उत्तर प्रदेश

Kanpur में गैंगस्टर जाहिद उर्फ खूटी की रहस्यमयी हत्या: ऑटो में खून से लथपथ मिला हिस्ट्रीशीटर, पुलिस पर लापरवाही के आरोप से मचा बवाल

Kanpur के कई थानों में दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर जाहिद उर्फ खूटी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। शनिवार देर रात उसका खून से सना शरीर टाटमिल स्थित कृष्णा अस्पताल के पास उसके ऑटो में मिला। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संकेत मिले हैं कि उसकी मौत किसी सड़क हादसे में नहीं बल्कि धारदार हथियार से किए गए हमले के कारण हुई।

घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलते ही घायल को अस्पताल पहुंचाया गया था और मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।


एक ही वार में खत्म हो गई गैंगस्टर की जिंदगी

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार जाहिद के सिर के बाईं ओर किसी धारदार हथियार से गहरा वार किया गया था। चिकित्सकों का कहना है कि चोट इतनी गंभीर थी कि अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और वह कोमा में चला गया। बाद में उसकी मौत हो गई।

डॉक्टरों के अनुसार शव पर केवल एक गंभीर चोट का निशान मिला है। इससे आशंका जताई जा रही है कि हमलावर ने बेहद सटीक और जानलेवा वार किया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमला कहां हुआ और जाहिद घायल अवस्था में अस्पताल के पास तक कैसे पहुंचा।


घटनास्थल नहीं, कहीं और हुई वारदात की आशंका

पुलिस जांच में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह सामने आया है कि जहां ऑटो मिला, वहां संभवतः हत्या नहीं हुई। अधिकारियों का मानना है कि जाहिद पर किसी अन्य स्थान पर हमला किया गया और वह गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद किसी तरह ऑटो चलाते हुए टाटमिल क्षेत्र तक पहुंच गया।

ऑटो की स्थिति और आसपास मिले सुरागों के आधार पर जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमला किस इलाके में हुआ और हमले के बाद उसकी गतिविधियां क्या रहीं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।


कौन था जाहिद उर्फ खूटी? शहर के कई थानों में दर्ज थे 19 मुकदमे

जाहिद उर्फ खूटी का नाम कानपुर पुलिस के रिकॉर्ड में लंबे समय से दर्ज था। वह शहर के कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहा था और उसके खिलाफ चोरी, लूट, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत कुल 19 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

उस पर ग्वालटोली, बादशाहीनाका, बेकनगंज, चमनगंज, कलक्टरगंज, कर्नलगंज, चकेरी, कोतवाली और कोहना समेत विभिन्न थानों में मामले दर्ज थे। पुलिस ने उसे हिस्ट्रीशीटर घोषित कर रखा था और उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 63-ए खोली गई थी।

हालांकि पिछले कुछ समय से वह कथित तौर पर अपराध की दुनिया से दूरी बनाकर ऑटो चलाने का काम कर रहा था। परिवार का दावा है कि वह अपनी आजीविका कमाने में जुटा हुआ था।


पांच महीने पहले शुरू किया था ऑटो चलाना

परिवार के अनुसार जाहिद ने लगभग पांच महीने पहले किस्तों पर ऑटो खरीदा था और शुक्लागंज से घंटाघर रूट पर ऑटो चलाकर परिवार की आर्थिक मदद कर रहा था।

उसके बड़े भाई नदीम ने बताया कि शनिवार दोपहर वह रोज की तरह ऑटो लेकर घर से निकला था। किसी को अंदाजा नहीं था कि रात होते-होते ऐसी दुखद खबर सामने आएगी।

परिवार के मुताबिक देर रात तक उसके घर न लौटने पर परिजनों ने फोन करना शुरू किया। लेकिन मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके कुछ समय बाद उन्हें पुलिस की ओर से सूचना मिली कि जाहिद गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला है।


