Meerut होटल मर्डर मिस्ट्री: तुर्कमेनिस्तान की महिला मुहब्बत सुनातोव्ना की हत्या से खुल सकता है मानव तस्करी का बड़ा नेटवर्क
Meerut रिठानी स्थित अविका होटल में तुर्कमेनिस्तान की नागरिक मुहब्बत सुनातोव्ना (40) की हत्या और उसके बाद शव का चेहरा और हाथ जलाकर मवाना क्षेत्र में फेंक देने की घटना में अब कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि मुहब्बत करीब 15 वर्ष पहले नौकरी के बहाने दुबई और नेपाल के रास्ते भारत पहुंची थी।
तुर्कमेनिस्तान के दूतावास द्वारा पासपोर्ट सत्यापन के बाद सामने आए तथ्यों ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है। इससे यह आशंका भी गहराने लगी है कि मुहब्बत को किसी मानव तस्करी गिरोह के जरिए भारत लाया गया हो सकता है। पुलिस अब इस एंगल से भी मामले की गहराई से जांच कर रही है।
दुबई और नेपाल के रास्ते भारत पहुंची थी महिला
जांच के दौरान मुहब्बत के पासपोर्ट का सत्यापन तुर्कमेनिस्तान दूतावास से कराया गया। पासपोर्ट पर दुबई और नेपाल की मुहर मिलने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वह इन देशों के रास्ते भारत आई थी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि उसे अवैध रूप से भारत लाया गया था, तो यह मामला मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क तक पहुंच सकता है। इस कारण जांच एजेंसियां इस पहलू को गंभीरता से देख रही हैं।
दिल्ली में रह रही महिला को दी गई पावर ऑफ अटॉर्नी
मुहब्बत की मां नाजमुदिनोवा गुलनारा, जो तुर्कमेनिस्तान में रहती हैं, ने कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली में रह रही उज्बेकिस्तान की नागरिक अजीजा को पावर ऑफ अटॉर्नी दी है।
अजीजा के साथ दिल्ली के समाजसेवी हेमंत शर्मा भी इस मामले में सक्रिय हैं और उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ हत्या का मामला नहीं बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है।
पासपोर्ट सत्यापन में सामने आई अहम जानकारी
समाजसेवी हेमंत शर्मा के अनुसार तुर्कमेनिस्तान दूतावास ने मुहब्बत के पासपोर्ट का सत्यापन कर उसकी प्रति उपलब्ध कराई है। यह प्रति मेरठ पुलिस को भी भेजी गई है।
इस दस्तावेज से यह भी संकेत मिला है कि मुहब्बत पिछले 15 वर्षों से बिना वैध वीजा के भारत में रह रही थी। इससे यह शक और गहरा गया है कि वह किसी गिरोह के प्रभाव में भारत लाई गई थी।
डीएनए जांच के लिए मां के नमूने की जरूरत
पुलिस के सामने अब एक बड़ी चुनौती मुहब्बत की पहचान को कानूनी रूप से साबित करने की है। इसके लिए पुलिस डीएनए परीक्षण कराना चाहती है।
इस प्रक्रिया के लिए मुहब्बत की मां गुलनारा के रक्त नमूने की आवश्यकता है, लेकिन गुलनारा का कहना है कि उनके पास भारत आने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं।
पुलिस ने इस संबंध में तुर्कमेनिस्तान दूतावास से भी संपर्क किया है और संभावना जताई जा रही है कि दूतावास की मदद से गुलनारा का रक्त नमूना भारत भेजा जा सकता है या फिर उन्हें भारत बुलाने की व्यवस्था की जा सकती है।
ब्लाइंड मर्डर के रूप में शुरू हुई थी जांच
यह मामला उस समय सामने आया था जब 21 फरवरी को मवाना क्षेत्र में एक महिला का जला हुआ शव मिला था। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी और पुलिस ने इसे ब्लाइंड मर्डर के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की थी।
बाद में 26 फरवरी को एक आधार कार्ड के आधार पर पुलिस ने इसे दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा का मामला बताया था। जांच में सामने आया था कि 17 फरवरी को रिठानी के पास स्थित अविका होटल में महिला की हत्या की गई थी।
चार आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार होटल संचालक चंचल कुमार उर्फ बंटी, निवासी देवपुरी, ने अपने साथियों गुरमुख (जौहड़ी, बागपत), संदीप (प्रभातनगर) और विवेक (मलियाना) के साथ मिलकर हत्या की थी।
बताया गया कि शराब पीने के दौरान रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद महिला की हत्या कर दी गई।
पहचान छिपाने के लिए जलाया गया चेहरा
हत्या के बाद आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए महिला के चेहरे और हाथ को जला दिया। इसके बाद शव को कार में डालकर मवाना क्षेत्र में खुर्द चौकी और भगवती फार्म हाउस के पास फेंक दिया गया।
पुलिस के लिए यह मामला एक चुनौती बन गया था क्योंकि शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त था और पहचान करना मुश्किल था।
500 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पुलिस पहुंची आरोपियों तक
इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी।
इन फुटेज में एक संदिग्ध कार दिखाई दी, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल हुई और मामले का खुलासा हुआ।
ईयररिंग्स और कपड़ों से हुई पहचान
जांच के दौरान मुहब्बत के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। अंतिम कॉल के आधार पर पुलिस ने चंडीगढ़ में रहने वाली उसकी कथित सहेली एलीना से संपर्क किया।
एलीना ने बताया कि आधार कार्ड पर दिख रही फोटो मुहब्बत की है और उसका नाम अर्चिता अरोड़ा नहीं है।
इसके बाद अजीजा ने मवाना पहुंचकर जले हुए शव की तस्वीरें हासिल कीं और वीडियो कॉल के माध्यम से मुहब्बत की मां गुलनारा को दिखाईं। गुलनारा ने ईयररिंग्स और ब्लैक टॉप देखकर अपनी बेटी की पहचान की पुष्टि की।
फोरेंसिक टीम भी कर रही जांच
इस मामले में पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कार और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कराई है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल और बरामद सबूतों का वैज्ञानिक परीक्षण किया है।
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि तुर्कमेनिस्तान दूतावास से पासपोर्ट सत्यापन और डीएनए परीक्षण के लिए पत्राचार किया गया है। साथ ही अजीजा के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।

