बैनर पोस्टरों से न जाने कितने हादसे हो चुके है और न जाने आगे भी कितने हादसे होंगे
मुज़फ्फरनगर। जनपद मुज़फ्फरनगर में गांव हो या शहर हर तरफ आपको सरकारी खम्बों, विधुत ट्रांसफार्मरों सहित सरकारी/गैर सरकारी भवनों, मुख्य सड़कों चौक चौराहों पर फला प्रतियाशी मैदान में या फला प्रतियाशी इस बार कर रहे आजमाईश
जिन्हें फला चिन्ह का बटन अंगूठा लगाकर विजय बनाये जैसे न जाने कितने बैनर पोस्टर लगे मिल जायेंगे जिन्हें शायद जिले के आलाधिकारियों, सम्बंधित विभाग के अधिकारीयों/कर्मचारियों ने कभी भी हटवाने की कोशिश आज तक नही की है
जबकि इन बैनर पोस्टरों से न जाने कितने हादसे हो चुके है और न जाने आगे भी कितने हादसे होंगे ऐसे नही की जिले के आलाधिकारियों को इन सब बातों का पता नही।
पता होने के बाद भी कार्यवाही यहां सिर्फ जीरो है। दरअसल पूरा मामला जनपद मु० नगर का है जहां जिले भर के गांव या शहर की अगर हम बात करें तो यहां किसी भी पद,पार्टी आदि के चुनावो की घोषणा होते ही सरकारी/गैर सरकारी भवनों, चौक चौराहों,पार्कों, विधुत पोल,ट्रांसफार्मर आदि पर आप किसी भी प्रतियाशी के बैनर, पोस्टर आम देखते होंगे
लेकिन क्या कभी किसी ने यह भी सोचा होगा की आखिर इनसे कितना नुकसान भी होता है। आंधी तूफान, या अन्य कारणों से इन पोस्टरों बैनरों की वजह से विधुत ट्रांसफार्मर में आग, राह चलते राहगिरों पर खम्बों से टूटकर गिरने से चोटिल सहित सम्बंधित की मौत भी सम्भावित हो जाती है
लेकिन कभी भी कोई इस तरफ ध्यान नही देता की आखिर ये बैनर पोस्टर कितने हानिकारक साबित होंगे।वहीं दूसरी तरफ बेरोजगारी का आलम इतना बड़ा हो चला है की चन्द रुपयों के लालच में युवा इन बैनर पोस्टरों को विधुत पोल, ट्राँसफार्मर पर बिना पर बिना सुरक्षा के लगाते देखें जा सकते है।
शहर की जनता सहित कई समाज सेवियों, वकीलों आदि ने इन सब बैनरों पोस्टरों की लिखित व मौखिक शिकायतें भी जिले के आलाधिकारियों तक को कर रखीं है
लेकिन जिले के आलाधिकारियों सहित विधुत विभाग सम्बंधित विभाग के अधिकारी/कर्मचारी भी इस तरफ कोई भी ध्यान देने को तैयार नही जबकि इनसे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

