Somalia में अल-शबाब पर बड़ा सैन्य प्रहार: संयुक्त अभियान में 30 आतंकी ढेर, ठिकाने तबाह; हथियारों का जखीरा भी नष्ट
News-Desk
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अंतरराष्ट्रीय सहयोग, अफ्रीका समाचार, अल-शबाब, आतंक विरोधी अभियान, आतंकवाद, रक्षा मंत्रालय, सुरक्षा समाचार, सैन्य अभियान, सोमालिया, सोमालिया सेनापूर्वी अफ्रीकी देश Somalia में आतंकवादी संगठन अल-शबाब के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ा सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। सोमालिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय सेना (SNA) और उसके अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों द्वारा दक्षिणी सोमालिया के मिडिल शबेले क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त अभियान में 30 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है। अभियान के दौरान आतंकियों के प्रशिक्षण ठिकानों को निशाना बनाया गया, दो सैन्य वाहन नष्ट किए गए और बड़ी मात्रा में हथियार एवं गोला-बारूद भी बरामद कर नष्ट कर दिया गया।
सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवादी नेटवर्क की परिचालन क्षमता को कमजोर करना और भविष्य में संभावित हमलों को रोकना था।
दो दिन तक चला संयुक्त सैन्य अभियान
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह संयुक्त अभियान मंगलवार और बुधवार को संचालित किया गया। अभियान में सोमालिया की राष्ट्रीय सेना के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोगी बलों ने भी हिस्सा लिया।
अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि मिडिल शबेले क्षेत्र में अल-शबाब के कई प्रशिक्षण शिविर सक्रिय हैं, जहां नए लड़ाकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था और भविष्य के हमलों की योजना बनाई जा रही थी।
इसी सूचना के आधार पर लक्षित सैन्य कार्रवाई की गई।
प्रशिक्षण शिविर और हथियारों के ठिकाने बनाए गए निशाना
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि जिन ठिकानों पर कार्रवाई की गई, वहां अल-शबाब अपने लड़ाकों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ हथियार, गोला-बारूद और अन्य सैन्य सामग्री भी जमा करता था।
ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सैन्य उपकरण बरामद किए, जिन्हें बाद में नष्ट कर दिया गया ताकि उनका दोबारा इस्तेमाल न किया जा सके।
अभियान के दौरान आतंकियों के दो वाहन भी नष्ट किए जाने का दावा किया गया है।
सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों का जताया आभार
सोमालिया के रक्षा मंत्रालय ने इस अभियान की सफलता का श्रेय राष्ट्रीय सेना के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोगी देशों और सुरक्षा साझेदारों को भी दिया है।
सरकार ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है और साझा प्रयासों के माध्यम से ही क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा स्थापित की जा सकती है।
हालांकि, इस अभियान को लेकर अल-शबाब की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पिछले महीने भी 50 लड़ाकों के मारे जाने का किया गया था दावा
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सोमालिया की सेना लगातार अल-शबाब के खिलाफ अभियान चला रही है।
पिछले महीने भी बैदोआ शहर के बाहरी इलाके में चलाए गए एक संयुक्त सैन्य अभियान में सरकार ने 50 अल-शबाब लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया था। उस कार्रवाई में भी कई वाहन, हथियारों के ठिकाने और सैन्य उपकरण नष्ट किए जाने की जानकारी दी गई थी।
सरकार का कहना है कि हाल के महीनों में आतंकवादी संगठन के खिलाफ अभियान और तेज किए गए हैं।
पूर्व क्षेत्रीय नेता के समर्थकों पर लगाए गंभीर आरोप
इस बीच सोमालिया के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि साउथवेस्ट स्टेट के पूर्व नेता अब्दियाजीज हसन मोहम्मद के कुछ समर्थक समूह कथित रूप से अल-शबाब के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
हालांकि, अब्दियाजीज हसन मोहम्मद ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उनका या उनके समर्थकों का आतंकवादी संगठन से कोई संबंध नहीं है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आतंकियों की मदद करने वालों को सरकार की चेतावनी
सोमालिया सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति, संगठन या समूह किसी भी रूप में आतंकियों को सहायता, शरण या संसाधन उपलब्ध कराएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि आतंकवाद के वित्तपोषण और सहयोग के नेटवर्क को समाप्त करना सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अल-शबाब ने भी किया जवाबी दावा
दूसरी ओर अल-शबाब ने दावा किया है कि उसने एक घात लगाकर किए गए हमले में सोमालिया की सेना के दो वरिष्ठ कमांडरों को मार गिराया और सेना के पीछे हटने के दौरान चार सैन्य वाहनों पर कब्जा कर लिया।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और सोमालिया सरकार की ओर से भी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है।
अफ्रीका में सक्रिय सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में शामिल है अल-शबाब
अल-शबाब लंबे समय से सोमालिया और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी संगठन माना जाता है। यह संगठन सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों को निशाना बनाकर कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुका है।
हाल के वर्षों में सोमालिया सरकार और अंतरराष्ट्रीय सहयोगी देशों ने संयुक्त अभियानों के जरिए संगठन की गतिविधियों को सीमित करने के प्रयास तेज किए हैं। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में संगठन की मौजूदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है।

