अमेरिका और ईरान के अंतरिक्ष कार्यक्रम का खुलासा
अमेरिका और ईरान के चल रहे तनाव के बीच तेहरान के अंतरिक्ष कार्यक्रम का खुलासा हुआ, जिसे विशेषज्ञ वर्षों से गोपनीय बताते थे। ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को कहा कि उसने देश का पहला सैन्य उपग्रह कक्षा में पहुंचाया है।
Iran’s paramilitary Revolutionary Guard says it has launched a military satellite into orbit amid wider tensions with the United States. https://t.co/9Yk4lsZ4WP
— The Associated Press (@AP) April 22, 2020

उपग्रह के प्रक्षेपण की तत्काल कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस उपग्रह को ‘नूर’ नाम दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय और पेंटागन ने इस बारे में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि इस प्रक्षेपण से विशेषज्ञों में इसको लेकर चिंता उत्पन्न हुई कि इसमें इस्तेमाल प्रौद्योगिकी से क्या ईरान को अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित करने में मदद मिलेगी।
यह प्रक्षेपण ऐसे समय में किया गया है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच खत्म हुए परमाणु समझौते तथा जनवरी में अमेरिकी ड्रोन हमले में शीर्ष ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने को लेकर दोनों देशों के संबंधों में तनाव चल रहा है।
ऐसे में जब दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है और तेल की कीमतें ऐतिहासिक रूप से गिर गई है, मिसाइल का प्रक्षेपण ईरान द्वारा जोखिम लेने की तत्परता का संकेत हो सकता है।
कैलिफोर्निया के मांटेरेरी स्थित मिडलबरी इंस्टीट्यूट आफ इंटरनेशनल स्टडीज में जेम्स मार्टिन सेंटर फॉर नॉनप्रोलिफरेशन स्टडीज में एक रिसर्चर फेबियन हिंज ने कहा कि ऐसे में जब अधिकतम दबाव डाला गया है, ईरान के पास अब खोने के लिए कुछ खास नहीं है।
गार्ड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कहा कि उपग्रह पृथ्वी की सतह से 425 किलोमीटर ऊपर स्थित कक्षा में पहुंचा। द गार्ड ने तेहरान द्वारा प्रक्षेपित पहला सैन्य उपग्रह करार दिया।
