कब बन पाएगा मकान और किस टाइप का योग बन रहा है जाने अपने जन्म कुण्डली (Kundli) से …..
Kundli: मकान किस तरह का (जैसे, फ्लैट, बंगला सामान्य स्तर का मकान कालोनी का मकान आदि) किस तरह का बन पाएगा और क्या मकान होगा क्योंकि जिस किस्मत में मकान सुख लिखा होता है वैसा ही मिलता है और क्यों मकान समस्या आ रही है
आज इन्ही सब विषयो पर बात करते है। घर मकान की जब समस्या होती है तो जीना भी बिना अपने मकान के अधूरा लगता हैं क्योंकि निवास स्थान सबके लिए जरूरी है।
अपने मकान का सुख जो होता है उसका आनंद ही अलग है साथ ही अपने मकान को जैसा चाहे रूप रेखा दे सकते है। कुंडली का चौथा भाव, चौथे भाव स्वामी मकान का है तो मंगल मकान सुख का ग्रह है।
जब कुंडली Kundli का चौथा भाव, भावेश पीड़ित अवस्था मे होता है तब मकान सुख की दिक्कते समस्या बनी रहती है, और जब मकान योग अच्छे होते है मतलब चौथा भाव, चौथे भाव का स्वामी अच्छी शुभ स्थिति में, किसी राजयोग में,
शुभ योगों में होगा और मकान जमीन का प्रतिनिधित्व करने वाला ग्रह मंगल अच्छी स्थिति में कुंडली मे बैठा है तब मकान बन जाता है अपने मकान का सुख मिल जाता है।
मकान के रूप में फ्लैट होगा, बंगला टाइप घर होगा या सामान्य यह सब निर्भर करेगा आपके कुंडली के चौथे भाव, भावेश की स्थिति कितने शुभ और अनुकूल है जितनी ज्यादा शुभ और अनुकूल होगी उसी अनुसार जिस टाइप का चाहेगे वैसा बनेगा।
मेष लग्न में चौथे भाव का स्वामी चन्द्र है अब चौथे भाव स्वामी यहॉ मकान सुख कारक मंगल के साथ बलवान स्थिति में हो तब अपना मकान फ्लेट, अच्छी स्थिति वाला बन जायेगा साथ ही गुरु शुक्र सूर्य यह ग्रह कोठी/बंगला टाइप मकान देगें
यदि अब यहाँ मंगल चन्द्र के सम्बन्ध में बलवान सूर्य गुरु या शुक्र का भी संबंन्ध बने और पाप या अशुभ ग्रहों अशुभ योगों का प्रभाव चौथे भाव ,पर नही है तब बंगला/कोठी टाइप मकान बनेगा, बाकी निर्भर करेगा जातक/जातिक किस टाइप का चाहते है।
मिथुन लग्न में लग्नेश बुध ही चौथे भाव का स्वामी है अब बुध बलवान होकर सूर्य गुरु जैसे ग्रहो के साथ सम्बन्ध में है और मंगल की स्थिति अच्छी है तब मनोकुल मकान सुख मिलेगा।
चौथा भाव और चौथे भाव स्वामी बुध किसी राजयोग में है जैसे शुक्र शनि के साथ राजयोग में होगा और मंगल बलवान स्थिति में है तब मनोअनुकूल जैसा मकान चाहेंगे वैसा बनेगा/हो जाएगा।
अब एक उदाहरण से समझते है मकान बहुत बड़ा कब नही बन पाता और कब बड़ा बनेगा?? शनि राहु यह छोटे मकान के कारक ग्रह है तो गुरु शुक्र सूर्य मंगल बड़े मकान के।
यहाँ चौथे भाव स्वामी स्वयम मंगल है अब मंगल यहाँ गुरु शुक्र बुध या बलवान सूर्य जैसे ग्रहो के प्रभाव में है तब बड़ा मकान, यदि शनि राहु केतु की दृष्टि चौथे भाव, भावेश मंगल पर है तब मकान छोटा बनेगा।
इस तरह चौथे भाव, भावेश और मंगल की स्थिति अनुसार मनोकुल अपनी पसंद का मकान, और यह थोड़े कमजोर या सामान्य स्थिति में है तब सामान्य मकान सुख होगा
और यदि मकान सुख के योग नही है तब मकान सुख बहुत मुश्किल होता है ऐसी स्थिति में उपाय करके ही मकान सुख मिल सकता है।
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