Meerut में खौफनाक वारदात! 12वीं की छात्रा आस्था की मां ने की गला दबाकर हत्या, मामा-ममेरे भाई ने काटा सिर, जानिए क्यों बना ऐसा नृशंस प्लान
Meerut जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। यह मामला एक 17 वर्षीय छात्रा की है, जिसे उसकी खुद की मां ने गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया, और फिर मामा-ममेरे भाई ने शव को ठिकाने लगाने के लिए सिर धड़ से अलग कर दिया।
आस्था उर्फ तनिष्का की मौत ने मचाई सनसनी, मोबाइल बना मौत की वजह!
घटना मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव की है। यहां की रहने वाली 12वीं की छात्रा आस्था उर्फ तनिष्का, जो कि केवल 17 साल की थी, बुधवार दोपहर अपने किसी दोस्त से फोन पर बात कर रही थी। अचानक उसकी मां राकेश देवी ने फोन छीन लिया और इसको लेकर मां-बेटी के बीच झगड़ा शुरू हो गया।
झगड़ा बढ़ा, और फिर मां ने गुस्से में दबा दिया बेटी का गला!
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस झगड़े ने इतना भयंकर रूप ले लिया कि राकेश देवी ने अपनी ही बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। ये वारदात दोपहर एक बजे के करीब हुई, जब घर में कोई और नहीं था।
हत्या के बाद मां ने रची ‘सबूत मिटाने’ की साजिश
हत्या के बाद राकेश देवी ने डर के चलते इस घटना की जानकारी अपने भाइयों को दी। इसके बाद उसके ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू, दो मामा और एक मौसेरे भाई गौरव कार से दादरी पहुंचे और सबूत मिटाने की घिनौनी योजना बनाई।
सिर काटकर अलग किया गया, फिर शव को बहादरपुर रजबहे में फेंका
हत्या के बाद इन चारों ने आस्था की लाश से सिर काट दिया और फिर धड़ को परतापुर क्षेत्र के बहादरपुर रजबहे में फेंक दिया। सिर को दूसरी जगह जानी गंगनहर में फेंकने की जानकारी मंजीत उर्फ मोनू से पूछताछ में सामने आई।
कटे हुए सिर की तलाश में पुलिस ने खंगाली नहर, जंगल और खेत
पुलिस ने जब मंजीत उर्फ मोनू को हिरासत में लिया तो उसने खुलासा किया कि आस्था का सिर गंगनहर में फेंका गया है। इसके बाद एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के निर्देश पर एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एएसपी ब्रह्मपुरी, और परतापुर थाना पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं।
गुरुवार देर रात तक तलाशी अभियान चलता रहा। सीसीटीवी फुटेज और इलाके में मिली एक स्विफ्ट कार को भी पुलिस ने कब्जे में लिया है, जिससे इस पूरे मामले में कई परतें खुलने की संभावना है।
सीडीआर ने खोले कई राज, पुलिस गौरव की तलाश में
पुलिस के अनुसार आस्था की हत्या के बाद उसके फोन कॉल रिकॉर्ड और कई संदिग्ध नंबरों की सीडीआर (Call Detail Record) निकाली गई है, जिसमें परिवार के भीतर और बाहर के कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं।
इस वारदात में शामिल मौसेरे भाई गौरव की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल वह फरार है और पुलिस उसे पकड़ने के लिए कई टीमों के साथ दबिश दे रही है।
जुर्म को छिपाने की नाकाम कोशिश, सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप
इस जघन्य हत्याकांड की खबर जब सोशल मीडिया और लोकल मीडिया चैनलों पर फैली, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि एक मां अपनी ही बेटी की हत्या कर सकती है, और उसके बाद पूरा परिवार मिलकर उसे छुपाने की कोशिश करे।
पुलिस का दावा – इस हत्याकांड में हो सकता है बड़ा षड्यंत्र
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। इस हत्या के पीछे कोई गहरा मनोवैज्ञानिक कारण या सामाजिक दबाव भी हो सकता है। पुलिस का यह भी कहना है कि आस्था के सिर की बरामदगी के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
क्या थी आस्था की निजी ज़िंदगी में कोई उलझन?
पुलिस अब इस दिशा में भी जांच कर रही है कि आस्था का किसी लड़के से रिश्ता तो नहीं था, या फिर मां को उस पर शक था। मोबाइल की कॉल डिटेल और चैट हिस्ट्री से पुलिस को कई सुराग मिले हैं, जो पूरे परिवार के सामूहिक जुर्म की पुष्टि कर रहे हैं।
स्कूल प्रशासन भी हैरान, आस्था थी होशियार छात्रा
दादरी के स्थानीय स्कूल में पढ़ने वाली आस्था को टीचर्स और साथी छात्रा बुद्धिमान और शांत बताया करते थे। स्कूल स्टाफ ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उसे कभी भी किसी से उलझते नहीं देखा गया।

