Muzaffarnagar में गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, 44 डिग्री तापमान से बेहाल लोग; कूलर-AC भी पड़े बेअसर
Dr. S.K. Agarwal
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heatwave news, Muzaffarnagar weather, summer news, तापमान 44 डिग्री, भीषण गर्मी, मुजफ्फरनगर समाचार, मौसम अपडेट, यूपी मौसम समाचार, लू का प्रकोप, हीटवेवMuzaffarnagar में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी । चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया। हालात ऐसे रहे कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया। जिले का तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिससे पूरा शहर तपती भट्टी में बदलता नजर आया।
तेज धूप और उमस भरी गर्मी का असर इस कदर बढ़ गया कि कई जगह एयर कंडीशनर और कूलर भी राहत देने में नाकाम दिखाई दिए। लोग गर्मी से बचने के लिए ठंडे पेय पदार्थों, जूस और घरों में रहने का सहारा लेते नजर आए।
सुबह से ही शुरू हो गई तपिश, दोपहर में सूनी पड़ी सड़कें
मंगलवार सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया था। सूरज की तपिश इतनी तेज थी कि दोपहर होते-होते शहर की सड़कों और बाजारों में सन्नाटा नजर आने लगा।
आवश्यक कार्य से बाहर निकलने वाले लोग अपने सिर और चेहरे को गमछे, साफे और कपड़ों से ढककर चलते दिखाई दिए। कई लोगों ने तेज धूप से बचने के लिए छातों और मास्क का भी इस्तेमाल किया।
दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्म हवाओं के थपेड़े चेहरे और शरीर को झुलसा रहे थे, जिससे लोगों को सफर के दौरान काफी दिक्कत हुई।
महिलाएं और युवतियां चेहरे ढककर निकलीं घरों से बाहर
भीषण गर्मी और तेज धूप से बचने के लिए महिलाएं और युवतियां भी पूरी तरह सतर्क नजर आईं। बाजारों और सड़कों पर महिलाएं दुपट्टे, मास्क और कपड़ों से चेहरा ढककर निकलती दिखाई दीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और तेज यूवी किरणों के कारण लोग अब त्वचा और स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने लगे हैं।
गर्म हवाओं ने बढ़ाई परेशानी, राहत के बजाय और बढ़ी उमस
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को हवा की रफ्तार लगभग 18 से 21 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। हालांकि यह हवाएं लोगों को राहत देने के बजाय गर्म थपेड़ों में बदल गईं।
तेज गर्म हवाओं के कारण उमस और गर्मी का असर और ज्यादा बढ़ गया। कई लोगों ने बताया कि घरों में लगे कूलर भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जबकि एयर कंडीशनर लगातार चलने के बावजूद पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और हवा भी गर्म हो जाती है, तब कूलिंग सिस्टम की क्षमता भी प्रभावित होने लगती है।
गर्मी का बाजारों पर भी पड़ा असर
भीषण गर्मी का असर शहर के बाजारों में भी साफ दिखाई दिया। दोपहर के समय अधिकांश बाजारों में भीड़ बेहद कम नजर आई।
हालांकि दूसरी ओर आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, शिकंजी, गन्ने का रस और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई। शहर में जगह-जगह जूस सेंटर और शरबत की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी संख्या दिखाई दी।
दुकानदारों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री में तेजी आई है। कई लोग राहत पाने के लिए बेल का जूस, नींबू पानी और ठंडे फलों का सेवन कर रहे हैं।
गन्ने का रस और बेल का जूस बना लोगों का सहारा
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पारंपरिक देसी पेय पदार्थों की ओर भी रुख कर रहे हैं। गन्ने का रस, बेल का जूस, शिकंजी और ठंडे शरबत की मांग में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये पेय पदार्थ शरीर को ठंडक देने और पानी की कमी दूर करने में मदद करते हैं। खासतौर पर बेल का जूस और गन्ने का रस गर्मियों में शरीर को ऊर्जा देने वाले प्राकृतिक विकल्प माने जाते हैं।
डॉक्टरों ने जारी की सावधानी बरतने की सलाह
डॉक्टरों ने भीषण गर्मी और लू के बीच लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए।
डॉक्टरों ने नागरिकों को अधिक मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों ने कहा कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में गर्मी ने बदले हालात
पश्चिम उत्तर प्रदेश में इन दिनों गर्मी लगातार अपने तीखे तेवर दिखा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।
आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने के कारण तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। कई इलाकों में रात के समय भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द बारिश या पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
बढ़ती गर्मी के बीच बिजली और पानी की मांग भी बढ़ी
भीषण गर्मी के चलते शहर में बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। लोग लगातार कूलर, पंखे और एसी चला रहे हैं, जिससे बिजली की खपत बढ़ गई है।
कई इलाकों में लोगों ने बिजली कटौती और कम पानी की शिकायत भी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ संसाधनों पर दबाव भी बढ़ता जाता है।
हीटवेव के बीच प्रशासन और नागरिकों के लिए चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ती हीटवेव अब प्रशासन और आम नागरिकों दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था, छायादार जगहों और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। सामाजिक संगठनों द्वारा भी कई स्थानों पर प्याऊ और ठंडे पानी की व्यवस्था की जा रही है।

