श्रीलंका: श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) ने दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल की
श्रीलंका के आम चुनाव में राजपक्षे परिवार की श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) ने दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल की है। इन नतीजों के बाद अब महिंदा राजपक्षे प्रधानमंत्री बने रहेंगे।
इस जीत को महिंदा राजपक्षे की राजनीति में वापसी के तौर पर भी देखा जा रहा है। इससे पहले यह चुनाव दो बार स्थगित हुए थे।
चुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम परिणामों के अनुसार 225 सदस्यीय संसद में एसएलपीपी ने अकेले 145 सीटें जीतीं और सहयोगियों दलों के साथ कुल 150 सीटों पर जीत दर्ज की है।
கடந்த ஜனாதிபதித் தேர்தலில் என்னால் முன்வைக்கப்பட்ட "சுபீட்சத்தின் நோக்கு " கொள்கையை மீண்டும் ஒரு முறை மக்கள் சக்தியின் மூலம் உறுதிப்படுத்த இந்த பொதுத் தேர்தலில் ஸ்ரீலங்கா பொதுஜன பெரமுன விற்கு மாபெரும் வெற்றியை தந்த உங்கள் அனைவருக்கும் எனது மனமார்ந்த வாழ்த்துக்கள். @PodujanaParty pic.twitter.com/caMAhj8Ynn
— Gotabaya Rajapaksa (@GotabayaR) August 7, 2020
इस तरह पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिल गया है। उसने बताया कि पार्टी को 68 लाख यानी 59.9 प्रतिशत वोट हासिल हुए हैं।
Heartfelt gratitude to all #SriLankans for placing their trust in President @GotabayaR, myself and the @PodujanaParty and voting for the ‘Saubhagye Dakkama’ election manifesto in overwhelming numbers. We will ensure #lka will not stand disappointed during our tenure. pic.twitter.com/X5FJ9kYZJ5
— Mahinda Rajapaksa (@PresRajapaksa) August 7, 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने श्रीलंकाई समकक्ष महिंदा राजपक्षे को उनकी पार्टी के संसदीय चुनाव में शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने तथा विशेष संबंधों कोई नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए काम करेंगे।
राजपक्षे ने इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट किया कि ‘‘फोन पर बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आपका शुक्रिया। श्रीलंका के लोगों के समर्थन के साथ, दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने को उत्साहित हूं। श्रीलंका और भारत अच्छे मित्र एवं सहयोगी हैं।’’
Thank you PM @narendramodi for your congratulatory phone call. With the strong support of the people of #SriLanka, I look forward to working with you closely to further enhance the long-standing cooperation between our two countries. Sri Lanka & India are friends & relations. pic.twitter.com/9YPLAQuVlE
— Mahinda Rajapaksa (@PresRajapaksa) August 6, 2020
राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने नवंबर में एसएलपीपी की टिकट पर ही चुनाव में जीत दर्ज की थी और निर्धारित सयम ये छह महीने पहले ही चुनाव कराने की घोषणा कर दी थी।
नतीजों के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी केवल एक सीट ही अपने नाम कर पाई। उसे केवल 2,49,435 यानी दो प्रतिशत वोट ही मिले।
राष्ट्रीय स्तर पर वह पांचवे नंबर पर है। 1977 के बाद ऐसा पहली बार है कि विक्रमसिंघे को संसदीय चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
आंकड़ों के अनुसार एसजेबी 55 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, तमिल पार्टी टीएनए को 10 सीटें और मार्क्सवादी जेवीपी को तीन सीट हासिल हुईं।
यहां 1.6 करोड़ से अधिक लोगों को 225 सांसदों में से 196 के निर्वाचन के लिए मतदान करने का अधिकार था। वहीं 29 अन्य सांसदों का चयन प्रत्येक पार्टी द्वारा हासिल किए गए मतों के अनुसार बनने वाली राष्ट्रीय सूची से होगा।
पहले यह चुनाव 25 अप्रैल को होने वाले थे, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर इसकी तारीख बढ़ाकर 20 जून की गई। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए चुनाव की तारीख आगे बढ़ाकर पांच अगस्त कर दी गई।
