वैश्विक

कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का द्वीपक्षीय मामला- यूरोपीय यूनियन

कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के पाकिस्तान के सपने को एक बार फिर झटका लगा है। बुधवार को यूरोपीय यूनियन की संसद ने इस मुद्दे पर भारत का साथ दिया। जानकारी के अनुसार संसद के ज्यादातर सदस्य भारत के साथ खड़े दिखाई दिए और पाकिस्तान को संदिग्ध देश करार दिया। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान मुंह की खा चुका है और इसके बावजूद कश्मीर मसले को किसी भी हाल में छोड़ने को तैयार नहीं है।

यूरोपीय संसद ने साफतौर पर कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का द्वीपक्षीय मामला है और दोनों देशों को इसपर सीधे बातचीत करनी चाहिए। जिससे कि इस मुद्दे का शांतिपूर्वक हल सुनिश्चित किया जा सके। सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि इस मसले पर किसी तीसरे के हस्तक्षेप का कोई सवाल नहीं उठता है। संसद ने 11 सालों में पहली बार कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की और यह भी कहा कि उसकी कश्मीर में कोई भूमिका नहीं है। 

 

Image Result For Ryszard Czarnecki,

यूरोपीय यूनियन में इटली के फुलवायो मार्तसिलो ने कहा, ‘पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दी है। पाकिस्तान ऐसा स्थान है जहां आतंकवादी यूरोप में आतंकी हमले करने की योजना बनाने में सफल रहते हैं। यहां मानवाधिकारों का जबरदस्त उल्लंघन होता है।’यूरोपीय यूनियन में पोलैंड के रिजार्ड जारनेकी ने कहा, ‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। हमें भारत के जम्मू-कश्मीर में होने वाले आतंकी हमलों पर ध्यान देने की जरूरत है। यह आतंकी चांद से नहीं आते हैं। यह पड़ोसी देश से आ रहे हैं। हमें भारत का समर्थन करना चाहिए।’

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: info@poojanews.com

News-Desk has 21975 posts and counting. See all posts by News-Desk