Muzaffarnagar News- भैयादूज पर रोडवेज ने किए इंतजाम, लोकल के रूट पर 100 बसें लगा रही डबल चक्कर-यात्रियों को बसों में बैठने तक कीजगह नही मिल सकी
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) भाई दूज का त्यौहार हर्षाल्लास व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। जनपद मुजफ्फरनगर के रोडवेज बस स्टेशन पर भाई बहनों की भारी भीड़ रोडवेज बस स्टेशन पर देखने को मिल रही है। मुजफ्फरनगर रोडवेज वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजकुमार तौमर ने बताया कि मुजफ्फरनगर रोडवेज की ओर से सौ बसों के डबल चक्कर लगाए गए हैं और रोडवेज बस स्टेशन के सभी कर्मचारी भारी भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जहां के भी यात्री होते है उसी तरफ बस को लगाया जाता है।
राजकुमार तौमर ने बताया कि भाई दूज के त्योहार पर शहर वासी लोकल में ही जाते है जिसको देखते हुए लोकल की सभी बसों की 2-2 ट्रिप लगाई गई हैं। रोडवेज वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजकुमार तोमर ने बताया कि मुजफ्फरनगर रोडवेज के पास 183 बसे है।
इनमें से 3 बसें वर्कशॉप में खड़ी है और 80 बसें लॉन्ग रूट की है। 100 बसे लोकल रूट की है जिनके डबल चक्कर लगाए जाएंगे। भाई दूज त्यौहार के मद्देनजर मुजफ्फरनगर रोडवेज बस स्टेशन पर भीड़ लगी हुई है।
यात्रियों को बसों में बैठने तक कीजगह नही मिल सकी
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) भैयादूज पर्व को लेकर बसों में यात्रियों की भारी भीड रही। जिससे बचों में मारा मारी मची रही और यात्रियों को बसों में बैठने तक ही जगह नही मिल सकी। बसों में भीड को देखते हुए कई यात्री को बसों में लटककर यात्रा करते नजर आये। रोडवेज बसों की उचित व्यवस्था न होने से डग्गामार वाहनों ने भी यात्रियों का जमकर फायदा उठाया और मनमाने पैसे वसूले है।
गुरूवार को विवाहित बहनों की ओर से भैया दूज का पर्व मनाने के लिए भाइयों के घर जाने का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था। सड़कों पर खासी भीड़ देखी गई।
ट्रेनों में भी आम दिनों की अपेक्षा यात्रियों की संख्या अधिक थी। शहर के रोडवेज बस स्टेंड पर यात्रियों की मारा मारी मची रही। दिनभर भाई-बहनों के आने-जाने का सिलसिला चलता रहा। सड़क से लेकर बस स्टैंड तक यात्रियों की भीड़ नजर आई। परिवहन विभाग द्वारा वैसे तो बसों के रूट बढाये जाने की बात कही थी, लेकिन अधिकतर यात्री बसों की प्रतीक्षा करते रहे और उनको समय से बस नही मिल सकी।
जिसका फायदा डग्गामार वाहन चालकों ने जमकर उठाया। यात्रियों से मनमाने किराये वसूले गए, जिसका बोझ दैनिक यात्रियों पर भी पडा है। प्राईवेट बसों में यात्रियों को न तो बैठने की सुविधा मिल सकी और न ही खडे होकर जाने की। बसों में क्षमता से अधिक यात्री भरने से यात्रियों को भारी असुविधाऐं हुई।

