रक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा फैसला: केंद्रीय कैबिनेट ने दी आकाश मिसाइल के निर्यात को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को देश के रक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा फैसला लेते हुए आकाश मिसाइल प्रणाली के निर्यात को अनुमति दे दी। सरकारी सूत्रों के अनुसार नौ मित्र देशों ने डीआरडीओ की ओर से विकसित आकाश मिसाइल का अधिग्रहण करने में रुचि दिखाई है।
सूत्रों के अनुसार ये देश दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका के हैं। सूत्रों ने कहा कि कैबिनेट की ओर से अनुमति मिलने के बाद रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली एक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई इन देशों को इस हथियार प्रणाली का निर्यात करने के अवसरों को तलाशेगी।
After the clearance by the Union Cabinet today, a public sector unit under Defence Ministry will explore the opportunities of exporting the weapon system to these countries: Govt sources https://t.co/0QKByLhdnH
— ANI (@ANI) December 30, 2020
कैबिनेट की अनुमति मिलने के साथ ही निर्यात को तेजी से सुगम बनाने के लिए एक समिति गठित करने का भी निर्णय किया गया।
रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, आत्मनिर्भर भारत के तहत देश रक्षा उपकरणों और मिसाइलों के व्यापक प्रारूपों के निर्माण की क्षमता बढ़ा रहा है।
Akash is country’s important missile with over 96 percent indigenisation. Akash is a Surface to Air Missile with a range of 25 Kms.
The export version of Akash will be different from System currently deployed with Indian Armed Forces.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) December 30, 2020
बता दें कि निर्यात की जाने वाली मिसाइलें भारतीय बलों के पास मौजूद मिसाइलों से अलग होंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, ‘आकाश मिसाइल का निर्यात किया जाने वाला संस्करण वर्तमान में भारतीय सुरक्षा बलों के पास मौजूद मिसाइल से अलग होगा।’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, ‘आकाश देश की महत्वपूर्ण मिसाइल है और यह 96 प्रतिशत स्वदेशी प्रकृति की है। आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है और इसकी क्षमता 25 किलोमीटर है।’
उन्होंने कहा कि आकाश का निर्यात प्रारूप वर्तमान में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के साथ तैनात प्रणाली से अलग होगा।

