Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरेंसंपादकीय विशेष

फैक्ट्रीयों के संचालन में अभी लगेगा , उद्योगों के संचालन के लिए शर्ते लगाई गई

मुजफ्फरनगर। जिले में सारी व्यवस्थाएं अभी पूर्ण रूप से पटरी पर नहीं आ पाने के कारण आज से फैक्टरियों का संचालन नहीं हो सका। अभी स्थितियां सामान्य होने पर फैक्टरियों के संचालन दो तीन और लग सकता है।

फैक्टरियों और श्रमिकों के वाहनों के पास नहीं बन सके हैं।जिला प्रशासन ने तीन दिन पहले से फैक्टरियों के संचालन की तैयारी कर रखी थी। इसी कड़ी में रविवार को जिला पंचायत के सभागार में उद्यमियों के साथ प्रशासन की बैठक भी हुई थी। लोहा उद्योग को छोड़ अन्य उद्योगों से जुड़े उद्यमियों ने उद्योग चलाने के लिए हामी भर दी थी।

लोहा उद्योग में कच्चे माल की समस्या उद्यमियों ने रखी थी। प्रशासन की तैयारी थी कि पेपर, केमिकल, दवा आदि उद्योग चलें। उद्योगों के संचालन के लिए जो शर्ते लगाई गई थी, उनके अनुपालन के लिए भी उद्यमियों को बता दिया गया था

लेकिन इस सब के बाद भी सोमवार से कोई फैक्टरी नहीं चल पाई। दूसरी तरफ, फैक्टरी संचालकों को कर्मचारियों के लाने-ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था भी करनी है।

उद्यमी बसों की व्यवस्था ही नहीं कर पाए और न ही प्रशासन से बसों के पास बनवाए गए हैं। फैक्टरी शुरू करने के लिए जो चीजें आवश्यक हैं उन्हीं पर ध्यान नहीं दिया गया है।

आईआईए के मंडल चेयरमैन कुशपुरी कहते हैं कि फैक्टरी के संचालन में थोड़ा समय लगता है। दो से चार दिन व्यवस्था बनाने में लग सकते हैं। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक परमहंस मौर्य कहते हैं कि फैक्टरी मालिक तैयारी में जुटे हैं। जल्द ही फैक्टरी शुरू होंगी।

जिलाधिकारी को दी गई है जिम्मेदारी

मुजफ्फरनगर। जिलों में व्यवस्था बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने डीएम को जिम्मेदारी दी हुई है। जिन जिलों में नए केस नहीं आ रहे हैं, वहां फैक्ट्री चलाई जा सकती हैं।

अधिकतम जिलों के डीएम ने तीन मई तक लॉकडाउन का पालन करने की बात कही गई है।यहां की डीएम सेल्वा कुमारी जे ने 20 अप्रैल से फैक्टरी चलाने की बात कही थी। अन्य जिलों की स्थिति को देखते हुए वह भी अब इसे गंभीरता से नहीं ले रही है।

Editorial Desk

संपादकीय टीम अनुभवी पेशेवरों का एक विविध समूह है, जो मीडिया उत्कृष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्ध है। अकादमिक, पत्रकारिता, कानून और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता के साथ, प्रत्येक सदस्य अद्वितीय दृष्टिकोण और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री प्रदान करने के प्रति जुनून लाता है। टीम में वरिष्ठ संपादक, लेखक और विषय विशेषज्ञ शामिल हैं, जो व्यापक, समयबद्ध और आकर्षक लेख सुनिश्चित करते हैं। सार्थक वार्तालापों को बढ़ावा देने और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने के लिए समर्पित, टीम समाज को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर पाठकों को अच्छी तरह से सूचित रखती है।

Editorial Desk has 428 posts and counting. See all posts by Editorial Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

2 × 1 =