Muzaffarnagar News: जलालाबाद में सुन्दरकाण्ड का हुआ पाठ
जलालाबाद। (Muzaffarnagar News)जलालाबाद में बसंत उत्सव धूम धाम, हर्षोल्लास पूर्वक मनाया। कार्यक्रम में सुंदरकांड पाठ का सामूहिक मनन कर मां शारदा का भजनों से गुणगान कर, उपस्थित श्रद्धालुओं ने फूलों की होली खेली।
कस्बे के न्यू मॉडर्न पब्लिक स्कूल में शनिवार की देर रात्रि में बसंत उत्सव का शुभारंभ पंडित राधेश्याम शर्मा ने मां सरस्वती के दरबार के समक्ष विधि-विधान पूर्वक पूजा अर्चना से कराया। सुंदरकांड समिति के माध्यम से सामूहिक सुंदरकांड पाठ में के के वत्स ममता शर्मा, राजकुमार रोहिल्ला, हर्ष नारंग, कोमल शर्मा, राज कुमार कंसल, अन्य ने सामूहिक मनन किया।
सुंदरकांड पाठ संपूर्ण करने के पश्चात मां सरस्वती का गुणगान भजनों की शानदार प्रस्तुति से हिमांशु जुनेजा, ब्रज भूषण उपाध्याय, श्यामसुंदर नारंग, योगेश रोहिल्ला, प्रदीप कश्यप, अवनीश आहूजा, शकुंतला आहूजा ने किया। कार्यक्रम में बसंत उत्सव के बारे में डॉ मुकेश शास्त्री ने बताया कि यह पर्व मां सरस्वती के प्राकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है। प्राचीन समय से ग्रामीण अंचलों में बसंत पंचमी पर गो गोबर से निर्मित कंडो को अग्नि में स्थापित किया जाता है।
धर्म की खातिर वीर हकीकत राय ने भी अपने प्राणों का बलिदान बसंत पंचमी पर किया था। बसंत आगमन पर प्रकृति नव श्रंगार धारण कर लेती है। प्रकृति में चारों और खेतों में हरियाली सरसों के पीले फूलों की बहार दिखाई देती है। मां सरस्वती ज्ञान की देवी है। ज्ञान व संगीत माता की आराधना से ही हासिल होता है।
देवता भी मां सरस्वती का गुणगान करते हैं। अवनीश आहूजा ने बताया कि मां सरस्वती के जन्म पर बसंत आगमन प्रारंभ होता है। पीले वस्त्र पहनने की भी परंपरा रही है। ब्रज क्षेत्र में बसंत के आगमन पर ही होली उत्सव का प्रारंभ हो जाता है। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने बसंत पंचमी पर्व पर जमकर फूलों की होली खेली।
देर रात्रि तक मौजूद श्रद्धालु मां सरस्वती का गुणगान कर, नाचते गाते रहे । कार्यक्रम को सफल बनाने में लव, एकता शर्मा, उत्तम शर्मा, अनमोल, वासु गौड़, छवि शर्मा, डॉ शिवकुमार शर्मा, अंकित गोयल, मोहित गोयल, अंकुर, कन्हैया शर्मा, रघुवीर पच्चीसिया ,राम कुमार नायक, रविकांत शर्मा, महेश नायक, अन्य रहे.

