उत्तर प्रदेश

Ghaziabad में ISI जासूसी नेटवर्क का बड़ा खुलासा: मास्टरमाइंड समीर शूटर समेत 3 और गिरफ्तार, 50 संवेदनशील ठिकानों की रेकी से दहला देश

Ghaziabad ISI spy network मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने देशभर में सनसनी फैला दी है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर चल रहे इस संगठित जासूसी नेटवर्क में मास्टरमाइंड समीर उर्फ शूटर समेत तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी ने पूरे ऑपरेशन की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

इस कार्रवाई के साथ ही अब तक इस खतरनाक नेटवर्क से जुड़े कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि यह कोई साधारण अपराध नहीं बल्कि सुनियोजित राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा षड्यंत्र था।


Ghaziabad ISI spy network में दिल्ली, कौशांबी और शामली से गिरफ्तारी

Ghaziabad ISI spy network के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एसटीएफ ने मास्टरमाइंड समीर शूटर, समीर और शिवराज को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। इनकी गिरफ्तारी दिल्ली, कौशांबी और शामली से की गई है।

गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें कई संवेदनशील जानकारियां और विदेशी संपर्कों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिलने की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियां इन मोबाइल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं।


पाकिस्तानी ISI के लिए संवेदनशील जानकारी भेजने का आरोप

जांच में सामने आया है कि Ghaziabad ISI spy network से जुड़े आरोपी लंबे समय से देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय थे। आरोप है कि वे रेलवे स्टेशन, सुरक्षा बलों के ठिकानों और अन्य रणनीतिक संस्थानों की तस्वीरें, वीडियो और जीपीएस लोकेशन पाकिस्तान भेज रहे थे।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दर्ज एफआईआर में UAPA की धारा 18 भी जोड़ दी है, जो आतंकवादी गतिविधियों की साजिश से संबंधित मामलों में लगाई जाती है।


रेलवे ट्रैक पर लगाया गया CCTV कैमरा पाकिस्तान से मॉनिटर हो रहा था

Ghaziabad ISI spy network का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी शिवराज ने सोनीपत रेलवे ट्रैक पर CCTV कैमरा लगवाया था।

इस कैमरे की मॉनिटरिंग सीधे पाकिस्तान से की जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य आवाजाही की जानकारी जुटाने के लिए की जा रही थीं।


व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए संचालित हो रहा था जासूसी नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि Ghaziabad ISI spy network से जुड़े सभी 21 आरोपी व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में थे।

इन ग्रुप्स के जरिए उन्हें अलग-अलग टास्क दिए जाते थे, जिनमें देश के संवेदनशील इलाकों की रेकी करना, फोटो और वीडियो तैयार करना और विदेशी नंबरों पर भेजना शामिल था।


देशभर के 50 संवेदनशील स्थानों पर CCTV लगाने का टास्क

पुलिस जांच के अनुसार Ghaziabad ISI spy network को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी द्वारा देश के करीब 50 संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने का विशेष निर्देश दिया गया था।

यदि यह योजना पूरी तरह सफल हो जाती, तो भारत की कई महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक गतिविधियों की निगरानी सीमा पार से संभव हो सकती थी।


14 मार्च को मिली थी पहली गोपनीय सूचना

इस पूरे Ghaziabad ISI spy network का खुलासा 14 मार्च को उस समय शुरू हुआ जब थाना कौशांबी पुलिस को सूचना मिली कि भोवापुर क्षेत्र में रहने वाले कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं।

सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई, जिसमें सामने आया कि आरोपी रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों की लोकेशन की वीडियो रिकॉर्डिंग कर विदेशी संपर्कों को भेज रहे थे।


सोशल मीडिया के जरिए हुआ गिरोह से संपर्क

पूछताछ में मास्टरमाइंड समीर उर्फ शूटर ने खुलासा किया कि वर्ष 2023–24 के दौरान उसने हथियारों के साथ अपनी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए थे।

इसी दौरान गिरोह के सदस्य नौशाद और सुहैल ने उससे संपर्क किया और धीरे-धीरे उसे विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुप्स में जोड़ लिया गया।

