Arvind Kejriwal की गिरफ्तारी पर जर्मनी की टिप्पणी, जर्मन दूत जॉर्ज एनजवीलर तलब
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जर्मन दूत जॉर्ज एनजवीलर को विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने तलब किया और बताया कि Arvind Kejriwal की गिरफ्तारी पर जर्मन विदेश मंत्रालय की टिप्पणी भारत की न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप है. मंत्रालय ने कहा कि कोई भी ‘पूर्वाग्रह वाली पूर्वधारणा’ बिल्कुल अवांछित है.
जर्मनी के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने Arvind Kejriwal की गिरफ्तारी का संज्ञान लिया था. जर्मन अधिकारी ने कहा था, हमारा मानना है और उम्मीद करते हैं कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़े मानक और मूलभूत लोकतांत्रिक सिद्धांत भी इस मामले में लागू होंगे.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, नयी दिल्ली में जर्मनी के दूतावास के उप प्रमुख को आज तलब किया गया और हमारे आंतरिक मामलों पर उनके विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणी पर भारत के कड़े विरोध से अवगत कराया गया. उन्होंने कहा, हम इस तरह की टिप्पणियों को हमारी न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप और हमारी न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमतर करने के रूप में देखते हैं. जायसवाल ने कहा, भारत एक जीवंत और कानून का शासन वाला मजबूत लोकतंत्र है. जैसा कि देश में और लोकतांत्रिक दुनिया में अन्य जगहों पर सभी कानूनी मामलों में होता है, कानून इस मामले में अपना काम करेगा. इस बारे में पूर्वाग्रह वाली पूर्वधारणाएं बिल्कुल अवांछित हैं.
दिल्ली हाई कोर्ट से गिरफ्तारी से राहत नहीं मिलने के बाद ईडी की टीम 21 मार्च को मुख्यमंत्री आवास पहुंची और सीएम अरविंद केजरीवाल से करीब दो घंटे पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार कर लिया. शुक्रवार को ईडी ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 28 मार्च तक के लिए हिरासत में भेज दिया गया है.
भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के पूर्व अधिकारी Arvind Kejriwal पर ईडी ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 तैयार करने और लागू करने के लिए ‘साउथ ग्रुप’ से रिश्वत के रूप में कई करोड़ रुपये मिले. बाद में इस नीति को रद्द कर दिया गया था. ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चुनाव लड़ने के लिए ‘साउथ ग्रुप’ के कुछ आरोपियों से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की मांग की. इसने आरोप लगाया कि अपराध से अर्जित इस आय का एक हिस्सा, लगभग 45 करोड़ रुपये का इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनावों में आप के चुनाव प्रचार अभियान में किया गया था.
