की अदायगी नहीं होने के बाद बैंक की ओर से कार्रवाई शुरू की गई। शाहजहांपुर में स्थित उनके पैतृक मकान पर बैंक का नोटिस चस्पा किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस कार्रवाई ने राजपाल यादव के आर्थिक विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
शाहजहांपुर के पैतृक घर पर चस्पा हुआ नोटिस
राजपाल यादव का पैतृक संबंध उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से है। बैंक की ओर से कर्ज वसूली की कार्रवाई के तहत उनके पैतृक घर पर नोटिस लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
नोटिस में बकाया कर्ज से जुड़ी कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। इस संपत्ति को लेकर बैंक की कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान खींचा है।
अभिनेता का यह घर उनके शुरुआती जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है। इसलिए संपत्ति पर कार्रवाई की खबर उनके व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चेक बाउंस विवाद की शुरुआत फिल्म बनाने के लिए लिए कर्ज से हुई
राजपाल यादव का आर्थिक विवाद नया नहीं है। उनके खिलाफ चर्चित चेक बाउंस मामला वर्ष 2010 से जुड़ा बताया जाता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
फिल्म 2012 में रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी।
फिल्म के प्रदर्शन के बाद कर्ज की अदायगी को लेकर विवाद सामने आया और फिर चेक बाउंस से जुड़ा मामला अदालत तक पहुंचा।
‘अता पता लापता’ के बाद बढ़ती गई कानूनी परेशानी
फिल्म के फ्लॉप होने के बाद आर्थिक दबाव बढ़ने की बात सामने आई। इसके बाद वर्ष 2013 से चेक बाउंस से जुड़ा मामला अदालत में चलता रहा।
यह मामला कई वर्षों तक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बना रहा और समय-समय पर राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ती रहीं।
एक अभिनेता के लिए खुद का प्रोडक्शन और फिल्म निर्माण आर्थिक रूप से बड़ा जोखिम हो सकता है। फिल्म सफल होने पर निवेश का लाभ मिलता है, लेकिन असफलता की स्थिति में कर्ज और अन्य वित्तीय दायित्व लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
राजपाल के मामले में भी फिल्म निर्माण से जुड़ा यह विवाद वर्षों तक उनका पीछा करता रहा।
चेक बाउंस मामले में जेल भी जा चुके हैं राजपाल यादव
राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले से जुड़ी कानूनी कार्रवाई के चलते जेल भी जाना पड़ा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार फरवरी 2026 में उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था और करीब 12 दिन तक जेल में रहे। बाद में उन्हें रिहा किया गया।
इसके बाद जुलाई में दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से कर्ज अदायगी के मामले में उनकी मंशा पर सवाल उठाते हुए सरेंडर से संबंधित आदेश की जानकारी सामने आई।
इस घटनाक्रम ने अभिनेता के आर्थिक और कानूनी विवाद को फिर राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया।
कानूनी मामलों के बीच फिल्मों पर भी काम जारी
आर्थिक और कानूनी विवादों के बावजूद राजपाल यादव का फिल्मी सफर रुका नहीं है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह अभिनेता अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘हैवान’ और सलमान खान के साथ ‘SVC 63’ से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
राजपाल की खासियत यही रही है कि आर्थिक और व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच भी उनका फिल्मी करियर लगातार चलता रहा है।
उनकी कॉमिक टाइमिंग और छोटे लेकिन प्रभावी किरदारों ने उन्हें हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान दी है।
कॉमेडी से बनाई ऐसी पहचान कि नाम बन गया भरोसे की गारंटी
