Mathura में दलित बरात पर पथराव से बवाल, बाबा साहेब की तस्वीर लेकर निकले दूल्हों पर हमला; गांव में भारी तनाव
Mathura जिले में बुधवार देर रात एक शादी समारोह उस समय हिंसक झड़प में बदल गया, जब बरात चढ़ने के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला इतना बढ़ गया कि जमकर पथराव, मारपीट और हंगामा हुआ। पुलिस के पहुंचने के बाद भी हालात पूरी तरह नहीं संभल सके और पुलिसकर्मियों को भी विरोध का सामना करना पड़ा।
घटना हाईवे थाना क्षेत्र के गांव नरहौली की बताई जा रही है, जहां अनुसूचित जाति समाज की बरात पर पथराव किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
दो भाइयों की बरात में शामिल थे सैकड़ों लोग
जानकारी के अनुसार गांव नरहौली निवासी गुल्ला की बेटियों लक्ष्मी और पूनम की शादी थी। बरात गोवर्धन थाना क्षेत्र के गांव भरनकलां से आई थी। नेमचंद के बेटे अशोक और कुलदीप दूल्हे थे।
रात करीब 11 बजे भरतपुर चौराहे से बरात की चढ़त शुरू हुई। दोनों दूल्हे बग्गी पर सवार थे और उनके साथ बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर भी रखी गई थी। बरात में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे और डीजे-बैंड के साथ उत्सव का माहौल बना हुआ था।
बरात पर पथराव का आरोप, छतों से फेंकी गईं ईंटें
दूल्हों के चाचा भगवानदास ने आरोप लगाया कि बरात जब ठाकुर बाहुल्य क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अचानक कुछ घरों की छतों से पत्थर और ईंटें फेंकी जाने लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया और जमकर मारपीट होने लगी।
बरातियों का आरोप है कि उन पर जातिगत मानसिकता के चलते हमला किया गया। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए बरातियों पर ही हंगामा और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है।
घरों और दुकानों में तोड़फोड़ के आरोप
स्थानीय निवासी मीना ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुछ बराती हंगामा करते हुए रवि मिष्ठान भंडार में घुस गए और वहां तोड़फोड़ की। दूसरी तरफ दुल्हनों के परिवार का कहना है कि आरोपियों ने उनके घर में घुसकर सामान तोड़ा और दहेज के लिए रखा सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
दुल्हनों के भाई नाहर सिंह ने बताया कि शादी के लिए नया ट्रैक्टर खरीदा गया था, जिसमें खानपान का सामान रखा था। आरोप है कि उपद्रवियों ने ट्रैक्टर में भी तोड़फोड़ की और सामान बर्बाद कर दिया।
पुलिस पहुंची तो और बढ़ गया हंगामा
घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन हालात इतने तनावपूर्ण थे कि पुलिस की मौजूदगी में भी पथराव और हंगामा जारी रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच लाठियां चलने की भी खबर सामने आई है।
कुछ महिलाओं ने भी लाठी लेकर पुलिस का विरोध किया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा।
दुल्हनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के दौरान दोनों दुल्हनें भी मौके पर पहुंच गईं और उन्होंने पुलिस पर पक्षपात और उत्पीड़न के आरोप लगाए।
दुल्हनों का कहना था कि दूसरे पक्ष के लोग उनके घर में घुस आए और तोड़फोड़ की, जबकि पुलिस ने भी बरातियों के साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि खाना खा रहे लोगों को भी पीटा गया।
दुल्हनों और उनके परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल नजर आया। शादी का माहौल कुछ ही मिनटों में तनाव और भय में बदल गया।
बीमार व्यक्ति को लेकर जा रहे थे लोग, वहीं से शुरू हुआ विवाद?
दुल्हनों के भाई नाहर सिंह ने बताया कि ठाकुर समुदाय का एक व्यक्ति बीमार था, जिसे कुछ लोग डॉक्टर के पास लेकर जा रहे थे। उनका कहना है कि जब वे लोग बरात के पास से गुजरे तो कहासुनी शुरू हो गई।
आरोप है कि कुछ लोगों ने दूल्हों की बग्गी में लात मार दी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और फिर मारपीट तथा पथराव शुरू हो गया।
हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हिंसा की शुरुआत किस कारण से हुई।
गांव में देर रात तक तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद गांव नरहौली में देर रात तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, एडीएम एफआर पंकज वर्मा, एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र और एसपी ट्रैफिक राजेश तिवारी भारी पुलिस बल के साथ गांव में डटे रहे।
प्रशासन ने सुरक्षा के बीच शादी की रस्में पूरी कराईं। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी छाया मामला
घटना के बाद गांव में हुई हिंसा और पथराव के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कुछ लोग इसे जातीय तनाव से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि किसी भी शादी समारोह में इस तरह की हिंसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
जातीय तनाव और कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शादी जैसे खुशी के अवसर पर हिंसा और तनाव समाज के लिए चिंताजनक संकेत हैं।
प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती अब गांव में शांति बनाए रखना और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करना है।

