उत्तर प्रदेश

बांदा जिले के अतर्रा में 16 लाख के भूसा घोटाले में ग्राम पंचायत सचिव निलंबित

बांदा जिले के अतर्रा में अस्थाई गोशालाओं के नाम पर चारा-भूसा घोटाले पर आठ माह तक चली जांच के बाद आरोपी ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घोटाला की गई 16 लाख की रकम की वसूली के आदेश दिए गए हैं।

ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई की जाएगी। चारा-भूसा घोटाले की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित हुई थी। विधायक ने शिकायत की थी। नरैनी क्षेत्र की छतैनी ग्राम पंचायत में अन्ना पशुओं के लिए बनाई गई अस्थाई गोशाला के नाम पर चारा-भूसा आदि के लिए पिछले वर्ष करीब 16 लाख रुपये दिए गए थे।

आरोप है कि एक बार खरीदे गए भूसे के ढेर की कई बार अलग-अलग फोटो लेकर अलग-अलग खरीद दिखा दी गई। लाखों रुपये हड़प लिए गए। ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर यह घोटाला किए जाने के आरोप लगे। क्षेत्रीय विधायक राजकरन कबीर ने भी मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा।

उधर, खबर प्रकाशन के बाद डीएम ने जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार और जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. धीर की दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच कराई। जांच अधिकारियों ने चारा-भूसा में घोटाला पकड़ते हुए अपनी जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी।

सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा ने रिपोर्ट मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से ग्राम पंचायत अधिकारी/सचिव विनय कुमार को निलंबित कर दिया है। उन्हें अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में संबद्ध किया गया है। बिना अनुमति जिला मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए हैं। पूरे प्रकरण की तहकीकात बबेरू बीडीओ डॉ. प्रभात कुमार को सौंपी है।

गौरतलब है कि छतैनी गांव में अस्थाई गोशाला के लिए 4 लाख 27 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाता था। उधर, जिला विकास अधिकारी कृष्ण करुणा शंकर पांडेय ने ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान के बारे में भी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

 

News Desk

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