राजपाल यादव उन कलाकारों में हैं जिन्होंने बिना मुख्य अभिनेता बने भी फिल्मों में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
2003 की ‘हंगामा’, 2005 की ‘गरम मसाला’, 2006 की ‘चुप चुप के’, ‘फिर हेरा फेरी’ और 2007 की ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों ने दर्शकों को खूब हंसाया।
उनकी संवाद अदायगी, चेहरे के भाव और कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें एक अलग तरह का स्टार बनाया।
विशेष रूप से निर्देशक प्रियदर्शन के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया।
प्रियदर्शन के साथ कई फिल्मों में दिखे राजपाल
राजपाल यादव ने प्रियदर्शन के निर्देशन में लगभग 8 से 10 फिल्मों में काम किया है।
प्रियदर्शन की फिल्मों में कॉमेडी अक्सर कई कलाकारों के बीच संतुलित तरीके से प्रस्तुत की जाती रही है और राजपाल इस शैली में बेहद प्रभावी साबित हुए।
उनके छोटे-छोटे किरदार भी कई बार फिल्म के सबसे यादगार हिस्सों में शामिल हो जाते थे।
यही कारण है कि राजपाल यादव का नाम बॉलीवुड के लोकप्रिय कॉमिक कलाकारों में मजबूती से स्थापित हुआ।
यश भारती सम्मान से भी नवाजे गए
राजपाल यादव को उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित यश भारती सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।
यह सम्मान उन्हें फिल्म ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ में अभिनय के लिए मिला था। इस फिल्म में उन्होंने कॉमेडी के साथ गंभीर अभिनय की क्षमता भी दिखाई थी।
यश भारती उत्तर प्रदेश के प्रमुख सम्मानों में शामिल रहा है और इससे पहले अमिताभ बच्चन तथा जया बच्चन जैसे बड़े नाम भी इस सम्मान से जुड़े रहे हैं।
राजपाल यादव के लिए यह सम्मान उनके अभिनय की विविधता की पहचान माना गया।
फिल्मफेयर और IIFA में भी नामांकन
राजपाल यादव को फिल्मफेयर और IIFA जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मंचों पर सर्वश्रेष्ठ कॉमिक अभिनेता की श्रेणी में नामांकन भी मिला।
हालांकि वह इन पुरस्कारों को जीत नहीं सके, लेकिन नामांकन इस बात का प्रमाण रहा कि उनके अभिनय को इंडस्ट्री और दर्शकों के बीच व्यापक पहचान मिली।
कॉमेडी के साथ-साथ गंभीर भूमिकाओं में भी अपनी क्षमता दिखाने वाले राजपाल ने धीरे-धीरे अपनी अलग शैली विकसित की।
मुंबई पहुंचकर पहला सपना था—जिंदा रहना
राजपाल यादव की जिंदगी की कहानी केवल बॉलीवुड की चमक-दमक तक सीमित नहीं है।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़ाई पूरी करने के बाद जब वह मुंबई पहुंचे तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती काम हासिल करना और शहर में टिकना था।
एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि मुंबई आने के बाद उनका पहला सपना स्टार बनना नहीं बल्कि जिंदा रहना था।
मुंबई जैसे बड़े शहर में बिना मजबूत फिल्मी संपर्क के करियर शुरू करना आसान नहीं था। उन्होंने छोटे-छोटे कामों से शुरुआत की और धीरे-धीरे पहचान बनानी शुरू की।
संघर्ष के दिनों में दूसरे कलाकारों का भी सहारा बने
राजपाल यादव ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया था कि उन्होंने लगभग 20 से 22 संघर्षरत कलाकारों को अपने घर पर खाना खिलाया।
अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी एक इंटरव्यू में राजपाल के घर के माहौल को लेकर ऐसी ही याद साझा की थी। उनके अनुसार राजपाल का घर संघर्षरत कलाकारों के लिए किसी लंगर जैसा था, जहां खाना और रहने की मदद मिलती थी।
यह किस्सा राजपाल के उस दौर को दिखाता है जब वह खुद संघर्ष कर रहे थे, लेकिन दूसरों की मदद करने से पीछे नहीं हटे।
छोटी हाइट बनी पहचान, स्कूल में मिले थे ‘छोटू’ जैसे नाम
राजपाल यादव की लंबाई करीब 5 फीट 1 इंच बताई जाती है। बचपन और स्कूल के दिनों में उनकी छोटी कद-काठी को लेकर दोस्तों ने उन्हें ‘छोटू’ और ‘बौना’ जैसे नामों से भी बुलाया।
