उत्तर प्रदेश

प्राकृतिक संसाधनों का उतना ही उपयोग करे जितना आवश्यक हो: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा वन महोत्सव के अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज मुझे वन महोत्सव सप्ताह के अवसर पर ऐतिहासिक नगरी झांसी की पहुंज नदी पर स्थित सिमरधा डैम के पास वृक्षारोपण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। झांसी के लिए पहुंज नदी एवं सिमरधा डैम सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है। नदी पर बना हुआ सिमरधा डैम जलापूर्ति का मुख्य स्रोत है तथा इस डैम से निकली विभिन्न नहरों से लगभग तीस ग्रामों में सिंचाई की जाती है।

पर्यटन की दृष्टि से भी यहां का वातावरण बहुत मनोरम है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि वन महोत्सव प्रकृति के उपकारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। हमारी समृद्ध संस्कृति व परम्परा में पेड़-पौधों को विशिष्ट स्थान प्राप्त है।

भारतीय संस्कृति में वृक्षों को अत्यन्त पूजनीय माना जाता है। पीपल वनस्पति जगत में सर्वश्रेष्ठ है। नीम, आंवला, बरगद आदि वृक्ष औषधीय गुणों का भण्डार होने के साथ-साथ मानव सेहत को बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वृक्ष के आसपास रहने से जीवन में मानसिक संतुलन और संतुष्टि मिलती है।

 

विगत वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने सघन वृक्षारोपण अभियान चलाकर वन महोत्सव सप्ताह के अवसर पर रिकार्ड पच्चीस करोड़ पौधे रोपित कराया था। इस वर्ष वन महोत्सव के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तीस करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित है। आज 4 जुलाई को पच्चीस करोड़ पौधे एक दिन में ही लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शेष पांच करोड़ पौधे पूरे जुलाई माह के दौरान लगाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि प्रदेश सरकार का इतना बड़ा लक्ष्य आप सभी के सहयोग से ही पूर्ण किया जा सकता है।

वनावरण व वृक्षावरण विस्तार कर प्रदेश को हरा-भरा बनाने एवं विकास पथ पर अग्रसर रखने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की श्रृंखला में यह उपलब्धि स्वर्णिम अध्याय साबित होगी। इसके लिये मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनन्दन करती हूँ। वृक्ष पृथ्वी के आभूषण हैं। इनका अधिक से अधिक रोपण मानव स्वास्थ्य के लिये भविष्य में बहुत प्रभावी साबित होगा। वृक्ष द्वारा उत्सर्जित प्राणवायु ऑक्सीजन के अलावा उनकी जड़ें, तने, फल-फूल, पत्तियां और लकड़ी मानव जीवन में काफी उपयोग में आती हैं।

इन सभी गुणों को ध्यान में रखते हुए पौधारोपण में ऐसी वृक्ष प्रजातियों का चयन किया जाना चाहिए जो विकसित होने पर अपनी सघन छाया, औषधीय गुणों और फल-फूलों से मानवता की सहायक साबित हों। अच्छी और देशी प्रजातियों के पौधों के रोपण के साथ तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियों का रोपण किया जाना चाहिए। इससे जल और भूमि के संरक्षण सहित पशु-पक्षियों, वन्यजीवों और यहां तक की मानव जीवन को भी सुरक्षा मिलेगी।

आज के विकसित व आधुनिक युग में हमें स्वीकार करना चाहिये कि इस धरती पर सिर्फ हमारा ही अधिकार नहीं है अपितु इसके विभिन्न भागों में विद्यमान करोड़ों प्रजातियों का भी इस पर उतना ही अधिकार है, जितना हमारा। धरती पर मानव जीवन के स्वास्थ्य, प्रतिरोधक क्षमता एवं जीवन बनाये व बचाये रखने में जैव विविधता की महत्वपूर्ण भूमिका है। नदियों सहित समस्त वेटलैंड्स भू व जल का मिलन स्थल होने के कारण जैव विविधता की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है।इसी को दृष्टिगत रखते हुए मैं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल बनने के बाद आज झांसी की पहुंज नदी पर स्थित सिमरधा डैम के पास वृक्षारोपण करने का अवसर प्राप्त हुआ।

हमारे पर्यावरणविदों का मानना है कि महामारी कोरोना (कोविड-19) का संक्रमण इंसान द्वारा प्रकृति से की गई छेड़छाड़ का ही नतीजा है। पूरे विश्व में कोरोना संक्रमण से मानव जीवन पूरी तरह प्रभावित रहा है, ऑक्सीजन की कमी के लिए हमने वृक्ष के महत्व को जाना। हॉस्पिटल में ऑक्सीजन के लिए जाते थे तभी सभी को पता चला कि ऑक्सीजन कहां से आता है। इसलिये प्राकृतिक संसाधनों का हमें उतना ही उपयोग करना चाहिए जितना आवश्यक हो, ज्यादा दोहन या प्रकृति के साथ ज्यादा छेड़छाड़ विनाश का कारण बनती है।

