समाचार
मुजफ्फरनगर में लेडी जिम में मिले युवक-युवती के शव, ऑनर किलिंग की आशंका
मुजफ्फरनगर। दंगों की आग में लंबे समय तक झुलसने वाले मुजफ्फरनगर में आज सनसनी फैल गई। यहां एक जिम में युवक तथा युवती के खून से लथपथ शव मिले हैं। नगर कोतवाली क्षेत्र की पॉश कॉलोनी अंबा विहार में लेडी जिम के भीतर युवक-युवती के रक्तरंजित शव बरामद मिले हैं। भीतर से गेट लॉक लगा होने के कारण पुलिस दरवाजा तोड़कर दाखिल हुई। युवती को धारदार हथियार से वार कर मौत के घाट उतारा गया है, जबकि युवक का गोली लगा शव मिला है। कमरे के अंदर ही तमंचा और तबल पड़ा मिला है। पता चला है कि कुछ दिन पहले ही प्रेम प्रसंग के चलते युवक-युवती ने कोर्ट मैरिज की थी। मौके पर पहुंचे युवक के परिजन मामले को ऑनर किलिंग बता रहे हैं। पुलिस छानबीन में जुटी है। सिटी कोतवाली के सिटी कोतवाली के अंबा विहार निवासी इस्लामुददीन की बेटी रोशन आरा ने खतौली के गांव भैंसी निवासी वसीम से कुछ दिनों पूर्व कोर्ट मैरिज कर ली थी।यह बात युवक ने परिजनों से छुपाए रखी। अब परिजन युवक के रिश्ते की तैयारी में थे, तभी उन्हें कोर्ट मैरिज की जानकारी हुई। इसको लेकर कहासुनी हुई। वसीम अक्सर रोशन आरा से मिलने अंबा विहार आता-रहता था। शुक्रवार को भी वसीम युवती के पास पहुंचा था। युवती जिस मकान में रहती थी उसकी तीसरी मंजिल पर युवती रोशनआरा ने लेडी जिम खोल रखा था। शुक्रवार तडके करीब साढ़े चार जिम के अंदर गोली चलने की आवाज आई तो युवती की मां सायरा बानो मौके पर पहुंची। जिम का भीतर से लॉक लगा देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस किसी तरह जिम का दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुई। भीतर का नजारा देखकर पुलिस और परिजन दंग रह गए। फर्श पर वसीम और रोशनआरा के रक्तरंजित शव पड़े थे। लाश के निकट ही धारदार हथियार व तमंचा पड़ा हुआ था। प्रथम दृष्टया जांच में पुलिस का मानना है कि वसीम ने पहले रोशनआरा पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी जान ली और उसके बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। वहीं, युवक के परिजनों का कहना है कि उन्हें युवती के परिजनों ने दोनों के जहर खाने की जानकारी दी थी, लेकिन मौके पर शव देखकर लगता है कि उनकी हत्या की गई है। बताते चलें कि युवती के दो भाई है। जिनमें से एक भाई हत्या के मामले में जेल गया था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है।पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिए हैं।
आम उत्पादन में बढोतरी तथा उसके निर्यात हेतु जिला आम निर्यात समिति का किया जाये गठनः जिलाधिकारी
मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी राजीव षर्मा ने कहा कि आम उत्पादन का अधिकतम मूल्य प्राप्त करने के लिए हम अपने जनपद के आम को यूरोप के देषों और अरब देषों में निर्यात करायेगे। उन्होने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देष दिये कि जिला आम निर्यात समिति का गठन कर लिया जाये। उन्होने आम निर्यातकों की सूची भी तैयार करने के निर्देष दिये। उन्होने यह भी निर्देष दिये कि एपीडा से सम्पर्क कर यह सुनिष्चित किया जाये कि आम उत्पादन में किन-किन पेस्टीसाईड का उपयोग नही करना है। उन्होने 18 सितम्बर को बघरा में जिला विज्ञान केन्द्र के सभागार में आम निर्यातकों की एक सेमिनार विषेशज्ञ वैज्ञानिकों द्वारा कराये जाने के निर्देष जिला उद्यान अधिकारी को दिये। उन्होने कहा कि आम निर्यातकों की एक को-आपरेटिव सोसायटी बनायी जाये और स्टेक होल्डर उनके मेम्बर रहे। उसका एक बाईलाज भी तैयार कराया जाये। उन्होने कहा कि जनपद में उत्पादित गुलाब जामुन, रटोल, केसर, एल्फन्सो एवं अन्य अच्छे गुणवत्तायुक्त आम की प्रजातियों को निर्यात करके अधिक लाभ बागवानों को प्राप्त हो सके। उन्होने पैकहाउस सहारनपुर से भी बागवानों के पंजीकरण कराये जाने के निर्देष जिला उद्यान अधिकारी को दिये।