इसके बाद उसे अलग-अलग संवेदनशील स्थानों की रेकी करने और जानकारी भेजने के टास्क दिए जाने लगे।


प्ले स्टोर से एप डाउनलोड कर दी गई थी ट्रेनिंग

Ghaziabad ISI spy network में शामिल आरोपियों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया गया था। समीर ने बताया कि फोटो और वीडियो भेजने के लिए उसे प्ले स्टोर से विशेष एप डाउनलोड करवाया गया था।

इन एप्स के माध्यम से लोकेशन ट्रैकिंग और सुरक्षित डेटा ट्रांसमिशन किया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए नेटवर्क पकड़ना कठिन हो जाता था।


पैसों का लालच देकर युवकों को जोड़ा गया नेटवर्क से

पूछताछ में यह भी सामने आया कि Ghaziabad ISI spy network से जुड़े आरोपी समीर ने कई युवकों को पैसों का लालच देकर इस गिरोह से जोड़ा था।

इन युवकों से अलग-अलग स्थानों की रेकी करवाई जाती थी और उनके माध्यम से संवेदनशील जानकारी जुटाई जाती थी।


इंस्टाग्राम से शुरू हुआ दूसरा आरोपी का संपर्क

एक अन्य आरोपी समीर पुत्र शहजाद ने बताया कि वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए नौशाद से हुई थी।

इसके बाद उसे व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां पहले से मीरा नाम की महिला सदस्य मौजूद थी। इसी नेटवर्क के माध्यम से वह हथियार तस्करी जैसी गतिविधियों में भी शामिल हो गया।


मध्य प्रदेश में हथियार तस्करी से भी जुड़े थे तार

जांच में सामने आया कि Ghaziabad ISI spy network केवल जासूसी तक सीमित नहीं था, बल्कि हथियारों की अवैध तस्करी से भी जुड़ा हुआ था।

आरोपी समीर ने स्वीकार किया कि वह मीरा के साथ मध्य प्रदेश में पिस्टल तस्करी के मामले में भी शामिल रहा है।


विदेशी नंबरों पर भेजे गए सुरक्षा ठिकानों के वीडियो

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने विभिन्न सुरक्षा बलों के ठिकानों, रेलवे स्टेशन और अन्य रणनीतिक प्रतिष्ठानों के वीडियो और फोटो विदेशी नंबरों पर भेजे थे।

यह गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर खतरा मानी जा रही हैं।


5000 रुपये में लगाया गया संवेदनशील CCTV कैमरा

गिरफ्तार आरोपी शिवराज ने बताया कि वह पहले गिरफ्तार किए जा चुके साहिल के माध्यम से Ghaziabad ISI spy network से जुड़ा था।

साहिल के कहने पर उसने सोनीपत रेलवे ट्रैक के पास CCTV कैमरा लगाया, जिसके बदले उसे मात्र 5000 रुपये दिए गए थे।


ऑनलाइन पेमेंट के जरिए होता था भुगतान

जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि Ghaziabad ISI spy network में शामिल आरोपियों को उनकी गतिविधियों के बदले ऑनलाइन पेमेंट किया जाता था।

अब जांच एजेंसियां पाकिस्तान से भेजे गए पैसों की पूरी मनी ट्रेल खंगाल रही हैं।


मनी ट्रेल की जांच से सामने आ सकते हैं बड़े खुलासे

जांच अधिकारियों का मानना है कि Ghaziabad ISI spy network की मनी ट्रेल से इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आ सकते हैं।

संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

Ghaziabad ISI spy network के खुलासे के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। देशभर के संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

रेलवे स्टेशन, सैन्य ठिकानों और अन्य रणनीतिक संस्थानों की निगरानी और मजबूत की जा रही है।


Ghaziabad ISI spy network का खुलासा यह संकेत देता है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को निशाना बनाने के लिए विदेशी एजेंसियां लगातार साजिश रच रही हैं, लेकिन सतर्क सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से ऐसे नेटवर्क एक-एक कर बेनकाब हो रहे हैं। 21 गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं, जिससे आने वाले समय में और बड़े खुलासों की संभावना मजबूत हो गई है।

 

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