Muzaffarnagar समेत पश्चिमी यूपी में भीषण गर्मी का कहर, 45 डिग्री तापमान ने लोगों और पशु-पक्षियों का जीना किया मुश्किल
Dr. S.K. Agarwal
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Heatwave Alert, Muzaffarnagar weather, गर्म हवाएं, गर्मी का कहर, जल संकट, तापमान, पश्चिमी यूपी मौसम, बिजली संकट, भीषण गर्मी, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, मौसम समाचार, हीटवेवMuzaffarnagar और पश्चिमी उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में हैं। अप्रैल के अंतिम सप्ताह से शुरू हुआ गर्मी का दौर अब विकराल रूप धारण कर चुका है। दिन चढ़ने के साथ ही सूरज की तपिश लोगों को झुलसाने लगती है और शाम तक गर्म हवाओं का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा। हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई देने लगी हैं और बाजारों में भीड़ बेहद कम हो गई है।
लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जो लोगों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षी भी इस प्रचंड गर्मी से बेहाल नजर आ रहे हैं।
सुबह से शुरू हो जाती है तपिश, शाम तक नहीं मिलती राहत
मुजफ्फरनगर में गर्मी का आलम यह है कि सुबह सूरज निकलते ही तेज धूप लोगों को परेशान करने लगती है। दोपहर होते-होते गर्म हवाएं यानी लू हालात को और भयावह बना देती हैं। शाम करीब पांच-छह बजे तक भी वातावरण में तपिश बनी रहती है।
लोगों का कहना है कि इस बार गर्मी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छाया रहता है। जिन लोगों को जरूरी काम से बाहर निकलना पड़ रहा है, वे सिर ढककर और चेहरे को कपड़े से बचाकर निकलते दिखाई दे रहे हैं।
बाजारों में सन्नाटा, कारोबार पर पड़ा असर
भीषण गर्मी का असर अब बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि दोपहर के समय ग्राहक लगभग न के बराबर आ रहे हैं।
व्यापारियों के अनुसार सुबह और शाम के समय ही कुछ खरीदारी हो पा रही है, जबकि दोपहर में बाजार सूने पड़े रहते हैं। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोग घरों में रहना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं।
कई दुकानदारों ने बताया कि गर्मी की वजह से कारोबार में गिरावट आई है, जिससे आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। खासतौर पर खुले बाजारों और सड़क किनारे व्यापार करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दिहाड़ी मजदूर और रिक्शा चालक सबसे ज्यादा परेशान
इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजी-रोटी के लिए दिनभर बाहर काम करना पड़ता है। दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारी और सड़क किनारे काम करने वाले लोग गर्मी से बेहद परेशान हैं।
तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच घंटों काम करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कई मजदूरों ने बताया कि दोपहर के समय काम करना लगभग असंभव हो गया है, लेकिन मजबूरी में उन्हें काम जारी रखना पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक काम करने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
अस्पतालों में बढ़ने लगे गर्मी से बीमार मरीज
बढ़ती गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी और लू लगने जैसी समस्याओं के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इस मौसम में ज्यादा संवेदनशील होते हैं। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी की कमी होने पर गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है, इसलिए गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
मौसम वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, अभी राहत की उम्मीद कम
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।
उन्होंने बताया कि मौसम फिलहाल शुष्क बना रहेगा और तापमान ऊंचा रहने की संभावना है। तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को लगातार परेशान करती रहेंगी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस समय हीटवेव जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण दिन और रात दोनों समय तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।
पशु-पक्षी भी गर्मी से बेहाल, पानी के लिए भटक रहे
प्रचंड गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। पशु-पक्षी भी इस भीषण मौसम से परेशान नजर आ रहे हैं। तेज धूप और सूखे वातावरण के कारण उन्हें पानी और छांव के लिए भटकना पड़ रहा है।
सड़कों और गलियों में घूमने वाले आवारा पशु अक्सर पेड़ों की छांव में बैठे दिखाई दे रहे हैं। वहीं पक्षियों के लिए भी पानी की भारी समस्या पैदा हो रही है।
हालांकि कई सामाजिक संस्थाएं और पशु प्रेमी आगे आकर पशुओं के लिए दाना-पानी और चारे की व्यवस्था कर रहे हैं। शहर के कई इलाकों में पक्षियों के लिए पानी के बर्तन भी रखे जा रहे हैं।
बिजली और पानी की मांग बढ़ने से बढ़ा दबाव
लगातार बढ़ती गर्मी के कारण बिजली और पानी की खपत भी तेजी से बढ़ गई है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए एसी, कूलर और पंखों का लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
वहीं पानी की मांग बढ़ने से कई इलाकों में जल संकट जैसी स्थिति बनने लगी है। लोगों को पानी की सप्लाई को लेकर भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में बिजली और पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है।
गर्मी से बचाव के लिए विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।
हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, अधिक पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
विशेषज्ञों ने लोगों से यह भी अपील की है कि वे पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करें ताकि इस भीषण गर्मी में उन्हें राहत मिल सके।

