Shamli: किसानों का 813 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया,अब तक सिर्फ 338.23 करोड़ रुपये का ही भुगतान
Shamli: बकाया गन्ना भुगतान में तेजी नहीं आ रही है। अब भी जिले में 813 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में किसान परेशान हैं और यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि बिजली बिल का बकाया भी कैसे जमा करें। मई माह में ही तीनों चीनी मिल में पेराई सत्र संपन्न हो गया था।
चीनी मिलों में 332.08 लाख कुंतल गन्ने की पेराई हुई है और 1151.65 करोड़ रुपये का गन्ना किसानों ने बेचा है। लेकिन अब तक सिर्फ 338.23 करोड़ रुपये का ही भुगतान हुआ है। यानी कि कुल देय के सापेक्ष सिर्फ 29.37 करोड़ रुपये का भुगतान हो सका है।
शामली चीनी मिल ने 11 दिसंबर, थानाभवन चीनी मिल ने 20 दिसंबर और ऊन चीनी मिल ने एक जनवरी तक का ही भुगतान किया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर कईं बार भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दे चुकी हैं और कईं बार बैठक कर चुकी हैं। लेकिन कोई तेजी नहीं आई है।
किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक का कहना है कि एकमुश्त समाधान योजना शुरू की गई है और इसके तहत बिजली बिल जमा करने को कहा जा रहा है। इसके लिए ऊर्जा मंत्री का पत्र भेजा जा रहा है। लेकिन सवाल ये है कि एकमुश्त समाधान योजना में किस्तों पर बिल जमा करने को भी किसान के पास पैसा नहीं है।
क्योंकि गन्ने के बकाये का भुगतान नहीं हो रहा है। किसानों को गन्ना भुगतान होगा तो वह योजना के तहत अवश्य बिजली बिल का बकाया जमा करेंगे। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि अधिक से अधिक भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार चीनी मिलों पर दबाव बना रहे हैं।
बकाया और भुगतान की स्थिति (करोड़ रुपये में)
| चीनी मिल | भुगतान
| बकाया |
| शामली | 84.92 | 289.75 |
| ऊन | 113.79 | 223.21
|
| थानाभवन | 139.62 | 300.46
|
| कुल | 338.23 | 813.42 |
जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में गन्ना सर्वेक्षण 20 जून तक पूरा करने का हरसंभव प्रयास रहेगा। इस संबंध में चीनी मिलों और गन्ना विकास परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए हुए हैं।

