व्हाट्सएप पर शादी का कार्ड खोलते ही खाते से उड़े 5.41 लाख रुपये, बरेली में Cyber Fraud का चौंकाने वाला मामला
उत्तर प्रदेश के बरेली से Cyber Fraud का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को व्हाट्सएप पर शादी का कार्ड भेजकर साइबर ठगों ने लाखों रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित युवक ने जैसे ही शादी का कार्ड समझकर पीडीएफ फाइल खोली, उसके मोबाइल का डेटा और बैंक खाता दोनों साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गए।
कुछ ही दिनों में युवक के खाते से 5 लाख 41 हजार 85 रुपये निकाल लिए गए। घटना का खुलासा होने के बाद पीड़ित के होश उड़ गए और उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
व्हाट्सएप पर आया था शादी का निमंत्रण
जानकारी के अनुसार Bareilly के शाही क्षेत्र के दुनका निवासी नितिन गुप्ता को 22 अप्रैल को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त हुआ।
मैसेज भेजने वाले ने अपना नाम साजिद बताया और शादी का निमंत्रण कार्ड भेजा। यह कार्ड पीडीएफ फाइल के रूप में था। नितिन ने इसे सामान्य शादी का कार्ड समझकर खोल लिया।
लेकिन जैसे ही उन्होंने फाइल ओपन की, कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल से व्हाट्सएप गायब हो गया। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद कोई तकनीकी समस्या हुई है।
दो महीने का डेटा गायब, फिर खाते से निकल गए लाखों रुपये
पीड़ित के अनुसार जब उन्होंने दोबारा व्हाट्सएप चालू किया तो उनका करीब दो महीने पुराना डेटा गायब हो चुका था। तकनीकी जानकारी कम होने की वजह से उन्होंने उस समय इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
हालांकि 5 मई को जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जांच की तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खाते से कुल 5,41,085 रुपये गायब हो चुके थे।
पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी हुई है।
कैसे काम करता है शादी कार्ड PDF साइबर स्कैम?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के मामलों में ठग पीडीएफ फाइल या लिंक के जरिए मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल कर देते हैं।
जैसे ही व्यक्ति फाइल खोलता है, उसके फोन का एक्सेस साइबर अपराधियों तक पहुंच सकता है। कई मामलों में बैंकिंग ऐप, ओटीपी, मैसेज और निजी जानकारी भी हैकर्स के नियंत्रण में चली जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल शादी कार्ड, बिजली बिल, बैंक केवाईसी, कुरियर और नौकरी ऑफर जैसे नामों से फर्जी फाइलें भेजकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
साइबर ठग अब सोशल इंजीनियरिंग का कर रहे इस्तेमाल
साइबर अपराधी अब लोगों की भावनाओं और भरोसे का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। शादी का कार्ड, रिश्तेदार का नाम, सरकारी नोटिस या बैंक अलर्ट जैसी चीजें देखकर लोग बिना सोचे-समझे फाइल खोल लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक को “सोशल इंजीनियरिंग” कहा जाता है, जिसमें ठग पहले व्यक्ति का भरोसा जीतते हैं और फिर उसे जाल में फंसा लेते हैं।
मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऐसे साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।
साइबर पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
साइबर क्राइम अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक, पीडीएफ फाइल या ऐप को बिना जांचे न खोलें।
अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी अब बेहद आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे साधारण दिखने वाले मैसेज भी खतरनाक साबित हो सकते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपने मोबाइल और बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखने की सलाह दी है।
ये सावधानियां बरतना बेहद जरूरी
साइबर विशेषज्ञों और पुलिस ने लोगों के लिए कुछ जरूरी सावधानियां भी जारी की हैं—
- अनजान नंबर से आई पीडीएफ फाइल या लिंक बिल्कुल न खोलें।
- किसी को आधार कार्ड, पैन कार्ड या बैंक डिटेल साझा न करें।
- सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मजबूत प्राइवेसी सेटिंग लगाकर रखें।
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- ऑफर, इनाम या लॉटरी के झांसे में न आएं।
- किसी को ओटीपी या बैंकिंग पासवर्ड न बताएं।
- वीडियो कॉल के दौरान सावधानी बरतें, क्योंकि न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले बढ़ रहे हैं।
- मोबाइल में हमेशा अपडेटेड एंटीवायरस और सिक्योरिटी फीचर का इस्तेमाल करें।
ठगी होते ही तुरंत करें ये काम
साइबर पुलिस का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाए तो तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ठगी का पता चलते ही तुरंत बैंक को सूचना दें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
इसके अलावा सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
बढ़ते साइबर अपराध बने बड़ी चुनौती
देशभर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधी भी अपने तरीके बदल रहे हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक और सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

