कश्मीर का राग अलापने पर UNGA में यंग अफसर स्नेहा दुबे ने PAK को करारा जवाब
संयुक्त राष्ट्र महासभा(UNGA) में पाक द्वारा कश्मीर का राग अलापने पर भारत की तरफ से करारा जवाब देने वाली भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे की चर्चा इन दिनों खूब हो रही है। स्नेहा दुबे ने कहा कि, पाकिस्तान का इतिहास रहा है कि वो आतंकवादियों को खुला समर्थन देता आया है। पाकिस्तान को जवाब देने के लिए महासभा में राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए स्नेहा दुबे ने कहा कि, पाकिस्तान ने झूठ का सहारा लेते हुए इसके पहले भी यूएन के प्लेटफॉर्म पर भारत के खिलाफ गलत बयानबाजी की है।
स्नेहा दुबे ने कहा कि पाक में हो रही गतिविधियों से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तानी नेता इस तरह मनगढ़ंत बयान दे रहे हैं। उनके देश में आतंकी खुले घूमते हैं, और आम नागरिक, खासकर वहां रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर अत्याचार हो रहा है। लेकिन इससे अलग पाकिस्तान कश्मीर पर राग अलाप रहा है।
युवा भारतीय राजनयिक स्नेहा दुबे ने @UN में आतंकवाद को सही ठहराने के लिए #Pakistan के इमरान खान की खिंचाई की। पाकिस्तान के दुष्प्रचार, झूठ और झूठ के खिलाफ तथ्यों के साथ शक्तिशाली हस्तक्षेप। pic.twitter.com/uq4CqatykE
— News & Features Network (@mzn_news) September 25, 2021
स्नेहा दुबे संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की प्रथम सचिव हैं। साल 2011 में स्नेहा दुबे ने अपने पहले ही प्रयास में ही सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी। वह गोवा में पली-बढ़ी और अपने बचपन का अधिकतर समय गोवा में बिताया। पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज से स्नेहा ने स्नातक किया और उसके बाद नई दिल्ली के जवाहरलाल विश्वविद्यालय (जेएनयू) से भूगोल में परास्नातक किया।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी स्नेहा दुबे 2012 बैच की महिला अधिकारी हैं। IFS बनने के बाद उनकी नियुक्ति विदेश मंत्रालय में हुई। जिसके बाद 2014 में उन्हें भारतीय दूतावास मैड्रिड में भेजा गया। जेएनयू से पढ़ाई करने वाली स्नेहा दुबे संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की पहली सचिव हैं। शुरुआत से ही उनकी रुचि अंतरराष्ट्रीय मामलों में थी, ऐसे में उन्होंने भारतीय विदेश सेवा में जाने का फैसला किया।
उनकी सफलता की कहानी में खास बात यह रही कि उनके परिवार में इसके पहले कोई भी सदस्य सिविल सेवा में नहीं रहा। उनके पिता मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं, और मां शिक्षिका हैं। वहीं स्नेहा के भाई कारोबार हैं।
