Khatauli: हम नहीं लोग कह रहे है…तोते क्यूं उड़े भाजपाइयों के? हार में Media की दूरी ने भी अपना अहम रोल निभाया
भाजपा के कर्णधारों ने मीडिया की नाराजगी दूर करने की जरूरत नहीं समझी और न पत्रकारों के दौरे कराये गये और न जिले में आने वाले बड़े नेताओं की प्रेसवार्ता ही करायी गई। Khatauli संगठन में मीडिया का काम देखने वाले लोग प्रेसवार्ता की रसीद कटवाने और पत्रकारों के जलपान पर पैसा खर्च करने से बचते रहे, जबकि संगठन के गलियारों में चर्चा है कि इसके लिए उन्हें मोटा माल पहले ही दे दिया गया था।
Read more...