बाद में यही अलग शारीरिक बनावट उनकी कॉमिक स्क्रीन पहचान का हिस्सा बन गई।
उन्होंने अपनी शारीरिक बनावट को कमजोरी बनने देने के बजाय अभिनय की अपनी शैली में शामिल कर लिया।
20 साल की उम्र में हुई थी पहली शादी
राजपाल यादव ने एक इंटरव्यू में अपने निजी जीवन के शुरुआती दौर के बारे में बताया था कि करीब 20 वर्ष की उम्र में परिवार ने उनकी शादी कर दी थी।
उस समय वह गांव में रहते थे और अपनी नौकरी की शुरुआत कर रहे थे।
उनकी पहली पत्नी का नाम करुणा था। शादी के बाद परिवार में बेटी ज्योति का जन्म हुआ।
लेकिन खुशी का यह दौर बेहद कम समय तक चला।
बेटी के जन्म के 15 मिनट बाद पत्नी का निधन
राजपाल यादव ने अपने जीवन की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक का जिक्र करते हुए बताया था कि बेटी के जन्म के करीब 15 मिनट बाद उनकी पहली पत्नी करुणा का निधन हो गया था।
उस समय राजपाल की उम्र करीब 20 वर्ष थी।
उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि अगले दिन वह अपनी पत्नी से मिलने वाले थे, लेकिन उन्हें उनकी पत्नी की अर्थी को कंधा देना पड़ा।
कम उम्र में पत्नी को खोना और साथ ही नवजात बेटी की जिम्मेदारी संभालना उनके जीवन की सबसे कठिन परिस्थितियों में से एक रहा।
बेटी ज्योति की देखभाल में उनकी मां और भाभी ने भी सहयोग किया।
कनाडा में हुई दूसरी पत्नी राधा से मुलाकात
बाद में राजपाल यादव की मुलाकात राधा यादव से कनाडा में हुई।
उस समय राजपाल अभिनेता सनी देओल और प्रीति जिंटा की फिल्म ‘हीरो: लव स्टोरी ऑफ अ स्पाई’ की शूटिंग के सिलसिले में वहां थे।
एक कॉमन फ्रेंड के माध्यम से दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे रिश्ता आगे बढ़ा।
इसके बाद 10 जून 2003 को राजपाल यादव और राधा ने शादी कर ली।
मुंबई की मुश्किल जिंदगी से बॉलीवुड की पहचान तक
राजपाल यादव का सफर इस मायने में भी अलग है कि उन्होंने किसी बड़े फिल्मी परिवार से आने के बजाय संघर्ष के जरिए अपना स्थान बनाया।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की ट्रेनिंग ने उन्हें अभिनय की मजबूत नींव दी। मुंबई में संघर्ष के दौरान छोटे किरदार मिले और धीरे-धीरे उनकी प्रतिभा को पहचान मिलने लगी।
टेलीविजन और फिल्मों में छोटे-छोटे रोल करते हुए उन्होंने बड़े पर्दे पर अपनी पहचान बनाई।
आखिरकार कॉमेडी उनके करियर की सबसे मजबूत पहचान बन गई।
2016 में राजनीति में भी रखा कदम
राजपाल यादव ने सिर्फ फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। वर्ष 2016 में उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी सर्व संभाव पार्टी (SSP) लॉन्च की।
पार्टी का गठन वृंदावन में किया गया था। राजपाल पार्टी के महासचिव और स्टार कैंपेनर की भूमिका में थे।
उन्होंने पार्टी का मूल संदेश ‘विवाद की नहीं, संवाद की राजनीति’ रखा था।
यह उनके सार्वजनिक जीवन का एक अलग अध्याय था।
गीता, कुरान, बाइबिल और संविधान की शपथ
पार्टी के गठन के दौरान राजपाल यादव ने धार्मिक और संवैधानिक मूल्यों को साथ रखने की कोशिश की थी।
उन्होंने गीता, कुरान, बाइबिल, गुरु ग्रंथ साहिब, रामायण और संविधान पर हाथ रखकर ईमानदारी से काम करने की शपथ लेने की बात कही थी।
उनका राजनीतिक प्रयोग काफी चर्चा में रहा, हालांकि चुनावी राजनीति में पार्टी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी।
2017 में यूपी की लगभग पूरी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सर्व संभाव पार्टी ने राज्य की लगभग 390 से 400 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा की थी।
पार्टी का मुख्यालय लखनऊ में था।
राजपाल यादव के भाई श्रीपाल सिंह यादव ने बिसलपुर और राजेश सिंह यादव ने तिलहर सीट से चुनाव लड़ा था।
हालांकि पार्टी को चुनाव में बड़ी सफलता नहीं मिली और उसका राजनीतिक प्रभाव सीमित रहा।