जिलाधिकारी आज यहां विकास भवन सभागार में आम उत्पादको एवं निर्यातको की आयोजित एक दिवसीय गोश्ठी में अपने उदगार व्यक्त कर रहे थे। उन्होने कहा कि अच्छा लाभ लेने के लिए हमें आग्रेनिक उत्पाद तैयार करने है जिससे विदेषो में इसके अच्छे कीमत मिले। हमें इसके लिए मुख्य रूप से होम वर्क करना है सर्वप्रथम हमारे आम के खरीदार कौन है उन्हें चिन्हित करना है और उनके द्वारा कितने मात्रा में आम क्रय किया जा सकता है। उन्हेने कहा कि आम की गुणवत्ता क्या है तथा जिस देष में आम का निर्यात किया जायेगा उसका फूड सैल्फ स्टैण्डर्ड क्या है। उन्होने कहा कि उन्हें किस तरह की पैकिंग चाहिए और सम्बन्धित पैंकिंग अपने जनपद के आस पास न्यूनतम दर पर कहां हो सकती है। जिलाधिकारी ने कहा कि उच्च गुणवत्तायुक्त आम उत्पादन करने के लिए वैज्ञानिको से सेमिनार कराकर ज्ञान अर्जन कराया जायेगा। उन्होने कहा कि अपने उद्यानों की सिचाई आवष्यकता के अनुसार करे क्यूकि अधिक सिचाई करने पर कीट एवं कीडे लगते है।
उन्होने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देष दिये कि जनपद में आम निर्यात के सम्बन्ध में आगामी वर्श में आम उत्पादन में बढोतरी तथा उसके निर्यात हेतु जिला निर्यात समिति का गठन की प्रक्रिया में तेजी लायी जाये। जनपद में आम निर्यात हेतु प्रभावी कार्यावाही की जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि आम उत्पादन करने में बहुत अधिक फायदा है। उन्होने कहा कि आवष्यकता से अधिक बागो की सिचाई न की जाये और उर्वरको का असंतुलित प्रयोग किया जाना बन्द करे तथा उचित पोशण तत्व प्रबन्धन वैज्ञानिकों तथा एक्सपर्ट की राय से करना सुनिष्चित करे। उन्होने बताया कि आम उत्पाद का अधिक मूल्य प्राप्त करने के लिए आम का श्रेणीकरण करना सुनिष्चित किया जाये तथा फल एक रूपता से पकाये जाये।
जिलाधिकारी ने बताया कि बागवान श्री तारिक मुस्तफा द्वारा उन्हें बताया गया कि पाकिस्तान के घटिया क्वालिटी के आम को यूरोप के बाजारों में हिन्दुस्तान का आम कहकर बेचा जाता है। उन्होने बताया कि इससे हमारे देष की बदनामी होती है। उन्होने कहा कि अपने आम के बागवानो को उचित मूल्य दिलाने के लिए विदेषी मण्डियों में अपने मुजफ्फरनगर के आम को मिठास ए हिन्द के नाम से निर्यात किया जाये। उन्होने बताया कि तारिक मुस्तफा उनके पास अपने आम निर्यात के रजिस्ट्रेषन के लिए आये थे और उन्होने एक सप्ताह के अन्दर उनका आम रजिस्ट्रेषन कराया।
बागवान श्री मुस्तफा ने बताया कि हंगरी के बाजार में अन्य देषो के आम की पंहुच होती थी किन्तु उन्हेनें अपने कस्बा पुरकाजी बाग से आम की प्रजातियां दशहरी, लंगडा, रटोल, हुस्नारा, गुलाबजामुन आदि को ‘‘मिठासे हिन्द’’ के नाम से प्रदर्शित किया। उन्होने बताया कि जिसकी वहॉ काफी सराहना की गयी। इस मौके पर श्री मुस्तफा ने बताया कि वहॉ पर उनके सामने ही एक आम की कीमत भारतीय मूल्य के अनुसार 200 से 250 रूपये आंकी गयी।
जिला उद्यान अधिकारी ए0सी0पाठक ने अवगत कराया कि जनपद से मात्र दो कृषकों तारिक मुस्तफा एवं परवेज़ मुस्तफा कस्बा पुरकाजी का कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादन निर्यात प्राधिकरण (एपीडा) भारत सरकार में पंजीकरण किया जा चुका है। आगामी वर्ष हेतु एपीडा द्वारा निर्यात हेतु पंजीकरण सम्भवत माह सितम्बर/अक्टूबर में खोले जायेगे। अतः इच्छुक कृषक इस हेतु अपनी अभी से तैयारी कर जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आम बागवानों को उच्च गुणवत्तायुक्त आम उत्पादन करने के लिये सिंचाई एवं उर्वरकों के प्रयोग पर विस्तार से बताया। उन्होने बागवानों को सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रयोग के विषय में बताया। जिलाधिकारी ने सहारनपुर पैक हाउस के अधिकारियों से जनपद की गठित सोसायटी के रजिस्ट्रेषन के बारे में भी बात की।
गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी तथा बडी संख्या में बागवान उपस्थित रहे।