हमारी मौजूदा पीढ़ी का यह दायित्व है कि वह भावी पीढ़ी के लिए एक समृद्ध एवं सुदृढ़ प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखने का प्रयास करे। हम अपने पूर्वजों द्वारा लगाए पेड़ों का लाभ ले रहे हैं और यदि आज की पीढ़ी ने पौधे नहीं रोपे तो हमारी आने वाली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि पीपल का वृक्ष 24 घंटे ऑक्सीजन देता है

उन्होंने कहा कि गांव में संक्रमित लोग पीपल के नीचे लेटने से उनको ऑक्सीजन भरपूर मिली और वह कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गए।राज्यपाल ने कहा कि वन महोत्सव के अवसर पर मैं समस्त प्रदेशवासियों से अनुरोध करती हूँ कि प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग, प्रकृति प्रेमी जीवन शैली, नदियों को प्रदूषण मुक्त करने में योगदान एवं अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संतुलन स्थापित करने में अपना अमूल्य योगदान दें। अगर सांस लेने के लिए शुद्ध ऑक्सीजन चाहिए तो इतना तो करना ही होगा। याद रहे यही पौधे आज हर मर्ज के रामबाण हैं।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वन महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क अवश्य पहने, मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है।उन्होंने कहा कि कोरोना में मरने वालों पर रिसर्च से पता चला कि वह मास्क नहीं लगाए थे और समय से अस्पताल नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि मास्क जेब में ना रखें, उसको लगाएं और लोगों को भी प्रेरित करें।

वन महोत्सव के शुभारंभ पर राज्यपाल ने कहा कि हमको अग्नि दान देने के लिए लकड़ी की आवश्यकता पड़ती है, यदि हम संकल्प करें कि जब हम मृत्यु को प्राप्त हों उसके लिए लकड़ी की आवश्यकता पड़ेगी। इसी सोच के साथ पांच पेड़ अवश्य लगाएं और उन्हें अपने बच्चों की तरह पालते हुए उनका ध्यान रखें और बड़ा करें।

वृक्षारोपण जन आंदोलन 2021 के अंतर्गत वन महोत्सव के कार्यक्रम में राज्यपाल उत्तर प्रदेश द्वारा मंच पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं को प्रदर्शित करती हुई स्टालों का निरीक्षण किया। वन विभाग, कृषक उत्पादक संगठन, ओडीओपी, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर, श्रम विभाग, एनआरएलएम पारा लगाई गई स्थलों का उन्होंने निरीक्षण किया और उत्पादों को देखते हुए उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वन महोत्सव कार्यक्रम के उपरांत सार्वजनिक शिक्षा उन्नयन संस्थान, वृद्धा आश्रम सिद्धेश्वर नगर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मैं आपकी बेटी के रूप में आई हूं, आप माता-पिता के समान है। जब भी कोई आवश्यकता हो तत्काल मुझे सूचित करें मैं व्यवस्था करूंगी। उन्होंने वहां रहने वाली वृद्धजनों से बातचीत की और उनकी कुशलक्षेम को जाना। उन्होंने राजभवन की ओर से वृद्धाआश्रम में उपहार दिए, जिसमें 02वाशिंग मशीन,08 कूलर, 01डीप फ्रीजर, 02फ्रिज, 01गैस चुल्हा बड़ा, 40 गद्दे, 80 बेडशीट व 40 तकिए सहित अन्य सामग्री शामिल है भेंट की।

वृक्षारोपण जन-आंदोलन-2021 अंतर्गत वन महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर श्री मनोज सिंह अपर मुख्य सचिव वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग उत्तर प्रदेश शासन ने महामहिम राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि आज केविन प्रदेश में 25 करोड़ पौधों का रोपण शाम तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब से सरकार का गठन हुआ है सौ करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके हैं, उन्होंने बताया कि आज झांसी में पहुंच नदी के सिमरधा बांध पर 5 हेक्टेयर में 5000 पौधों का रोपण किया जा रहा है।कार्यक्रम के उपरांत महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।

वृक्षारोपण वन महोत्सव कार्यक्रम में मनोहर लाल पंथ “मन्नू कोरी” माननीय राज्य मंत्री श्रम एवं सेवायोजन उत्तर प्रदेश शासन,पवन गौतम मा. जिला पंचायत अध्यक्ष, राम तीर्थ सिंघल महापौर नगर निगम, रवि शर्मा विधायक सदर, राजीव सिंह पारीछा विधायक बबीना, जवाहर सिंह राजपूत विधायक गरौठा, बिहारी लाल आर्य विधायक मऊरानीपुर, रमा निरंजन मा. सदस्य विधान परिषद, जमुना प्रसाद कुशवाहा मा. जिला अध्यक्ष भाजपा ग्रामीण क्षेत्र, मुकेश मिश्रा मा. जिला अध्यक्ष शहरी क्षेत्र, सांसद झांसी-ललितपुर प्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

News Desk

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