Khatauli News: विश्व मैत्री सम्मेलन एवं क्षमावाणी सम्मेलन का हुआ आयोजन
Khatauli News क्षमा व सहनशीलता का भाव रखा। महात्मा गांधी ने भी सदैव प्रेम वात्सल्य व अहिंसा का पालन किया। क्षमा भाव जीवन में मैत्री का विकास करता है।
क्षमा भाव से जीवन में मधुरता आती हैं। अपेक्षा की पूर्ति न होने पर हमारे मन में दूसरे के प्रति बैर व क्रोध आता है। जीवन में शांत भाव के साथ धर्म के मार्ग पर सदैव आगे बढ़े। धर्म का मार्ग ही आत्म कल्याण का मार्ग है।