ग्रीन लैंड स्कूल में प्रतियोगिता का आयोजन
मुजफ्फरनगर। ग्रीन लैंड माडर्न जू० हाई स्कूल मुजफफर नगर में हिन्दी दिवस पर हिन्दी सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।प्रतियोगिता दो समूहों कक्षा ३-५ व कक्षा ६-८ में कराई गई।
मुख्य अतिथि आर्य रत्न आचार्य गुरूदत्त आर्य ने कहा किहिन्दी भाषा भारत राष्ट्र की आत्मा है।राष्ट्र भाषा में ही राष्ट्र विद्यमान होता है।हिन्दी भाषा में भारतीय संस्कृति के दर्शन होते हैं।हिन्दी भाषा राष्ट्र की एकता की प्रतीक है।राष्ट्र भाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। प्रधानाचार्य सुरेन्द्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि हिन्दी भाषा सरल,सुकोमल ,मधुर एवं वैज्ञानिक है।मानव सभ्यता की पहचान उसकी भाषा से होतीं हैं।कबीर ,तुलसी,शंकराचार्य और महर्षि दयानंद सरस्वती ने भी अपने ग्रन्थ हिन्दी मे ही लिखे हैं।प्राइमरी समूह में दीपा कक्षा-५ ने प्रथम,कु० विदूषि कक्षा-४ ने द्वितीय व कु० हिमानी कक्षा-३ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया जबकि जूनियर समूह में कक्षा-७से वंश ने प्रथम,कक्षा-७से विदूषि ने द्वितीय तथा कक्षा-८ से प्राची ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।मुख्य अतिथि आर्य रत्न आचार्य गुरू दत्त आर्य व प्रधानाचार्य सुरेन्द्र पाल सिंह आर्य ने छात्र छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया ।अनुज गिरी,अक्षित मलिक,कशिश , अक्षिता पाल, खुशी गोयल,साक्षी,वंश,चिराग,पूजा ,नितिन, आदित्य, कार्तिक,हिमांशु,पलक,रिहान व खुशी को भी सांत्वना पुरस्कार में हिन्दी साहित्य देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर अरूण बालियान,अंकुर मान ,रूबी,कोमल शर्मा,सुदेश रानी,काजल,पारूल व गुरमीत आदि का सहयोग रहा।
गणपति जनमोत्सव धूमधाम से मनाया
मुज़फ्फरनगर। गांधी कालोनी स्तिथ माउंट फोर्ट पब्लिक स्कूल में भगवान श्री गणपति जनमोतस्व बड़ी धुमधाम से खुशी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल के नन्हे – मुन्हे बच्चो ने बहुत सुन्दर कार्यकर्म किया ढ्ढ इस शुभ अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमति प्रियंका जैन ने बच्चो को भगवान श्री गणपति जनमोतस्व की जानकरी देते हुए बताया की भारत त्योहारों का देश है और गणेश चतुर्थी उन्हीं त्योहारों में से एक है जिसे १० दिनों तक बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है. इस त्योहार को गणेशोत्सव या विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, पूरे भारत में भगवान गणेश के जन्मदिन के इस उत्सव को उनके भक्त बेहद ही उत्साह के साथ मनाते हैं। गणेशोत्सव पर्व के दौरान भगवान गणेश के भक्त अपने घरों में उनकी मूर्ति की स्थापना करते हैं और १० दिन बाद गंगा जी में उस मूर्ति का विर्सजन करते हैं. किसी भी नए या अच्छे काम की शुरूआत करने से पहले भगवान गणेश का पूजन किया जाना शुभ माना जाता है. इस दोरान स्कूल के समस्त स्टाफ़ व छेत्र के गणमान्य लोग मोजुद रहे।
लेनदेन के मामले में हुई मारपीट
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला खालापार में ४० फुटा रोड पर आज दोपहर दो पक्षों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इस दौरान फायरिंग की भी सूचना है। सूचना पाकर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।
सूत्रो के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला खालापार में ४० फुटा रोड पर नूर मस्जिद के पास आज दोपहर पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर संघर्ष हुआ। इस दौरान एक पक्ष की ओर से फायरिंग की भी सूचना है। घटना की सूचना पाते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, जिसके बाद मामला शांत हुआ। शहर कोतवाल ने बताया कि दो पक्षों के बीच पैसों के लेनदेने को लेकर मारपीट हुई थी।
धूम-धाम से मनाया गया गणेश पर्व
