Bahraich News: महाराजा सुहेल देव के शौर्य और पराक्रम से जुड़ा हुआ बहराइच: योगी आदित्यनाथ
Bahraich News: मटेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विश्वरियां मैदान में रविवार को दूसरी बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा आयोजित हुई। काफी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मैदान में पहुंच गए। लेकिन दोपहर एक बजे से तेज आंधी पानी शुरू हो गई। ऐसे में मुख्यमंत्री का दौरा निरस्त हो गया। इस पर मुख्यमंत्री ने लखनऊ से ही वर्चुअल कार्यक्रम में कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया। स्वास्थ्य विभाग, सरस हाट, इंटर कालेज समेत अन्य योजनाओं की सौगात दी।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थिति जनसमूह को वर्चुअल संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक व ऐतिहासिक दृष्टिकोण से बहराइच का अपना महत्व है। बालार्क महर्षि की पावन साधना स्थली रहा जनपद बहराइच महाराजा सुहेल देव के शौर्य और पराक्रम का साक्षी रहा है।
विश्वरिया में रविवार को बारिश के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा नहीं हो सका। वर्चुअल कार्यक्रम में कई योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को वर्चुअल संबोधित किया। जिसमें उन्होंने संबोधित करते हुए महाराजा सुहेलदेव को बहराइच का पराकर्मी बताया। साथ ही विदेशी आक्रांतओ से लड़ाई में योगदान का गुणगान किया।
उन्होंने कहा कि जिले के लोगों को जानकारी होगी कि फरवरी 2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाराजा सुहेलदेव के ऐतिहासिक विजय स्थल पर विराट स्मारक बनाने का शुभारम्भ किया गया है। जिसका कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह स्मारक स्थल जनपद बहराइच को एक नये पयर्टन केन्द्र के रूप में स्थापित करके जनपद के गौरव व गरिमा को आगे बढ़ाने का कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी हार्दिक इच्छा थी कि प्रदेश अध्यक्ष स्वतन्त्र देव सिंह के साथ बहराइच जनपद से जुड़ी 144 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के लिए उपस्थित होता और वहॉ के जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं जनमानस के साथ संवाद भी स्थापित करता।
लेकिन हम सब जानते हैं कि मौसम के विपरीत परिस्थितियों के कारण बहराइच नहीं पहुंच पाया। योगी ने कहा कि खराब मौसम के कारण कार्यक्रम स्थगित होने से आमजन जो कष्ट पहुंचा है उसके लिए खेद है। साथ ही कार्यक्रम को लेकर आपके उत्साह व मनोबल के लिए वह सभी का हृदय से स्वागत करते हैं।
महाराजा सुहेल देव के शौर्य और पराक्रम से जुड़ा हुआ यह जनपद हम सब के गौरव और गरिमा का प्रतीक है। याद करिये आज से एक हजार वर्ष पहले महाराजा सुहेल देव ने अपने शौर्य व पराक्रम से विदेशी आक्रंताओं को जिस तरीके से नाकों चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया था। आज भी वह शौर्य गाथा वहॉ के लोकगीत और परम्पराओं में गायी जाती है। यह शौर्य और पराक्रम आज भी बहराइच के जन-जन में देखने और सुनने को प्राप्त होती है।

