Muzaffarnagar: हम नहीं लोग कह रहे है….बार संघ के चुनाव पर मंदी की मार
लोग कहते है कि कोरोना काल से बार संघ के चुनावों के Trends बदल गया है, न हल्ला न गुल्ला बस खामोशी से पर्चे भर दिये गये, यदि सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में बार संघों की नई कार्यकारिणी वर्ष 2023 के लिए चयनित हो जायेगी।
लोगों में चर्चा है कि पहले सिविल बार संघ के चुनाव दिसम्बर में और Muzaffarnagar जिला बार संघ के चुनाव मार्च-अप्रैल में होते थे। सिविल बार संघ के चुनाव सामान्य थे, 21-22 दिसम्बर को मतदान के साथ सम्पन्न हो जाते थे। सिविल बार में यद्यपि वकील भाईयों की संख्या जिला बार संघ के मुकाबले काफी कम है, फिर भी यहां के वकीलों का उत्साह और राजनीति का रुझान देखते ही बनता था।
दो महीने पहले धड़े बंदी शुरू हो जाती थी, पक्ष विपक्ष के गु्रप बनते थे, जमकर कन्वेंशिंग होती थी। शाम होते ही वकीलों की टोलियां भरी सर्दी में भी निकल पड़ती थी और मतदाता वकीलों के घरों पर जाकर एक बार हाजिरी देना जरूरी रिवाज बन गया था। इसी के आधार पर वोटिंग होती थी और पदाधिकारी चुने जाते थे। लोग कहते है कि वकीलों की इस कन्वेशिंग का परिणाम कभी-कभी त्रिशकु स्थिति भी बना देता था। पता चला कि अध्यक्ष पक्ष का और मंत्री विपक्ष का चुन लिया गया। इसी प्रकार अन्य पदों व कनिष्ठ तथा वरिष्ठ मैम्बरों की स्थिति बनती थी।
बाद में एल्डर कमेटी सारे मामले को बैलेंस करके पूरे वर्ष का कार्यकाल चलाने में मदद करती थी, लेकिन अब तो सीन ही बदलता जा रहा है। चुनाव का शेडयूल जारी हो चुका है, निर्वाचक सूचियों का प्रकाशन, आपत्तियों का काम पूरा करके पर्चें भरने का काम भी सिरे चढ़ गया।
इस बार वकीलों के गु्रप बहुत कम ही मतदाताओं से जनसम्पर्क कर रहे है, जबकि पूर्व में चुनावों से पहले पक्ष-विपक्ष के लोग मतदाताओं को रिझाने के लिए तगड़ी दावतें करते थे। इन दावतों में अपने-अपने घोषणापत्र के वायदे पूरा करने के आश्वासन दिये जाते थे।
लोग कहते है कि इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि आजकल कचहरी में बहुत मंदा चल रहा है। ऐसे में मंदे की मार से लोगों में उत्साह कम हो गया है, तो दूसरी ओर लोग कहते है कि भाई लोगों की आपस की रार को भी आपस में ही सुलटने का फार्मूला चलाया जा रहा है। कुल मिलाकर वकीलों के चुनावों का शोरगुल अच्छा खासा न होने से शहर के लोग आश्चर्यचकित है। इसके पीछे असलियत क्या है यह तो बार संघ वाले की बता सकते है।

