गुलाबो सिताबो की कहानी मेरे द्वारा लिखी गयी एक मूल कहानी-जूही चतुर्वेदी
गुलाबो-सिताबो’ की कहानी की चोरी का इल्जाम झेल रही लेखिका जूही चतुर्वेदी ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है. उन्होंने इस फिल्म की कहानी को अपनी ओरिजिनल कहानी बताते हुए कहा, “फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’ की कहानी मेरे द्वारा लिखी गयी एक मूल कहानी है और मुझे इसपर बेहद गर्व है.”
It is legally, morally and ethically wrong to copy anyone else's work. My clients mean no harm. They have not even demanded money. They will get their rights from Civil Court. However if a person is guilty they ought to be punished by Criminal Courts as well. #GulaboSitabo
— @RizwanSiddiquee (@RizwanSiddiquee) June 6, 2020
जूही ने कहा, “मैंने कहानी के आइडिया को 2017 में फिल्म के डायरेक्टर और फिल्म के एक लीड एक्टर के साथ साझा किया था. इसके बाद मई, 2018 में मैंने इस फिल्म का कॉन्सेप्ट नोट रजिस्टर कराया था. यहां मैं ‘सिनेस्तान इंडियाज स्टोरीटेलर्स कॉन्टेस्ट’ में एक जूरी के तौर पर अपनी भूमिका भी स्पष्ट करना चाहती हूं.
https://twitter.com/ayushmannk/status/1128505398913380352?s=20
जैसा की दावा किया जा रहा है, मैं यह बता दूं कि किसी भी वक्त मेरे पास कथित रूप से चुराई गयी स्क्रिप्ट की कॉपी का एक्सेस नहीं था. इस तथ्य की स्वतंत्र रूप से ‘सिनेस्तान’ ने भी पुष्टि की है. मई 2020 में स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन ने इस मामले में दखल दिया था और उसने मेरे पक्ष में फैसला सुनाया था.”
जूही ने आगे अपने बयान में कहा, “मैं प्रेस और मीडिया से दरख्वास्त करना चाहूंगी कि वे इन झूठे इल्जामों के फेर में न आयें. इनका मकसद महज पब्लिसिटी बटोरना है.”
उल्लेखनीय है कि दिवंगत राजीव अग्रवाल के बेटे अकीरा अग्रवाल ने मुम्बई के जुहू पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है कि ‘गुलाबो सिताबो’ की कहानी उनके पिता द्वारा लिखी स्क्रिप्ट ’16 मोहनदास लेन’ पर आधारित है. अकीरा ने दावा किया है उनके पिता ने 2018 में ‘सिनेस्तान इंडियाज स्टोरीटेलर्स कॉन्टेस्ट’ में हिस्सा लिया और एक प्रतियोगी होने के नाते अपनी स्क्रिप्ट दी थी, जिसकी एक जूरी सदस्य खुद जूही चतुर्वेदी थीं.
इस बीच, ‘सिनेस्तान इंडियाज स्टोरीटेलर्स कॉन्टेस्ट’ के जूरी अध्यक्ष अंजुम राजाबाली ने कहा कि प्रतियोगिता के तहत आनेवाली सभी स्क्रिप्ट जूरी के सदस्यों तक नहीं पहुंचाई जाती हैं. राजाबाली ने कहा कि जूही चतुर्वेदी को जूरी का सदस्य होने के नाते राजीव अग्रवाल की स्क्रिप्ट नहीं दी गयी थी.
इसकी वजह बताते हुए राजाबाली ने कहा कि राजीव अग्रवाल की कहानी टॉप 20 में शॉर्टलिस्ट तो हुई थी, मगर यह टॉप 8 स्क्रिप्ट्स में शामिल नहीं थी और यही वजह है कि प्रतियोगिता के बनाये नियमों के मुताबिक, यह स्क्रिप्ट जूही चतुर्वेदी तक नहीं पहुंची थी. राजाबाली कहते हैं, “जूही समेत तमाम जूरी तक उन टॉप 8 स्क्रिप्ट्स के अलावा किसी और स्क्रिप्ट की एक्सेस नहीं थी. ऐसे में ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है कि चूंकि जूही चुतर्वेदी प्रतियोगिता की जूरी में थीं, तो उनके पास यह स्क्रिप्ट आई होगी.”
राजाबाली ने बताया कि इस प्रतियोगिता के तहत स्क्रिप्ट का चयन तीन स्तरों पर होता है, पूरी प्रतियोगिता का आयोजन एक विशेष प्रोटोकॉल के तहत किया जाता है और प्रतियोगिता के सभी नियमों का कड़ाई के साथ पालन किया जाता है. वे कहते हैं कि पूरी प्रतियोगिता को बेहद पारदर्शी ढंग से आयोजित किया जाता है.