फोन आया और फिर सामने आया खौफनाक मंजर

परिजनों के अनुसार रात करीब 11 बजे छोटे भाई बाबू ने जाहिद को फोन किया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। करीब आधे घंटे बाद उसके मोबाइल नंबर से फोन आया, जिसमें एक पुलिसकर्मी ने बताया कि युवक घायल हालत में टाटमिल चौराहे के पास मिला है।

सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। वहां पहुंचने पर जो दृश्य उन्होंने देखा, उसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।


परिजनों का आरोप: पुलिस वीडियो बनाती रही, भाई तड़पता रहा

मृतक के भाई-बहनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो जाहिद ऑटो में गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था और उसके शरीर से लगातार खून बह रहा था।

परिजनों का आरोप है कि उस समय पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे लेकिन तत्काल अस्पताल पहुंचाने के बजाय वीडियो बनाने और औपचारिकताएं पूरी करने में लगे थे। उनका दावा है कि घायल काफी देर तक मदद का इंतजार करता रहा।

हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और कहा है कि सूचना मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की गई थी।


एक्सीडेंट या हत्या? परिवार ने उठाए सवाल

घटना के बाद शुरुआती स्तर पर दुर्घटना की आशंका भी जताई गई थी, लेकिन परिवार ने इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया।

परिजनों का कहना है कि ऑटो पर कहीं भी ऐसी क्षति नहीं थी जिससे सड़क हादसे की पुष्टि हो सके। उनका दावा है कि वाहन पर एक खरोंच तक नहीं थी। ऐसे में उन्हें शुरुआत से ही हत्या की आशंका थी।

परिवार का आरोप है कि किसी पुरानी रंजिश या आपसी दुश्मनी के चलते जाहिद पर धारदार हथियार से हमला किया गया।


थाने में हंगामा, पुलिस से तीखी नोकझोंक

जाहिद की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार और समर्थकों में आक्रोश फैल गया। देर रात बड़ी संख्या में लोग रेलबाजार थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।

परिजनों का आरोप था कि पुलिस स्पष्ट जानकारी देने के बजाय लगातार हादसे की बात कहती रही। उनका यह भी कहना था कि जब उन्होंने घटनास्थल और परिस्थितियों के बारे में सवाल पूछे तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।


वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे, जांच तेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता और एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह भी सक्रिय हो गए। अधिकारियों ने रेलबाजार थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


पुरानी रंजिश, गैंगवार या निजी विवाद? कई पहलुओं पर जांच

जाहिद का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। ऐसे में जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं हत्या का संबंध पुराने विवादों, आपराधिक प्रतिद्वंद्विता या किसी निजी रंजिश से तो नहीं है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक के पुराने संपर्कों, हालिया गतिविधियों और मोबाइल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि घटना के पीछे का कारण सामने आने पर हमलावरों तक पहुंचना आसान हो सकता है।


शहर में चर्चा का विषय बनी हत्या

कानपुर में यह घटना तेजी से चर्चा का विषय बन गई है। एक ओर मृतक का आपराधिक रिकॉर्ड लोगों के बीच चर्चा का केंद्र है, वहीं दूसरी ओर उसकी मौत से जुड़े सवाल भी लगातार उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में सार्वजनिक स्थान पर मिला था, तो उसे तत्काल और सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ चिकित्सा सहायता मिलनी चाहिए थी। वहीं कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि आखिर वह घायल अवस्था में अस्पताल के पास तक कैसे पहुंचा।


कानपुर के चर्चित हिस्ट्रीशीटर जाहिद उर्फ खूटी की मौत ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या की ओर इशारा कर रही है, जबकि परिवार पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगा रहा है। अब पूरे मामले की निगाह पुलिस जांच, फोरेंसिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज पर टिकी है। जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जाहिद पर हमला किसने किया, वारदात कहां हुई और घायल अवस्था में वह अस्पताल के पास तक कैसे पहुंचा। इन सवालों के जवाब ही इस सनसनीखेज हत्याकांड की असली तस्वीर सामने लाएंगे।

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