Ajay Devgn की ‘चौहान’ का टीजर विवादों में: क्षत्रिय परिषद ने जताई आपत्ति, संवाद और इतिहास के चित्रण पर उठे सवाल
अभिनेता Ajay Devgn की आगामी फिल्म ‘चौहान’ का टीजर रिलीज होते ही चर्चा और विवाद दोनों का विषय बन गया है। फिल्म के एक संवाद और ऐतिहासिक प्रस्तुति को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। क्षत्रिय परिषद नामक संगठन ने फिल्म के टीजर पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि ऐतिहासिक विरासत और राजपूत पहचान का उपयोग किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या जातीय लामबंदी के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग टीजर की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ ने इसके कुछ दृश्यों और संवादों पर सवाल उठाए हैं।
टीजर के एक संवाद पर शुरू हुआ विवाद
फिल्म ‘चौहान’ का टीजर 25 जून को जारी किया गया था। इसमें अजय देवगन की आवाज में एक संवाद सुनाई देता है—
“पठानों से कह दो, चौहान आ गया है।”
यही संवाद विवाद का मुख्य कारण बना। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे धार्मिक ध्रुवीकरण बढ़ाने वाला बताया, जबकि अन्य दर्शकों ने इसे फिल्म के किरदार और कथानक के संदर्भ में देखने की बात कही।
क्षत्रिय परिषद ने जारी किया बयान
क्षत्रिय परिषद ने अपने बयान में कहा कि भारतीय इतिहास को उसकी जटिलता और वास्तविक संदर्भों के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
संगठन ने कहा कि ‘चौहान’ जैसे राजपूत कुलनाम का उपयोग समकालीन राजनीतिक या सांप्रदायिक विमर्श को प्रभावित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार राजपूत विरासत का सम्मान बनाए रखना आवश्यक है और इसे किसी वैचारिक उद्देश्य से जोड़ना उचित नहीं होगा।
संगठन ने फिल्म निर्माताओं से अपील की कि ऐतिहासिक पहचान का इस्तेमाल इस प्रकार किया जाए जिससे समाज में विभाजन या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
‘राजपूत समुदाय की आवाज का सम्मान होना चाहिए’
अपने बयान में परिषद ने कहा कि मुख्यधारा की सार्वजनिक चर्चाओं और मीडिया में राजपूत समुदाय का प्रतिनिधित्व पहले से सीमित है। ऐसे में किसी राजपूत कुलनाम का उपयोग यदि केवल विवाद या सांप्रदायिक बहस को जन्म देने के लिए किया जाता है, तो इसे गैर-जिम्मेदाराना और असम्मानजनक माना जाएगा।
संगठन ने कहा कि इतिहास को समकालीन राजनीतिक नजरिए से प्रस्तुत करने के बजाय उसके वास्तविक ऐतिहासिक संदर्भों के साथ समझना अधिक उचित होगा।
इतिहास के उदाहरण देकर रखी अपनी बात
क्षत्रिय परिषद ने अपने बयान में कई ऐतिहासिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय इतिहास केवल धार्मिक आधार पर नहीं समझा जा सकता।
संगठन ने कहा कि इतिहास में कई अवसर ऐसे रहे हैं जब राजपूत और पठान विभिन्न परिस्थितियों में एक-दूसरे के साथ मिलकर भी लड़े।
बयान में खानवा के युद्ध में महाराणा सांगा के नेतृत्व में महमूद लोदी की उपस्थिति, हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की सेना में हकीम खान सूर की भूमिका, फरीद खान (बाद में शेरशाह सूरी) और राजा रायसल शेखावत के संबंध तथा प्रथम पानीपत के युद्ध में महाराजा विक्रमादित्य तोमर के लोदी सेना के साथ होने जैसे उदाहरणों का उल्लेख किया गया।
संगठन का कहना है कि ये घटनाएं दर्शाती हैं कि मध्यकालीन राजनीतिक गठबंधन उस समय की परिस्थितियों, शासन व्यवस्था और सैन्य रणनीति पर आधारित थे।
कश्मीर के चित्रण पर भी उठे सवाल
फिल्म के टीजर को लेकर एक अन्य विवाद कश्मीर संघर्ष के चित्रण को लेकर भी सामने आया है।
कुछ लोगों ने टीजर में पैलेट गन के प्रभाव को लेकर दिखाई गई प्रस्तुति पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इस संवेदनशील विषय को अधिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
स्वरा भास्कर ने भी जताई प्रतिक्रिया
अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने कश्मीर में पैलेट गन से प्रभावित एक बच्चे से जुड़ी खबर साझा करते हुए लिखा कि पैलेट गन से होने वाला नुकसान गंभीर होता है और इसे कमतर बताना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यधारा के कश्मीरी समुदाय को पठानों से जोड़कर देखना सही नहीं होगा।
1 अक्टूबर को रिलीज होगी फिल्म
‘चौहान’ का निर्माण जियो स्टूडियोज और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले किया गया है। फिल्म के निर्माता ज्योति देशपांडे, आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा हैं।
फिल्म 1 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। रिलीज से पहले ही टीजर को लेकर शुरू हुई बहस के चलते फिल्म चर्चा के केंद्र में आ गई है।
सोशल मीडिया पर बंटी हुई राय
फिल्म के टीजर पर सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं मिश्रित रही हैं। कुछ लोगों ने टीजर के प्रस्तुतीकरण और संवादों की सराहना की, जबकि कुछ ने इतिहास, सामाजिक संवेदनशीलता और कश्मीर जैसे विषयों के चित्रण को लेकर सवाल उठाए।
फिलहाल फिल्म निर्माताओं की ओर से इस विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

