पहले से दल-बदल में माहिर Dara Singh Chauhan ने सपा की सदस्यता ली
UP कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले Dara Singh Chauhan ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ली. इस अवसर पर उनके कई साथियों ने भी सपा की सदस्यता ली. इसमें बीजेपी और बसपा के पूर्व और वर्तमान पदाधिकारी शामिल थे. इसके साथ ही प्रतापगढ़ की विश्वनाथगंज सीट से अपना दल के विधायक आरके वर्मा ने भी सपा की सदस्यता ली.
सपा में शामिल होने के बाद में Dara Singh Chauhan ने कहा कि दलितों-पिछड़ों ने बीजेपी की सरकार बनवाई. लेकिन योगी आदित्यनाथ ने दलितों-पिछड़ों के हितों की ही अनदेखी की. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार में जब बाबा साहब भीम राव आंबेडकर के बनाए संविधान के साछ छेड़छाड़ की गई तो उन्होंने सरकार और बीजेपी को छोड़ने का फैसला कर लिया.
उन्होंने कहा कि जानवरों की गिनती तो हो रही है, लेकिन पिछड़ों की गिनती नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार बदलने पर देश और दुनिया के लोगों की निगाहें लगी हुई हैं.
पहले से दल-बदल में माहिर
Dara Singh Chauhan ने बीजेपी छोड़ते हुए योगी आदित्यनाथ की सरकार पर दलितों, पिछड़ों, किसानों और नौजवानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था. आजमगढ़ से आने वाले दारा सिंह चौहान ने राजनीतिक की शुरूआत एक छात्र नेता के रूप में की. साल 2014 का लोकसभा चुनाव चौहान ने बसपा के टिकट पर लड़ा था.
लेकिन बीजेपी के हरिनारायण राजभर ने उन्हें हरा दिया था. इसके बाद वो बसपा छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए. इसके बाद उन्हें बीजेपी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था. साल 2017 के चुनाव में बीजेपी ने दारा सिंह चौहान को मऊ जिले की मधुवन सीट से उम्मीदवार बनाया. वो जीते भी. इसके बाद योगी सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री का ओहदा मिला.
कांग्रेस में रह चुके हैं Dara Singh Chauhan
Dara Singh Chauhan को दल-बदल में माहिर माना जाता है. छात्र राजनीति के बाद वो कांग्रेस में रहे. बाद में वो समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. सपा ने 1996 में उन्हें राज्यसभा भेज दिया था. वो राज्यसभा में 2006 तक रहे. बाद में वो सपा छोड़ बसपा में शामिल हो गए. बसपा ने उन्हें 2009 के लोकसभा चुनाव में घोसी संसदीय सीट से टिकट दिया. इसके बाद वो पहली बार जीतकर लोकसभा पहुंचे.

