चार परिवारों को नए कानून से मिलेगी भारत की नागरिकता
मुजफ्फरनगर। पाकिस्तान के स्वाद मिंगोरा जिले के ख्वाजा खेड़ा से आकर 1979 से शहर में रह रहे चार परिवारों को नए कानून से नागरिकता मिलने का भरोसा हो गया है। इन परिवारों के सदस्यों ने केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान सहित भाजपा नेताओं का आभार जताया है। जिले में आठ परिवार ऐसे हैं, जिन्हें नागरिकता संशोधन कानून का लाभ होगा। इनमें दो जानसठ और दो मीरापुर में रह रहे हैं।
सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान से मिलने पहुंचे अमरनाथ ने बताया कि वह 1979 में भारत में आ गए थे।
पाकिस्तान के स्वाद जिले के ख्वाजा खेड़ा में रह रही उनकी मां मिंदर कौर और बहन मीना को वहां के लोग जबरन उठाकर ले गए। दोनों का धर्म परिवर्तन करा दिया। इसी गम में पिता ने दो साल बाद ही दम तोड़ दिया। मां की मौत हो चुकी है, बहन जीवित है, उसके पांच बच्चे हैं, लेकिन वह सही से बात नहीं पाती।
यहां तीन बार आवेदन किया, लेकिन नागरिकता नहीं मिली। अब नए कानून से आसानी से नागरिकता मिल जाएगी। इन्हीं के साथ हेमंत सिंह उर्फ अमत सिंह कहते हैं कि ख्वाजा खेड़ा की घटना उसके चाचा के परिवार में हुई, इसके बाद पूरा परिवार पाकिस्तान छोड़कर भारत आ गया। वह अपनी माता जीतन कौर के साथ 1979 में, मां के पासपोर्ट पर ही यहां आ पाए थे
मां की मौत हो चुकी है। अपना पासपोर्ट भी नहीं है। बिना नागरिकता के परेशानी हो रही थी, अब राहत मिलेगी। 1979 में शहर में आए जगेंद्र सिंह और शरण सिंह कहते हैं कि वह भी ख्वाजा खेड़ा से आए थे। उन्हें भी आज तक नागरिकता नहीं मिली।
हम सब लोगों ने नए कानून पर राहत महसूस की है। केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान का आभार जताया है। पीएम मोदी ने उनकी सुनी है। उन्होंने प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल, राज्यमंत्री विजय कश्यप, विधायक प्रमोद ऊटवाल, उमेश मलिक का भी आभार जताया। इस अवसर पर भाजपा नेता हरीश अहलावत, अचिंत मित्तल आदि मौजूद रहे।
