Ayodhya में सड़क हादसों का कहर: जीजा-साले समेत तीन की मौत, हाईवे पर मौत के साए
Ayodhya में सड़कों पर हुए दो अलग-अलग हादसों ने एक बार फिर क्षेत्रवासियों को स्तब्ध कर दिया है। एक साथ दो अलग-अलग इलाकों में हुई दुर्घटनाओं में कुल तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें से दो की जान लखनऊ-गोरखपुर हाईवे के देवकाली ओवरब्रिज के पास और एक की मौत अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर जलालपुर माफी के समीप हुई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है।
पहली दुर्घटना: देवकाली ओवरब्रिज पर जीजा-साले की मौत
शनिवार रात लगभग 10:30 बजे लखनऊ-गोरखपुर हाईवे के देवकाली ओवरब्रिज के पास हुई दर्दनाक दुर्घटना में लखनऊ के आलमबाग निवासी शंकर (30) और उनके साले रोहित निषाद (27) की जान चली गई। शंकर सचिवालय में तैनात कर्मचारी थे और गोरखपुर में एक विभागीय बैठक में शामिल होने बाइक से गए थे।
वापसी के दौरान, हाईवे पर सवारियां उतार रही एक बस के पीछे से टकरा जाने के कारण दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल मनोज शर्मा ने बताया कि हादसे की पूरी जांच की जा रही है ताकि जिम्मेदारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
दूसरी दुर्घटना: जलालपुर माफी के पास पिकअप की चपेट में आने से युवक की मौत
रविवार सुबह अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर जलालपुर माफी के पास एक और भीषण हादसा हुआ, जिसमें बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के चांदपुर निवासी रुपेश निषाद की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, रुपेश पिकअप वाहन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने रामपुर भगन बाजार के पास वाहन को पकड़ लिया है। कोतवाल लालचंद सरोज ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया जाएगा और आगे की जांच में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं: एक बड़ी चुनौती
अयोध्या और उसके आसपास के इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। तेज रफ्तार, लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण हादसे आम हो गए हैं। इन दुर्घटनाओं में न केवल जान-माल का नुकसान होता है, बल्कि परिवार भी टूट जाते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सड़कों पर कड़ी निगरानी, नियमों का सख्ती से पालन और जागरूकता अभियान ही इन दुर्घटनाओं को कम कर सकते हैं। प्रशासन और पुलिस को चाहिए कि वे सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराएं और बिना लाइसेंस या अधिक गति से वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करें।
सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
सड़क पर वाहन चालकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, सीट बेल्ट का प्रयोग करना चाहिए।
वाहन की नियमित जांच और मेंटेनेंस से हादसों की संभावना कम होती है।
ट्रैफिक पुलिस को सख्ती से नियमों का पालन कराना चाहिए।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
ड्राइवरों को ट्रैफिक नियमों की शिक्षा देने के लिए अभियान चलाएं जाएं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच जारी
पुलिस ने दोनों ही हादसों में तुरंत कार्रवाई की है। पहली दुर्घटना में शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं और दूसरी घटना में पिकअप वाहन और चालक को पकड़ लिया गया है।
आगे की जांच में सभी पहलुओं को जांचा जाएगा ताकि दुर्घटना की वजह का पता लगाकर भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

