Mathura: टैक्सी चालक मिला अधजला शव, गुमशुदगी दर्ज किए जाने के बाद भी कार्रवाई न करने का आरोप
Mathura जैंत क्षेत्र से लापता टैक्सी चालक का अधजला शव राजस्थान के धौलपुर जिले में मिला। गुमशुदगी दर्ज किए जाने के बाद भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिजनों ने शनिवार को थाने पर प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर कार्रवाई की मांग भी की। वहीं सीओ सदर ने परिवारीजनों को समझा कर मामला शांत कराया।
जानकारी के अनुसार, 4 जून को लापता हुए टैक्सी चालक रिंकू पुत्र दीना की कार संजय कॉलेज के समीप जैंत थाना क्षेत्र में बंबे पर अगले दिन लावारिस हाल में मिली थी। सीओ सदर कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि परिजनों ने थाना जैंत में रिंकू के अपहरण होने की आशंका जताते हुए 6 जून को तहरीर दी। जैंत पुलिस ने जांच कर 7 जून को गुमशुदगी दर्ज कर ली गई। वहीं 5 जून को धौलपुर जिले के थाना मनिया क्षेत्र में एक युवक का अधजला शव मिला। शव की शिनाख्त न होने पर धौलपुर पुलिस ने अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया।
इसी बीच जांच के दौरान Mathura धौलपुर पुलिस को जानकारी हुई कि अधजला शव जनपद मथुरा के रिफाइनरी क्षेत्र के नरसीपुरम निवासी रिंकू पुत्र दीना का है। इस पर धौलपुर पुलिस तीन दिन पूर्व मृत युवक के घर पहुंची। शव के फोटोग्राफ एवं उसके पास से मिले सामान के आधार पर परिजनों से शव की शिनाख्त कराई। रिंकू की मौत की खबर सुनते ही परिवारवाले गमगीन हो उठे। परिवारीजनों ने रिंकू के दो साथियों पर हत्या कर शव को जलाने का आरोप लगाया है।
वहीं मृतक रिंकू की मां सरोज अग्रवाल ने आरोप लगाया कि जैंत पुलिस ने दो तीन दिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस चाहती तो बेटे को खोज सकती थी। सीओ सदर ने बताया कि तहरीर के आधार पर युवक की गुमशुदगी दर्ज कर ली गई थी। धौलपुर में भी मृतक की हत्या का मुकदमा दर्ज है।
जब समाज में ऐसी घटनाएं होती हैं जिनसे हमारा दिल दुखता है और हम अच्छा नहीं महसूस करते, तो वहीं हमें सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि क्या हमारा समाज सही दिशा में बढ़ रहा है। बेहद ही दुखद और चिंताजनक हालात में उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की जैंत क्षेत्र से एक टैक्सी चालक का अधजला शव राजस्थान के धौलपुर जिले में मिला है। यह घटना हमें समाज में किसी भी प्रकार के हिंसात्मक कार्यों के प्रति सजग रहने की जरूरत को फिर से समझाती है।
यह खबर सुनकर हमें अद्भुत दुख होता है कि कैसे इस समय में भी मानवता और इंसानियत की कमी हो गई है। एक इंसान की मौत को इतने बेहदतरीन तरीके से उसके साथीदारों ने प्रयासित कर उसे छुपाने की कोशिश की है। इस तरह की घटनाएं हमारे समाज के लिए बेहद निरादर्श हैं और हमें इस पर गहरी सोचने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही यह भी चिंताजनक है कि पीड़ित के परिवार को अपने हक के लिए लड़ने में इतनी मुश्किलें उठानी पड़ीं। उन्हें पुलिस और अन्य संघर्षों का सामना करना पड़ा, जो इस दुखद घटना के बाद भी उनके साथ हो रहा था।
इस घटना से हमें यह भी सीखने को मिलता है कि हमें समाज में और भी अधिक सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है। हमें अपने समाज में ऐसे आदर्शों की जरूरत है जो हिंसा के खिलाफ खड़े होकर इसे रोकें और समाज को एक सुरक्षित और स्थिर स्थिति में रखें।
इस दुखद घटना से हमें यह भी सिखने को मिलता है कि हमें अपने परिवार और समाज के लोगों के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए। हमें अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा और समर्थन के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। इससे हमारे परिवार और समाज में एकता और सौहार्द बढ़ेगा और हम सभी एक सुरक्षित और स्थिर समाज की ओर अग्रसर होंगे।

