संपादकीय विशेष

Muzaffarnagar: अपने ही विभाग की कार्यशैली से शर्मिंदा हुए अशफाक सैफी, पानी को भी नहीं पूछा अधिकारियों ने

Muzaffarnagar| उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी एक दिवसीय दौरे पर जनपद में पधारे पहले उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा की और बाद में वह विकास भवन के सभागार में पत्रकारों से रूबरू हुए. अपने दौरे के दौरान माइनॉरिटी कमिशन के चेयरमैन यह देखकर दंग रह गए कि उनके विभागीय अफसरों ने प्रोटोकॉल को भी ताक पर रखकर उन्हें पीने के पानी के लिए भी नहीं पूछा

डीपी अशफाक सैफी प्रेस वार्ता के दौरान अनेकों बार विभागीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए पानी और जलपान के लिए कहते हैं लेकिन स्थानीय अल्पसंख्यक विभाग ने इस ओर कोई तवज्जो नहीं दी जिसके लिए उन्हें बेहद शर्मिंदा होने पर मजबूर होना पड़ा. पत्रकारों से बातचीत करते हुए अशफाक सैफी ने कहा कि वह जनसंख्या कानून बनने के पक्षधर हैं क्योंकि देश में मुसलमानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है उनका कहना था कि वह मुसलमानों को संदेश देना चाहते हैं कि मुसलमान दो बच्चों के पक्षधर बने भले ही वह आधी रोटी खाएं लेकिन अपने बच्चों को शिक्षित अवश्य करें

अशफाक सैफी को बताया गया की मुजफ्फरनगर जिले में वक्त बोर्ड की बेशकीमती जमीन है इस वक्त सफेदपोश असरदार लोगों के कब्जे में है जिसे जनहित में छुड़वाया जाना आवश्यक है उन्होंने इस पर कहा कि जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं की जो लोग मूतवल्ली हैं अथवा वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर काबिज हैं ऐसे लोगों को भूमाफिया घोषित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए उन्होंने स्वीकार किया कि वक्त बोर्ड के खिलाफ ज्यादा शिकायतें आ रही हैं लेकिन ऐसी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया जा रहा है उन्होंने कहा कि योगीराज में जहां मुसलमान सुरक्षित है

वहीं पर एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है यह डीपी पिछली सरकारों ने हमेशा ही अल्पसंख्यकों को डराने का प्रयास किया है प्रेस वार्ता के दौरान कुछ समय के लिए जनपद के जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी एवं मुख्य विकास अधिकारी भी पत्रकारों के समक्ष मौजूद रहे लेकिन बाद में वह वहां से चले गए और उनके स्थान पर अल्पसंख्यक बोर्ड के सदस्य एवं भाजपा से जुड़े एवं मुसलमान समुदाय के लोग अपना जमावड़ा कर माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन को घेर कर बैठ गए और उनसे अपने-अपने मसलों पर चर्चा की

अशफाक सैफी ने कहा कि आपके जनपद में अगले महा कावड़ सेवा शुरू होने जा रही है ऐसे में मुसलमान भाइयों को चाहिए कि वे आगे बढ़कर कांवरियों की सेवा करें इस से परहेज न करें बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी के रहते हुए ने पत्रकारों को पानी पीने का मिला और नहीं अधिकारियों को और स्वयं बेबी पानी के लिए तरस गए गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर जनपद में वक्त बोर्ड की बेनामी संपत्ति बहुत है और लोग आसानी से उसकी खरीद और बेच कर रहे हैं .ऐसे में इन संपत्तियों के मूल्य पर शंका के बादल हमेशा ही मंडराते रहे हैं लोगों का कहना है तो यह भी है कि बोर्ड की संपत्ति पर अनेक सरकारी कार्यालय भी कार्यरत हैं जो जिन से खाली कराया जाना किसी के भी बस का काम नहीं है

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