मुजफ्फनगर। जी० डी० गोयनका पब्लिक स्कूल में गणेश चतुर्थी का पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्री प्राइमरी विंग (प्राथमिक विभाग) के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने अनूठे रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति के द्वारा उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया और अपनी योग्यता को प्रमाणित कर दिया कि बच्चे किसी से कम नहीं। कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती हरजिंदर कौर जी ने दीप प्रज्जवलन के द्वारा किया। गजानन की वंदना नृत्य के द्वारा की गई एवं नाटिका प्रस्तुति द्वारा उन्होंने माता पार्वती दृ पिता शिव की परिक्रमा कर यह प्रमाणित कर दिया कि सर्वदा माता-पिता ही हमारा सम्पूर्ण ब्रह्मांड होते हैं अतः उनका मान सम्मान रखते हुए उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए, उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी का त्यौहार भाद्रपद मास की शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है, यह महाराष्ट्र का एक प्रसिद्ध त्यौहार है। सर्वप्रथम मोदक प्रिय का यह पर्व मराठा शिवाजी ने मनाना प्रारंभ किया था तभी से वहां इसको मनाया जाने लगा7 लोकमान्य तिलक जी ने भी उस समय समाज में फैले ब्राह्मण एवं जातियों के मध्य फैले भेद-भाव को समाप्त करने के लिए इसे सार्वजनिक त्यौहार घोषित कर दिया7 गणपति जी की मूर्ति की च्प्राण प्रतिष्ठाज् एवं पूजा अर्चना के पश्चात विसर्जन तक यह त्यौहार कई चरणों में मनाया जाता है । प्रधानाचार्य जी ने बच्चों की सुन्दर प्रस्तुति की सराहना की और कहा कि भारतीय पर्व परस्पर सौहार्द एवं समाज के प्रति निष्ठा को दर्शाते हैं7
सुलेख प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
मुजफ्फरनगर। हिंदी दिवस के अवसर पर सम्राट इंटर कॉलेज में ह्यूमैनिटी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा हिंदी दिवस पर हिंदी सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया और हिंदी निबंध लिखकर हिंदी दिवस का गौरव मान बढ़ाया वह कार्यक्रम में अव्वल रहने वाले छात्र छात्राओं को ह्यूमैनिटी वेल्फेयर सोसाइटी व सम्राट इंटर कॉलेज की तरफ से विजयी छात्र-छात्राओं को ट्रॉफी प्रदान की गई कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर नजमुल हसन जैदी ने कहा कि हमारा संविधान २६ जनवरी १९५० से लागू हुआ और उसी दिन से हिंदी और अंग्रेजी देश की आधिकारिक भाषाएं बन गई लेकिन १४ सितंबर को हिंदी दिवस पहली बार १९५३ में मनाया गया था जब संविधान लागू हुआ तब अंग्रेजी को केवल १५ सालों के लिए आधिकारिक भाषा बनाया गया था उसके उपरांत हिंदी एकमात्र आधिकारिक भाषा होनी थी हालांकि १९६० के दशक में दक्षिण भारतीय राज्यों खासकर तमिलनाडु में हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का हिंसक विरोध हुआ था अंग्रेजी को सर्वदा के लिए हिंदी के साथ आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त हो गया संस्था के उपाध्यक्ष फैजुर्ररह्मान ने कहा कि आज हिंदी का दिन है आज ही के दिन हिंदी को आधिकारिक रूप से भारत की भाषा का दर्जा मिला था २०० साल की ब्रिटिश राज की गुलामी से आजाद हुए देश ने तब यह सपना देखा था कि १ दिन पूरे देश में एक ऐसी भाषा होगी जिसके माध्यम से कश्मीर से कन्याकुमारी तक संवाद संभव हो सकेगा आजादी के नायको को इस बात में तनिक संदेह नही था कि हिंदुस्तान की सम्पर्क भाषा बनाने का दायित्य केवल और केवल हिंदी उठा सकती है डॉ सम्राट ने कहा कि हिंदी को राजभाषा बनाने की मांग हर हिंदी भाषी को सुआती है लेकिन इसकी आलोचना पर बहुत से लोग मुँह बिचकाने लगते हैं आज हम हिंदी की दो खास समस्याओ पर बात करेंगे जिन्हें दूर किये बिना हिंदी सही मायने में राष्ट्रभाषा नहीं बन सकती कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अरसद सम्राट ने किया
