Muzaffarnagar News: हरिद्वार मे भाकियू का तीन दिवसीय चिंतन शिविर, सदैव किसान मजदूर के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत- चौ.राकेश टिकैत
मुजफ्फरनगर।।(Muzaffarnagar News) भारतीय किसान यूनियन के तीन दिवसीय चिन्तन शिविर में किसान हितों से जुडे कई महत्वपूर्ण मुददो पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। भाकियू सदैव से किसान मजदूर के हितां की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है। चिन्तन शिविर मे संगठन से जुडे विभिन्न बिन्दुओ पर भी चर्चा होगी।
सरकूलर रोड स्थित अपने आवास पर मीडिया से रूबरू होते हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.राकेश टिकैत ने बतलाया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी हरिद्वार मे भाकियू का चिन्तन शिविर आयोजित किया जा रहा है। उन्होने कहा कि चिन्तन शिविर का उददेश्य संगठन सम्बन्धी विभिन्न बिन्दुओं तथा किसानो की समस्याओं व उनके समाधान के हेतु विचार-विमर्श किया जाएगा।
भाकियू नेता चौ.राकेश टिकैत ने कहा कि आगामी 16,17,18 जून 2022 को पौराणिक तीर्थ स्थली हरिद्वार मे भाकियू का तीन दिवसीय चिन्तन शिविर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.राकेश टिकैत कहा कि चिन्तन शिविर में किसानो के बकाया बिजली भुगतान, गन्ना मूल्य एवं सिंचाई आदि समस्याओं को प्रमुखता के साथ रखा जाएगा। राकेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा मे बिजली के दाम 15 रूपये प्रति हार्स पॉवर है,जबकि उत्तर प्रदेश मे बिजली का रेट 18 रूपये है।
उन्होने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार ने किसानो को फ्री बिजली का ऐलान किया था। चौ.राकेश टिकैत ने कहा कि देश के 7 राज्यों मे किसानो के लिए फ्री बिजली है। उन्होने मांग की कि जब तक एमएसपी की गारंटी तय नही हो जाती तब तक किसानो को फ्री बिजली दी जाए। भाकियू के दो फाड होने के विषय मे पूछे गए सवाल का जवाद देते हुए उन्होने बताया कि जिनके विचार नही मिलते वो चले जाते हैं। संगठन मे आना जाना तो लगा ही रहता है।
चौ.राकेश टिकैत ने कहा कि अब तक भाकियू मे से 56 किसान संगठन बन चुके हैं। यह कोई विशेष बात नही है। इस सब से इतर भाकियू अपने मुददो पर कायम रहती है। और भविष्य मे भी किसानो की आवाज को बुलन्द करती रहेगी। उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसान मजदूर की समस्याआें के प्रति गम्भीर नही है।
उन्होने कहा कि 10 साल पुराने वाहनो के मामले मे सरकार जो फैसला लेन जा रही है वह ठीक नही है। उन्होने कहा कि यूं तो किसान का टै्रक्टर,कार व बाईक आदि कई वाहन हैं जो चल रहे हैं तथा मंहगाई के कारण नया वाहन लेना कोई आसान बात नही है।
किसान आन्दोलन से जुडे सवाल का जवाद देते हुए उन्होने कहा कि जब समझौता हुआ था तब सरकार ने मुकदमा वापिस लेने का आश्वासन दिया था। परन्तु समझौते के बावजूद अभी तक उक्त मुकदमे वापिस नही हुए हैं।
उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस दिशा मे विचार करना चाहिए। चौ.राकेश टिकैत ने कहा कि देश के हालात ठीक नही जा रहे,देश को मजदूर बनाया जा रहा है,किसान और देश को गरीब बनाया जा रहा है। इस दौरान जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा,चरण सिंह टिकैत आदि मौजूद रहे।

