हमें ही आगे आना होगा-इतिहास के पुनर्लेखन की जरूरत-शाह
अमित शाह ने बीएचयू भारत अध्ययन केंद्र के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का दीप प्रज्वलन कर उद्घाटन किया। स्वतंत्रता भवन में होने वाले कार्यक्रम में स्कंदगुप्त विक्रमादित्य के जीवन से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई।
Addressing a Seminar ‘’Guptvanshak-Veer: Skandagupta Vikramaditya” at Banaras Hindu University, Kashi. https://t.co/YQLzxeaChL
— Amit Shah (@AmitShah) October 17, 2019
इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन की जरूरत है। इसके लिए हमें ही आगे आना होगा। इसमें इतिहासकारों की बड़ी भूमिका है। अगर हम अब तक अपने इतिहास की दोबारा समीक्षा नहीं कर सके तो यह हमारी कमजोरी है।गृहमंत्री ने आगे कहा कि चंद्रगुप्त विक्रमादित्य को इतिहास में बहुत प्रसिद्धि मिली है। लेकिन उनके साथ इतिहास में बहुत अन्याय भी हुआ है। उनके पराक्रम की जितनी प्रशंसा होनी थी, उतनी शायद नहीं हुई।

