Manikarnika Temple में चिता भस्म की होली को अनुमति, घाट पर रोक; पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था












Manikarnika Temple Chita Bhasma Holi को इस वर्ष मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ मनाने की अनुमति दी गई है, जबकि घाट पर चिता भस्म की होली खेलने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आयोजन केवल मंदिर परिसर तक सीमित रहेगा।
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार को दोपहर 12 बजे से बाबा महाश्मशान नाथ मंदिर में चिता भस्म की होली शुरू होगी और दोपहर 2 बजे तक समाप्त कर दी जाएगी। घाट क्षेत्र में इसकी अनुमति नहीं दी गई है।
🔴 परंपरागत विधि से होगा आयोजन
बाबा महाश्मशान नाथ मंदिर के व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी पूजा-अर्चना के बाद परंपरागत तरीके से चिता भस्म की होली खेली जाएगी।
उन्होंने कहा कि घाट पर भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है, जबकि मंदिर परिसर में आयोजन धार्मिक परंपरा के अनुसार ही संपन्न होगा।
🔴 घाटों पर नहीं मिलेगी अनुमति
मणिकर्णिका घाट पर चिता भस्म की होली खेलने की अनुमति इस बार नहीं दी गई है। नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार, कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए अनुमति का निर्णय पुलिस प्रशासन लेता है।
घाटों पर सफाई का कार्य नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
🔴 सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Varanasi Holi security के तहत प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
घाटों और आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेडिंग कर दी गई है।
एक घाट से दूसरे घाट तक जाने वाले रास्तों पर बांस की बल्लियां लगाई गई हैं।
सतुआ बाबा आश्रम के पास भी सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
गलियों में सादे वेश में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
इसके अलावा मणिकर्णिका क्षेत्र में अत्याधुनिक शवदाह गृह का निर्माण कार्य जारी है, जिसे टीन शेड से घेरा गया है, ताकि निर्माण स्थल पर भीड़ न पहुंचे।
🔴 परंपरा और व्यवस्था के बीच संतुलन
Manikarnika Temple Chita Bhasma Holi वाराणसी की विशिष्ट धार्मिक परंपराओं में से एक है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। प्रशासन का कहना है कि परंपरा का सम्मान करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।







