Muzaffarnagar News: कपिलदेव ने हापुड़ व पिलखुवा के पीडित व्यापारियों का जाना हाल
मुजफ्फरनगर।Muzaffarnagar News) मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने हापुड़ व पिलखुवा के पीडित व्यापारियों का हाल जाना और कहा कि व्यापारी वर्ग का उत्पीडन बर्दाश्त।मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट से हैट्रिक लगाने वाले विधायक योगी सरकार २.० में स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल का लखनऊ से लौटते समय हापुड़ आगमन पर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से स्वागत किया और उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी।
इसके बाद मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने हापुड़ में २ दिन पूर्व किराना व्यापारी सुशील कुमार से हुई लूट व गोली लगने से घायल होने पर हॉस्पिटल पहुंचकर उनका कुशल-क्षेम जाना और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने हापुड़ के पिलखुवा में चार दिन पूर्व व्यापारी राजीव मित्तल के बेटे मयंक मित्तल की दुखद हत्या के बाद उनके आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की
एडीजी राजीव सब्बरवाल, आईजी प्रवीण कुमार व जिलाधिकारी हापुड़ अनुज सिंह से दूरभाष के माध्यम से वार्ता कर आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही और परिवार की सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिये। मंत्री कपिल देव ने कहा कि भाजपा सरकार सर्वसमाज की आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के साथ ही व्यापारियों की हर एक समस्या के समाधान के लिए काम किया है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक हर क्षेत्र का व्यापार बढ़े इसके लिए संसाधन जुटाने का काम किया गया है। व्यापारी वर्ग का किसी भी हाल में उत्पीडन नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर डॉ० विकास अग्रवाल, रमेश अरोरा, विनीत दीवान, मनोज गुप्ता, मनोज तोमर व कार्यकर्तागण मौजूद रहे।
श्रीराम कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
मुजफ्फरनगर।Muzaffarnagar News) झांसी की रानी के समीप स्थित सनातन धर्म सभा भवन मे चल रही श्री राम कथा के आज पांचवे दिन कथा व्यास ब्रजेश पाठक जी महाराज ने माता सुमित्रा, लक्ष्मण जी, भरत जी एवं भक्त शिरोमणी हनुमान जी के चरित्रों का विस्तार से वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य के सच्चे माता पिता सीताराम जी हैं। संसार तो एक सपने के समान है। जो कभी भी टूट सकता है। परन्तु मनुष्य फिर भी भ्रम की स्थिती मे रहता है और वह परमेश्वर की अनदेखी कर सांसारिक कार्यो मे लगा रहता है। जबकि सच्चा सुख भगवत सेवा मे है। हम सांसारिक बन्धनो मे बंधे रहते हैं और परमपिता परमेश्वर को भूल जाते हैं। जबकि परमात्मा ही हमे परलोक मे मुक्ति प्रदान कराता है।
उन्होने बताया कि माता ही बालक की सच्ची गुरू होती है। वही बालक को यदि पहले से ही चाहे तो बालक भगवत सेवा की और बढता है। कथा व्यास ब्रजेश पाठक ने कहा कि जहां राम हैं, वहीं राम राज्य है। भक्त शिरोमणी भरत के विषय मे बताया कि भक्त का आधार प्रभु के चरण होते हैं।
चरणों का प्रतीक खडाउ होती हैं। भरत मिलाप के समय भरत ने प्रभुराम की चरण पादुका सिर पर रखकर अयोध्या लाए तथा उन्हे सिंहासन पर रखकर राम राज्य की स्थापना की। उन्होने कहा कि भरत भक्ति व विश्वास के प्रतीक हैं। भगवान को पाने के 4 साधन हैं। भगवान का नाम, भगवान का रूप, भगवान की लीला और भगवान का धाम,उन्होने कहा कि मनुष्य को भगवान के तीर्थ व धाम को प्रणाम करना चाहिए। वरना वो दण्ड का भागी होता है।
कथा व्यास ब्रिजेश पाठक ने बताया कि सन्त व ग्रन्थ दर्पण है। मनुष्य को अपने चरित्र को संवारने के लिए सन्त व ग्रन्थ का अनुसरण कर उनसे शिक्षा लेनी चाहिए। कथा के दौरान संस्था के अध्यक्ष नरेन्द्र गुप्ता, अंजुल भूषण, अजय गर्ग, साधुराम एड.,सतीश गर्ग, अजय गर्ग, शिवचरण दास गर्ग,श्याम लाल बंसल,अर्जुन अग्रवाल, रमेश चन्द केडिया आदि संस्था के पदाधिकारी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।