तीन बार मौत के मुंह से निकलने का दावा
राजपाल यादव ने अपने इंटरव्यू में जिंदगी में तीन गंभीर हादसों से बचने की बात भी बताई है।
उन्होंने बताया था कि एक बार गंगा में नहाते समय वह गहरे पानी में चले गए और बेहोश हो गए थे।
इसके अलावा एक घटना में वह बैलगाड़ी की चपेट में आने से बचे और एक अन्य मौके पर जंगली कुत्तों के हमले जैसी खतरनाक स्थिति का सामना किया।
इन घटनाओं को याद करते हुए अभिनेता ने अपनी जिंदगी के कई उतार-चढ़ाव साझा किए हैं।
आर्थिक संकट के बीच भी कलाकार वाली पहचान कायम रखने की कोशिश
आज राजपाल यादव का नाम एक तरफ बैंक और चेक बाउंस से जुड़े मामलों में सामने आ रहा है, तो दूसरी ओर वह फिल्मों में लगातार सक्रिय रहने की कोशिश कर रहे हैं।
उनका कहना है कि आर्थिक मुश्किलें उनके पूरे जीवन या करियर की पहचान नहीं हैं।
यह एक ऐसे कलाकार की कहानी है जिसने छोटे शहर और सीमित संसाधनों से निकलकर बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई, लेकिन फिल्म निर्माण और कर्ज से जुड़े विवादों ने उसके आर्थिक जीवन को लंबे समय तक प्रभावित किया।
राजपाल यादव के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं
कर्ज, बैंक की कार्रवाई और पुराने चेक बाउंस मामले उनके सामने कानूनी और वित्तीय चुनौतियां खड़ी करते हैं।
दूसरी तरफ आने वाली फिल्मों से उन्हें अपने फिल्मी करियर को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
यदि उनके नए प्रोजेक्ट सफल होते हैं तो आर्थिक स्थिति को संभालने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि मौजूदा कानूनी मामलों का समाधान अपनी अलग प्रक्रिया से ही होगा।
250 करोड़ के नुकसान का दावा कितना बड़ा है?
राजपाल यादव का 200 से 250 करोड़ रुपये के निजी नुकसान का दावा बेहद बड़ा है। उन्होंने इसे पिछले करीब 13 वर्षों की आर्थिक परेशानियों और काम से जुड़े नुकसान के संदर्भ में बताया है।
उन्होंने विशेष रूप से 2013 से 2016 के दौर में कम फीस और विदेशी कार्यक्रमों के छूटने को नुकसान का कारण बताया।
इस दावे का पूरा वित्तीय विवरण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं है, इसलिए इसे फिलहाल अभिनेता द्वारा दिया गया व्यक्तिगत आकलन ही माना जाना चाहिए।
वहीं बैंक से जुड़ा 16.61 करोड़ रुपये का कर्ज और उससे संबंधित कार्रवाई एक अलग कानूनी-आर्थिक मामला है।
फिल्मी चमक के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी
राजपाल यादव की कहानी में एक तरफ हंसी और मनोरंजन है, तो दूसरी तरफ निजी जीवन में गहरे दर्द और आर्थिक संघर्ष भी रहे हैं।
कम उम्र में पत्नी को खोना, अकेले पिता बनना, मुंबई में संघर्ष करना, दूसरे कलाकारों की मदद करना, फिल्मों में पहचान बनाना, खुद की फिल्म बनाना, राजनीतिक पार्टी शुरू करना और फिर लंबे कानूनी विवादों का सामना करना—उनका जीवन कई अलग-अलग मोड़ों से गुजरा है।
इसीलिए राजपाल यादव की मौजूदा आर्थिक परेशानी को केवल एक बैंक नोटिस या चेक बाउंस मामले तक सीमित करके देखना उनकी पूरी कहानी को अधूरा कर देगा।
अब नजर कर्ज विवाद और आने वाली फिल्मों पर
राजपाल यादव के सामने फिलहाल दो मोर्चे हैं। एक ओर पुराने कर्ज और कानूनी विवादों को सुलझाना है, दूसरी ओर अपने फिल्मी करियर को आगे बढ़ाना है।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े 16.61 करोड़ रुपये के कर्ज मामले में संपत्ति पर कार्रवाई की खबर सामने आई है। चेक बाउंस से जुड़े पुराने मामले में वह जेल भी जा चुके हैं।
इसके बावजूद वह फिल्मों में सक्रिय हैं और नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।
आने वाला समय यह तय करेगा कि राजपाल यादव अपने आर्थिक और कानूनी विवादों से किस तरह बाहर निकलते हैं और क्या उनकी फिल्मों से मिलने वाला काम उन्हें नई आर्थिक स्थिरता देने में मदद करता है।

