Unnao केस में नया भूचाल: कुलदीप सेंगर की बेटी पर पीड़िता का सीधा हमला, जंतर-मंतर शक्ति प्रदर्शन पर भी उठे गंभीर सवाल
News-Desk
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crime news, Indian politics, Jantar Mantar protest, kuldeep sengar, social media controversy, unnao, unnao case, victim statementUnnao rape case एक बार फिर देश की सियासत और सामाजिक चेतना के केंद्र में आ गया है। इस बार मामला अदालत से बाहर, सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों तक पहुंच चुका है। उन्नाव कांड की पीड़िता ने शनिवार को एक भावनात्मक और बेहद सख्त वीडियो जारी कर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटियों और उनके समर्थकों को सीधा कटघरे में खड़ा कर दिया है।
पीड़िता का कहना है कि सोशल मीडिया पर उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है, उनके चरित्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं और उनकी पहचान उजागर की जा रही है, जो न केवल अमानवीय है बल्कि कानून के भी खिलाफ है।
🔴 कुलदीप सेंगर की बेटी ऐश्वर्या पर सीधे सवाल
वीडियो में पीड़िता ने कुलदीप सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर को “बहन” कहकर संबोधित करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि ऐश्वर्या सोशल मीडिया पर यह दावा कर रही हैं कि उनके पिता निर्दोष हैं और उनके पास इसके ठोस सबूत भी हैं।
पीड़िता ने पूछा,
“अगर सच में ऐसे सबूत हैं तो वे अब तक सीबीआई या अदालत में क्यों नहीं दिए गए? अगर सीबीआई पर भरोसा नहीं था तो तीस हजारी कोर्ट में क्यों नहीं पेश किए गए?”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज तक कुलदीप सेंगर की बेगुनाही का कोई प्रमाण अदालत में नहीं दिया गया, क्योंकि ऐसा कोई सबूत है ही नहीं।
🔴 सोशल मीडिया पर चरित्र हनन का आरोप
Unnao rape case की पीड़िता ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सेंगर समर्थक योजनाबद्ध तरीके से उनकी पहचान उजागर कर रहे हैं, पुराने फोटो और वीडियो फैलाए जा रहे हैं ताकि उन्हें चरित्रहीन साबित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश नहीं है, बल्कि कानूनी तौर पर भी अपराध है। उन्होंने ऐश्वर्या सेंगर से अपील की कि वह अपने समर्थकों को रोकें और नफरत की इस मुहिम को बंद कराएं।
🔴 अदालत के फैसले की याद दिलाई
पीड़िता ने साफ शब्दों में कहा कि कुलदीप सेंगर और उसके भाई अतुल सेंगर को लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद दोषी ठहराया गया था।
उन्होंने कहा,
“कोर्ट किसी को बिना सबूत के सजा नहीं देता। गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट, सीबीआई की जांच और तमाम सबूतों के आधार पर उन्हें उम्रकैद दी गई है। यह किसी साजिश का नहीं, बल्कि कानून का फैसला है।”
🔴 जंतर-मंतर प्रदर्शन को बताया ‘शक्ति प्रदर्शन’
Unnao rape case को लेकर 11 जनवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरने पर भी पीड़िता ने कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने कहा कि इसे धरना या विरोध नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन है। पीड़िता का आरोप है कि यह आयोजन सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, ताकि कुलदीप सेंगर के पक्ष में फैसला दिलवाया जा सके।
🔴 राजनीतिक उत्तराधिकार की तैयारी?
पीड़िता ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे अभियान के पीछे राजनीतिक रणनीति छिपी है।
उनका कहना है कि ऐश्वर्या सेंगर को जानबूझकर उनके पिता की राजनीतिक विरासत सौंपने की कोशिश की जा रही है ताकि वह 2027 के चुनाव में उतर सकें। जंतर-मंतर का प्रदर्शन उसी दिशा में एक संदेश है कि सेंगर परिवार अभी भी राजनीतिक ताकत रखता है।
🔴 भावनात्मक अपील – “मेरी भी बहन हो”
वीडियो के अंत में पीड़िता ने बेहद भावुक लहजे में कहा,
“ऐश्वर्या, मेरी प्यारी बहन, बड़ी नेता बनो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। लेकिन मेरी इज्जत और पहचान मत कुचलो। मैं एक सामान्य परिवार से हूं, मेरे भी बच्चे हैं।”
उन्होंने कहा कि वह किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का शिकार नहीं बनना चाहती।

